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शहीदों के सपनों का राज्य बन रहा उत्तराखंडः त्रिवेन्द्र रावत

शहीदों के सपनों का राज्य बन रहा उत्तराखंडः त्रिवेन्द्र रावत

मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की 25वीं बरसी के अवसर पर बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यहां शहीद स्मारक स्थल पर अलग राज्य के आंदोलन में शामिल रहे आंदोलनकारियों के सपनों का राज्य बनाने का दावा करते हुए स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी।


शहीद स्मारक पर संस्कृति विभाग उत्तराखंड के द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि 1994 में अहिंसा के पुजारी की जयंती की पूर्व संध्या पर जब देश हिंसा विरोधी जनजागरुकता में व्यस्त था, उस समय अलग राज्य की मांग करने के लिए अपने घरों से निकलकर दिल्ली के लिए जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ यूपी में रामपुर तिराहा पर बर्बर हिंसा की गयी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विकास के पथ पर आज स्पीड के साथ अग्रसर हो रहा है। हमने राज्य के समावेशी विकास पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद केन्द्र सरकार ने धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल की भांति विकसित करने के लिए राज्य को भरपूर सहयोग दिया। केन्द्र सरकार के सहयोग के कारण ही आज केदारनाथ धाम को स्मार्ट धार्मिक स्थल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में कुर्बानी देने वाले राज्य के शहीदों ने उत्तराखंड के निर्माण में जो सपने देखे जो उनकी आकांक्षायें थी, उनके अनुसार ही सरकार काम कर रही हे। विकास और कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड निर्माण की नींव भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी। आज रामपुर तिराहा कांड से इस आंदोलन को ज्यादा पहचाना जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इसकी शुरूआत यहीं से थी, 1994 में उत्तराखंड को अलग राज्य की आवाज उठी और इस आंदोलन को मजबूती, लेकिन यह आवाज आजादी से पहले से ही उठती रही है। 1937 से यह मांग चलती रही कि पर्वतीय क्षेत्र को अलग किया जाये। अलग राज्य बनने के बाद प्रधानमंत्री रहते हुए अटल जी ने अपनी सरकार में उत्तराखंड को बहुत कुछ देने का काम किया है। उनके और शहीदों के सपनों को भाजपा की मौजूदा सरकारें पूरा करने का काम कर रही हैं। राज्य में विकास के लिए सड़कों को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीड़ के पेड़ पहले यहां एक बड़ी समस्या हुआ करते थे, इनके कारण जंगलों में भयंकर आग लगने की घटनाएं घटित होती थी। लेकिन अब चीड़ की पत्तियों से बिजली व डीजल बनाने की योजना की शुरूआत करते हुए इस समस्या से सरकार ने पार पा ली है। राज्य में लोगों को रोजगार भी मिला है। चीड़ की पत्तियों को खरीदा जा रहा है। औद्योगिक विकास में भी उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और वहां तक जाने के लिए सुभल यातायात व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। केदारनाथ धाम को शत प्रतिशत सुरक्षित बनाने का सपना साकार हो रहा है। इस धाम को स्मार्ट बनाया जा रहा है। 200 करोड रुपए केदारनाथ के विकास पर खर्च हुए हैं और 150 करोड़ रुपये खर्च करने का बजट तैयार कर लिया गया है। उत्तराखंड को बेस्ट फिल्म फ्रेंडली अवार्ड मिलना भी सरकार की उपलब्धि है, यहां पर बाॅलीवुड के लिए अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही राज्य की सड़कों को सुधारा गया है, कनेक्टिविटी को बढाया गया है। सड़कों में सुधार होने के कारण राज्य के पर्यटन स्थलों और धार्मिक पर्यटन के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है। उसको सुलभ यातायात मुहैया हो रहा है। इसी कड़ी में हमारी सरकार ने केन्द्र सरकार से मिलकर रूड़की के लिए नयी ट्रेन की व्यवस्था का प्रयास है। जल्द ही दिल्ली से वाया देवबंद रुड़की तक ट्रेन चलेगी। अभी तक सहारनपुर जाना पड़ता था। यह सेवा जल्द ही शुरू होगी। इससे देहरादून जाने के लिए डेढ़ घंटे का समय बचेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को जल्द न्याय दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने हिंसा के बाद सुबूत मिटाने का काम कराया और इससे कई चुनौतियां सामने आ रही हैं।

उत्तराखंड में शामिल नहीं होंगे यूपी के जिले

मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्पष्ट कर दिया कि यूपी के विभाजन की कोई तैयारी नहीं चल रही हैं। जो खबरे हैं, वह निराधार हैं। यूपी के किसी भी जिले केा उत्तराखंड में शामिल करने का कोई भी विचार हमारी सरकार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की जो भी आकांक्षाएं रहीं हैं, उनको पूरा करना हमारा दायित्व हैं। रामपुर तिराहा कांड एक कलंक है।

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