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महिला का दुस्साहस- ड्रग इंस्पेक्टर को ही थमा दिए नकली रेमडेसीविर इंजेक्शन

महिला का दुस्साहस- ड्रग इंस्पेक्टर को ही थमा दिए नकली रेमडेसीविर इंजेक्शन

रुड़की। महिला ने गजब का साहस बटोरकर ड्रग इंस्पेक्टर को ही रेमडेसीविर के चार नकली इंजेक्शन थमा दिये। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब ड्रग इंस्पेक्टर ने जरूरत पड़ने पर प्राप्त हुए इंजेक्शन एक थाना अध्यक्ष को दे दिए। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसके फरार हुए साथी की तलाश की जा रही है।

दरअसल लड़की के ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र राणा पिछले काफी समय से रेमडेसीविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए इंजेक्शन निर्माता कंपनियों के संपर्क में थे। इसी बीच उनके पास रुड़की के सिविल लाइन निवासी विनीत सिंह की पत्नी कनिका का फोन आया। उसने कहा कि वह ड्रग इंस्पेक्टर को व्यक्तिगत इस्तेमाल और कोरोना से बचाव के लिए रेमडेसीविर इंजेक्शन दिलवा सकती है। ड्रग इंस्पेक्टर को पहले तो महिला की बात पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन महिला बार बार उनसे इंजेक्शन लेने का अनुरोध करती रही। 1 दिन महिला ने एक युवक के जरिए रेमडेसीविर के 4 इंजेक्शन ड्रग इंस्पेक्टर के पास भिजवा दिए। महिला द्वारा भेजे गए रेमडेसीविर के इंजेक्शन अपनी गाड़ी में रखकर ड्रग इंस्पेक्टर विभागीय काम में व्यस्त हो गए। इसी माह की 2 मई को भगवानपुर थाना अध्यक्ष पीडी भट्ट का ड्रग इंस्पेक्टर के पास फोन आया कि उनके एक परिचित को रेमडेसीविर इंजेक्शन की जरूरत है। ड्रग इंस्पेक्टर ने तुरंत अपनी गाड़ी में रखे रेमडेसीविर के इंजेक्शन एस ओ भगवानपुर को भेज दिए। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा भेजे गए रेमडेसीविर के इंजेक्शन पर एसओ को नकली होने का शक हुआ तो उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को थाने आने को कहा। ड्रग इंस्पेक्टर और एसओ द्वारा की गई संयुक्त जांच में इंजेक्शन नकली मिला। इसके बाद इंजेक्शन की बिक्री करने वाली महिला कनिका को पूछताछ के लिए भगवानपुर थाने बुलाया गया। सख्ताई के साथ की गई पूछताछ में उसने बताया कि यह इंजेक्शन पंजाब और हरियाणा से आते हैं। उसने बताया कि वह रेमडेसीविर के इंजेक्शन शाहबा पुत्र सलीम निवासी आजाद नगर यमुनानगर से खरीद कर बेच देती है। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। नकली इंजेक्शनों की आपूर्ति करने वाले महिला के साथी की तलाश की जा रही है।


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