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पहले ग्लेशियर टूटा- अब कांपी धरती- घरों से बाहर निकले लोग

पहले ग्लेशियर टूटा- अब कांपी धरती- घरों से बाहर निकले लोग

देहरादून। उत्तराखंड में हाल ही में हुई जल प्रलय ने जो तबाही मचाई है, उसके निशान अभी तक बाकी है। जल प्रलय से हुई तबाही की अभी तक भरपाई नहीं हो पाई थी, अब भूकंप ने उत्तराखंड को हिलाकर रख दिया। शाम के समय आये भूकंप के कारण लोग डरकर अपने-अपने घरों से बाहर निकल आये।

अभी उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के कारण भारी तबाही मची थी। जहां कई पुल पेड़ के सूखे पत्तों की तरह बह गये थे, वहीं पावर प्लांट भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। बांध को भी जल प्रलय के कारण भारी नुकसान हुआ था। असमय ही लोग मौत का शिकार हो गये थे और सैकड़ों की संख्या में इंसान और भेड़ आदि लापता हो गये थे। आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर कई लोगों की जान बचाई थी। भयानक त्रासदी के निशान आज भी बाकीं हैं। जलप्रलय से आई त्रासदी की भरपाई तो अभी तक हो नहीं पाई थी कि एक बार फिर से उत्तराखंड की धरती कांप उठी। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। अनहोनी की आशंका के चलते क्षेत्र के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आये। भूकंप की तीव्रता 4 मैग्नीट्यूड बताई जा रही है। शाम 4.38 पर आये भूकंप का केन्द्र नेपाल के पास काठमांडू बताया जा रहा है। उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। भूकंप की लिहाज से उत्तराखंड काफी संवेदनशील है। चमोली जिला तो भूकंप की दृष्टि से बहुत ही संवेदनशील माना जाता है।

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