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भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता, दुनिया की कोई ताकत इसे तोड़ नहीं सकती: राजनाथ

भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता, दुनिया की कोई ताकत इसे तोड़ नहीं सकती: राजनाथ

देहरादून। कई विकसित देश कोविड-19 से बुरी तहर प्रभावित हुए हैं। लेकिन मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देना चाहूंगा कि उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति से इस चुनौती को स्वीकार किया। यह बात केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड जन संवाद में जनता को संबोधित करते हुए कहा। अपने वर्चुअल संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए हमारे द्वारा उठाए गए कदमों को न केवल भारत ने, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहा है। वहीं उन्होंने नेपाल से रिश्तों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले श्रद्धालुओं को मानसरोवर जाने के लिए नाथुल पास मार्ग से जाना पड़ता था। यह लंबा रास्ता था लेकिन अब सीमा सड़क संगठन ने लिपुलेख तक एक लिंक मार्ग बना दिया है। जिससे मानसरोवर यात्रा के लिए नया मार्ग गठित हुआ है। यह 80 किमी लंबी सड़क है, जिसे भारतीय क्षेत्र में बनाया गया है। इस मार्ग के प्रति नेपाल को यदि कुछ गलतफहमी हो गई है तो उसे बातचीत से सुलाझाया जाएगा। भारत और नेपाल के बीच असाधारण संबंध हैं। हमारे बीच रोटी बेटी के संबंध हैं और दुनिया की कोई ताकत इसे नहीं तोड़ सकती। सीमाओं पर कोई कितनी ही तारें लगा दे हमारे रिश्ते हमेशा अटूट रहेंगे। कहा कि भारत रक्षा सौदे में आत्मनिर्भर बनेगा। रक्षा उपकरण बनाएगा ही नहीं, निर्यात भी करेगा। 2024 तक रक्षा क्षेत्र में निर्यात पांच मिलियन डॉलर करने का लक्ष्य है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वर्चुअल रैली में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजदू रहे। यह रैली देहरादून आधारित है और गढ़वाल संभाग के लिए है लेकिन इसे पूरे उत्तराखंड व देश विदेश में भी सुना व देखा गया ।

(हिफी न्यूज)

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