एसडीएम जानसठ अनुज मलिक आईएएस ने समझाया शांति समिति का महत्व

एसडीएम जानसठ अनुज मलिक आईएएस ने समझाया शांति समिति का महत्व

मुजफ्फरनगर। अयोध्या के राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला निकट भविष्य में आने जा रहा है। इस फैसले से पहले ही समाज में एक शांति और सद्भाव का माहौल तैयार करने के लिए शासन और प्रशासन दिन रात जुटे हुए हैं। एसएसपी के निर्देशन में जहां जनपद में एसपी से लेकर बीट सिपाही तक क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर साम्प्रदायिक सद्भाव पर जोर दे रहे हैं, तो वहीं जिलाधिकारी के नेतृत्व में एसडीएम व एसडीएम स्तर के अधिकारी भी अपने अपने क्षेत्रों के साथ ही जनपद में अयोध्या के फैसले को सर्वसम्मति से स्वीकार करने के लिए जन जागरण में जुटे हैं। इसी कड़ी में आज जानसठ तहसील की उप जिलाधिकारी 2017 बैच की आईएस अफसर अनुज मलिक ने थाना मीरापुर परिसर में शांति समिति की बैठक ली।

उप जिलाधिकारी जानसठ आईएएस अनुज मलिक ने शांति समिति की बैठक में उपस्थित क्षेत्र के सभी धर्मों और समुदाय के जिम्मेदार लोगों, सभासदों को शांति समिति का महत्व समझाते हुए उनसे अपने नागरिक दायित्वों का निर्वहन एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन का पूरी तरह से स्पष्ट मत है कि जनपद में किसी भी स्तर पर माहौल नहीं बिगड़ने दिया जायेगा। जो कोई भी व्यक्ति भ्रामक प्रचार कर, आपत्तिजनक परिस्थिति पैदा करेगा, उसके साथ कानूनन सख्ती की जायेगी और गंभीर कार्यवाही के साथ ऐसे असामाजिक तत्वों से निपटा जायेगा। एसडीएम जानसठ ने लोगों से अपने क्षेत्रों में सतर्कता बरतने पर जोर देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की टिप्पणी करे या समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तत्काल ही पुलिस को दी जाये। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाह नहीं फैलाने की अपील भी की।

व्यवहारिक और कुशल अधिकारी हैं अनुज मलिक


आईएएस महिला ऑफिसर अनुज मलिक को को उत्तर प्रदेश शासन ने वाराणसी जनपद से मुजफ्फरनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया था। अनुज मलिक ने 11 अक्टूबर 2019 को मुजफ्फरनगर में आमद दर्ज करायी। डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने उनको मुजफ्फरनगर जनपद की सबसे महत्वपूर्ण और पुरानी तहसील जानसठ का उपजिलाधिकारी बनाया। पदभार ग्रहण करने के बाद आईएएस अनुज मलिक ने कहा था, ''क्षेत्र में कानून व्यवस्था बरकरार रखना और लंबित पड़े मामलों का निस्तारण करना प्राथमिकता रहेगी। शासन की योजनाओं का सही क्रियान्वयन कराना और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका लाभ मुहैया कराने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। अनुज मलिक 2017 बैच की आईएएस ऑफिसर हैं। उनकी प्रथम नियुक्ति वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण जनपद में रही हैं और दूसरी पोस्टिंग मुजफ्फरनगर में की गई। अनुज मलिक जानसठ तहसील में गजल भारद्वाज के बाद एसडीएम पद पर तैनात रहने वाली दूसरी आईएएस महिला अफसर हैं। नियमित कड़ी मेहनत और अपने विषयों पर पूर्ण कमांड को सफलता का सूत्र मानने वाली आईएएस अनुज मलिक ने अपने शुरूआती कार्यकाल से ही यह साबित किया है कि वह एक व्यवहारिक और कुशल अधिकारी हैं।

जब अनुज के आने से उड़ी डीएम ट्रांसफर की अफवाह

2017 बैच की आईएएस अनुज मलिक को जब शासन ने अण्डर ट्रेनी अफसर के रूप में वाराणसी से मुजफ्फरनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में भेजा तो उनके यहां आने के आदेश के साथ ही सोशल मीडिया पर यहां डीएम पद पर तैनात सेल्वा कुमारी जे. के ट्रांसफर की अफवाह भी खूब वायरल हुई। शुरूआत में अनुज मलिक को पुरुष आईएएस अफसर बताकर सोशल मीडिया पर सूचना जारी की गयी। अनुज मलिक की मुजफ्फरनगर में नियुक्ति की खबर जब यहां आयी तो डीएम सेल्वा कुमारी जे. के साथ एक विवाद जोरों पर चल रहा था। उन्होंने कलेक्ट्रेट से 24 साल से धरनारत मास्टर विजय सिंह को हटा दिया था, इसको लेकर ही भ्रम हुआ कि शासन ने शायद उनका ट्रांसफर कर आईएएस अनुज मलिक को भेजा है।

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अनुज मलिक पेशे से एक इलेक्ट्रानिक एवं कम्युनिकेशन इंजीनियर है। उन्होंने इन विषयों में बीटेक किया है। बीटेक करने के बाद अपनी माता और पिता की प्रेरणा से वह सिविल सर्विस के एग्जाम 2016 को ब्रेक करने में सफल हो पायी। उनको केवल मेरिट में आने की उम्मीद थी, लेकिन जब रिजल्ट आया तो अनुज मलिक को ही विश्वास नहीं हुआ कि उन्होंने आॅल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की हैं। इस परीक्षा में जनरल स्टडी में अनुज मलिक ने 473 अंक प्राप्त किये जो सभी अभ्यर्थियों में सर्वाधिक रहे। जनरल स्टडी में अनुज मलिक सीएसई-2016 में टाॅपर रहीं। जबकि इस परीक्षा में उन्होंने 50.84 प्रतिशत अंक हासिल किये। अनुज मलिक मूल रूप से हरियाणा राज्य के गोहाना शहर के गांव गामडी की निवासी हैं। उनके पिता जोरावर सिंह मलिक एयर फोर्स में तैनात रहे। खानपुर कलां में कन्या गुरूकुल में आठवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद अनुज मलिक परिवार के साथ दिल्ली जाकर बस गयी थी। वहां उन्होंने एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से 12वीं पास की और प्रोफेशनल डिग्री के लिए भारती विद्या पीठ काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग दिल्ली से बीटेक किया। इंजीनियरिंग उनकी च्वाइस नहीं रही, लेकिन जाॅब सिक्युरिटी के लिए वह बीटेक कर गयी। शुरूआत से ही वह सिविल सर्विस में जाना चाहती थी। बीटेक करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। कोचिंग के साथ-साथ घर पर तैयारी करती। अनुज की सिर्फ एक जिद्द थी कि परीक्षा पास करनी है।

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