उप्र कोऑपरेटिव बैंक में RTGS/NEFT की सुविधा उपलब्ध कराना एक जनोपयोगी प्रयास है : मुख्यमंत्री

उप्र कोऑपरेटिव बैंक में RTGS/NEFT की सुविधा उपलब्ध कराना एक जनोपयोगी प्रयास है : मुख्यमंत्री

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृषि देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों को खुशहाल करके ही हम देश की समृद्धि कर सकते हैं। सहकारिता आन्दोलन जहां-जहां सफल हुआ है, वहां सम्पन्नता आयी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय को दोगुना करने का जो संकल्प लिया है, उस संकल्प को पूरा करने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां छोटी-छोटी जोत है, वहां सहकारिता के माध्यम से ही उन्नति हो सकती है। मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां उप्र कोऑपरेटिव बैंक बैंक लि के अपने आईएफएस कोड (UPCB0000001) के माध्यम से आरटीजीएस/एनईएफटी सुविधा के शुभारम्भ अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि परिवर्तन को स्वीकार करना ही प्रकृति है। तकनीक से जुड़कर ही सहकारिता को गति दी जा सकती है।






उप्र कोऑपरेटिव बैंक द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक की केन्द्रीय भुगतान प्रणाली की सीधी सदस्यता प्राप्त करने के पश्चात यह सुविधा प्रारम्भ की गयी है।






मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र कोऑपरेटिव बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों की कुल 1,287 शाखाओं में आरटीजीएस एवं एनईएफटी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वयं का प्लेटफाॅर्म विकसित करना एक जनोपयोगी प्रयास है। इससे खाताधारकों को गुणवत्तापरक सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रोक्योरमेन्ट पाॅलिसी को अपनाया है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिया जा रहा है। यह लाभ उनके खाते में आरटीजीएस पद्धति से दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसली ऋण माफी में उप्र कोऑपरेटिव बैंक ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है ।


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में उप्र कोऑपरेटिव बैंक ने अच्छा कार्य किया है। वर्तमान सरकार द्वारा काऑपरेटिव तंत्र को मजबूत करने का काम किया जा रहा है।आईएफएस कोड के अस्तित्व में आ जाने से उ0प्र0 को कोऑपरेटिव बैंक को स्वयं के कार्य का क्रेडिट मिलेगा।


प्रमुख सचिव सहकारिता एमवीएस रामी रेड्डी ने कहा कि तकनीक के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं शुचिता का विकास होगा।



उप्र कोऑपरेटिव बैंक लि0 के सभापति तेजवीर सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। ज्ञातव्य है कि प्रदेश में शीर्ष बैंक के रूप में उ0प्र0 कोऑपरेटिव बैंक एवं इसकी 27 शाखाओं तथा केन्द्रीय बैंक के रूप में 50 जिला सहकारी बैंकों की 1,260 शाखाओं, कुल 1287 शाखाओं के माध्यम से कृषि एवं सहवर्ती क्रियाकलापों के लिए अल्प व मध्यकालीन ऋण प्रदान किया जा रहा है। राज्य के 16.88 लाख कृषकों को 'रूपे किसान क्रेडिट कार्ड' वितरित किए गए हैं। वर्ष 2018-19 में प्रदेश के किसानों को 5,163 करोड़ रुपए से अधिक का अल्पकालीन ऋण तथा 33.71 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया गया है।


'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना के अन्तर्गत 02 लाख 19 हजार 626 किसानों के खाते में 51.39 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। उप्र काऑपरेटिव बैंक
वर्ष 2014 से आईसीआईसीआई बैंक की स्पाॅन्सरशिप अर्थात इनडायरेक्ट मेम्बरशिप के माध्यम से ग्राहकों को आरटीजीएस/एनईएफटी0 की सुविधा उपलब्ध करा रहा था।


इस अवसर पर आयुक्त एवं निबन्धक सहकारिता एसवीएस रंगाराव, प्रबन्ध निदेशक उप्र कोऑपरेटिव बैंक भूपेन्द्र कुमार, अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धक (बैंकिंग) अन्द्रा वामसी सहित उप्र कोऑपरेटिव बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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