रोडवेज एमडी राज शेखर का एक माहः 145 छापे, 826 वाहन सीज, 129 चालान व 635.96 लाख वसूले

रोडवेज एमडी राज शेखर का एक माहः 145 छापे, 826 वाहन सीज, 129 चालान व 635.96 लाख वसूले

लखनऊ। यात्रियों की सुरक्षा और उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) और सरकार के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करने के दोहरे उद्देश्य के साथ अवैध बसों के खिलाफ एक यूपीएससीटीसी और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में डग्गामारी की संभावना वाले स्थानों की पहचान करके उनके खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया। यूपीएसआरटीसी और ट्रैफिक पुलिस द्वारा जुलाई में डग्गामार वाहनों के खिलाफ चलाये गये संयुक्त अभियान के तहत राज्य में 145 स्थानों पर छापामारी की गई, जिसमें कुल 826 डग्गामार वाहन सीज किए गये और 129 वाहनों का चालान करके 6 35.96 लाख शमन शुल्क वसूल किया गया।


उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के प्रबन्ध निदेशक राज शेखर ने बताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ आयोजित इस विशेष अभियान में अयोध्या, कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद व मुरादाबाद में अफसरों ने बेहतर प्रदर्शन करके टाॅप फाईव पर रहे, जबकी झांसी, मिर्जापुर, बस्ती व सहारनपुर का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। प्रबन्ध् निदेशक ने बताया कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले आरएम, एआरएम, आरटीओ व ट्रैफिक पुलिस अफसरों को सराहनीय कार्य के लिए प्रशंसा पत्र जारी किया गया है और इस अभियान में खराब प्रदर्शन करने वाले आरएम, एआरएम, आरटीओ व ट्रैफिक पुलिस अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक राज शेखर ने सभी आरएम और एआरएम को संभावित संभावित डग्गामार वाहन मार्गों की पहचान करके आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की मदद से उनके खिलाफ मासिक रूप से अभियान चलाकर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। प्रबन्ध निदेशक ने अवैध बसों के खिलाफ कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो भी यूपीएसआरटीसी मुख्यालय को नियमित आधार पर भेजने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम का मुख्यालय मासिक आधार पर इस प्रदर्शन की निगरानी कर रहा है।

जानकारों के अनुसार उत्तर प्रदेश में डग्गामारी उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के लिए एक खतरा बनता जा रहा है। डग्गामारी के कारण सरकार और यूपीएसआरटीसी को राजस्व की काफी हानि हो रही है। इसके साथ ही ज्यादातर डग्गामार वाहन सीटिंग कैपेसिटी और रूट नॉर्म्स के मानदंडों का भी पालन नहीं करतें और कई मामलों में डग्गामार वाहनों की फिटनेस का नहीं होना भी पाया जा चुका है।

ज्ञात हो कि पदभार ग्रहण करते ही यूपीएसआरटीसी के प्रबन्ध निदेशक डा.राज शेखर ने कहा था कि परिवहन निगम को यात्रियों को एक बेहतर सेवा देने वाले निगम के रूप में विकसित किया जायेगा। यात्रियों की सुरक्षा, बेहतर सुविधाओं और सुगम यातायात निगम की प्राथमिकता में होगा। निगम की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए यात्रियों से फीडबैक भी लिया जायेगा। यात्रियों को आसानी से सुविधाएं मुहैया करने के लिए पब्लिक रीच पॉलिसी लागू की जायेगी। उन्होंने बसोें की फिटनेस, रनिंग कंडीशन, सर्विसिंग, चालकों-परिचालकों के प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण पर जोर दिया था। डा.राज शेखर ने संकेत दिये थे कि अन्य राज्योें के परिवहन निगम के बेस्ट प्रैक्टिसेज को भी लागू किया जायेगा। रोडवेज के एमडी डा.राज शेखर ने अधिकारियों व कर्मचारियों के सेवा हितों को ध्यान में रखकर इनकी सर्विस कंडीशन को बेहतर बनाने, निगम की सेवाओं में सुधार के लिये इनफॉरमेशन तकनीकि और ई-गवनेन्स पर जोर देने के साथ ही यात्री सेवाओं में सुधार के लिए फीडबैक, कॉल सेन्टर, बेवसाइट और मोबाइल ऐप का प्रयोग कर सुझावों पर कार्यवाही करने सहित बसों की स्थिति जानने के लिए रियल टाइम लोकेशन के साथ कार्य करने तथा किसी भी स्थिति में गडबड़ी पर जिम्मेदार कार्मिक की जवाबदेही भी तय करने के निर्देश दिये थे।

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