आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, मेरठ, झाॅंसी एवं गोरखपुर मेडिकल कालेज में डायलिसिस यूनिट को सुदृढ़ करे -डा0 रजनीश दुबे

आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, मेरठ, झाॅंसी एवं गोरखपुर मेडिकल कालेज में डायलिसिस यूनिट को सुदृढ़ करे   -डा0 रजनीश दुबे

लखनऊ, प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग डा0 रजनीश दुबे ने कहा है कि आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, मेरठ, झाॅंसी एवं गोरखपुर मेडिकल कालेज में डायलिसिस यूनिट को सुदृढ़ किया जाये। उन्होंने किडनी से सम्बन्धित रोगियों की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुये फरवरी, 2018 तक इन मेडिकल कालेजों में 500 डायलिसिस प्रतिमाह करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। इसके साथ ही नव स्थापित मेडिकल कालेज, अम्बेडकरनगर, कन्नौज, जालौन (उरई), आजमगढ़, सहारनपुर, बाॅंदा एवं बदायॅूं में 01-01 डायलिसिस मशीन अविलम्ब स्थापित कर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करायी जाये।
प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग डा0 रजनीश दुबे ने बापू भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्यों तथा कानपुर स्थित हृदय रोग संस्थान एवं जे0के0 कैंसर संस्थान के निदेशकों के साथ राजकीय मेडिकल कालेजों में दी जाने वाली चिकित्सीय एवं विशिष्ट चिकित्सीय सुविधाओं को बढ़ाने, एम0सी0आई0 द्वारा पूर्व में किये गये निरीक्षणों की रिपोर्ट तथा अन्य आधारभूत व क्रिटिकल सुविधाओं के सम्बन्ध में समीक्षा कर रहे थे।
प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग डा0 रजनीश दुबे ने चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुये एम0सी0आई0 मानकों के अनुरूप अतिरिक्त पदों के सृजन के प्रस्ताव तैयार कराने एवं इस माह के द्वितीय सप्ताह में अर्ह चिकित्सा शिक्षकों की पदोन्नति किये जाने का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये। चिकित्सा शिक्षकों के अवशेष रिक्त पदों को भरे जाने हेतु 01 सप्ताह में अधियाचन भेजने की कार्यवाही की जाए। पैरा मेडिकल स्टाफ (नर्स एवं टैक्नीशियन) के रिक्त पदों पर जब तक नियमित नियुक्ति नहीं होती है, तब तक आउटसोर्सिंग द्वारा भर्ती की जाए।
प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग डा0 रजनीश दुबे ने निर्देश दिये कि 01 माह में अर्ह स्टाफ नर्स की पदोन्नति की कार्यवाही पूर्ण कर ली जाये। सभी मेडिकल कालेजों में ब्लड बैंक की व्यवस्था सुदृढ़ करते हुये हीमोविजिलेंस कमेटी के गठन करने के भी उन्होंने निर्देश दिये। पूर्व से स्थापित मेडिकल कालेजों में प्रत्येक में 05 सामान्य एम्बुलेंस एवं 01 जीवनरक्षक एम्बुलेंस तथा नवस्थापित मेडिकल कालेजों में प्रत्येक में 02 सामान्य एम्बुलेंस उपलब्ध करायी जाये। सभी मेडिकल कालेजों के छात्रावास, एकेडमिक ब्लाक एवं पुस्तकालय परिसर में निःशुल्क वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराने का भी बैठक में निर्णय लिया गया।
प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग डा0 रजनीश दुबे ने कहा कि आक्सीजन गैस को निर्बाध रूप से सभी मेडिकल कालेजों के चिकित्सालयों में मानक निर्धारित करते हुये ई-टेण्डर द्वारा 28 फरवरी, 2018 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। लिक्विड मेडिकल आक्सीजन के साथ-साथ गैसियस आक्सीजन का भी प्राविधान किया गया है। उन्होंने भविष्य में होने वाली किसी भी इलेक्ट्रिक एवं फायर से सम्बन्धित दुर्घटना को रोकने के लिये इलेक्ट्रिक एवं फायर आडिट कराते हुये विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं से इन दोनों क्षेत्रों में कमियों को पूरा करने हेतु कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने मेडिकल कालेजों में उपलब्ध सभी उपकरणों की ए0एम0सी0 एवं सी0एम0सी0 सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक मेडिकल कालेज में अमृत फार्मेसी खोलने के लिये एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार कराने के भी निर्देश दिये।
समीक्षा बैठक में विशेष सचिव, चिकित्सा शिक्षा शमीम अहमद खान तथा जयंत नार्लिकर, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण डा0 के0के0 गुप्ता, अपर निदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण डा0 जी0के0 अनेजा एवं अन्य विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।

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