जल्द मज़लूमों के लिए उनका अपना राजनीतिक मंच तैयार किया जाएगा : फैसल लाला

जल्द मज़लूमों के लिए उनका अपना राजनीतिक मंच तैयार किया जाएगा : फैसल लाला

यतीमों को वहीं बसाएंगे जहां से उन्हें उजाड़ा गया था।

दुनिया के लिए फ़िरऔन और रामपुर के लिए आज़म इबारत का मक़ाम है।


रामपुर । फैसल खान लाला ने यतीमखाना में जलसे को ख़िताब करते हुए आज़म पर ज़ोरदार हमला बोला उन्होंने आज़म की सरकार के ज़माने के ज़ुल्मों की एक वीडियो स्क्रीन पर चलाई जिसके बाद वहां मौजूद आवाम भावुक हो गई।






फैसल लाला ने मंच से उतार कर सीधे जनता के बीच पहुँचकर लोगों से सवाल किए जिसके बाद एक-एक करके कई मज़लूमों ने अपना दर्द बयां किया तो आज़म के ज़ुल्मों को सुनकर वहां मौजूद लोगों के आंसू निकल आए।


फैसल लाला ने कहा कि मैं कई सालों से मज़लूमों की लड़ाई लड़ रहा हूँ और उनको इंसाफ दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा हूँ, कहा मेरे साथ सिर्फ अल्लाह और मज़लूमों की दुआएं हैं उसके अलाव कुछ नही है, मैं तन्हा हूँ और अब तो मज़लूमों की लड़ाई लड़ने पर मेरी पार्टी कांग्रेस ने भी मुझे निकाल दिया है, पता नही किस चौराहे पर मुझे गोली मार दी जाए लेकिन मेरे मरने के बाद भी यह लड़ाई रूकेगी नही जारी रहेगी, अल्लाह ने दुनिया के लिए फ़िरऔन और रामपुर के लोगो के लिए आज़म को इबारत का मक़ाम बनाया है, अब कोई ज़ालिम मज़लूमों पर राज नही करेगा, पहले बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा खाया अब तालीम के नाम पर हज़ारों करोड़ का चंदा खा गए ।






तालीम की आड़ में अपनी नस्लों के लिए जो कारोबार चला रहे हैं अब उसका हिसाब देने का वक्त आ गया है, बकरी और भैंस आज़म सहाब की नज़र में बहुत छोटी चीज़ हो सकती है लेकिन जिस ग़रीब का गुज़ारा ही बकरी और भैंस पालकर चलता हो उसके लिए बकरी और भैंस उसकी पूरी ज़िंदगी है। इसलिए आपको अब गरीबो की लूटी हुई बकरियां और भैंसे वापस करना होंगी, फैसल लाला ने कहा कि इंशाअल्ला एक महीने के अंदर यतीमों को वंही बसाया जाएगा जहां से उन्हें उजाड़ा गया था। बहुत जल्द बंद पड़ी फैक्ट्रीयों को चलाने के लिए एक मुहीम शुरू की जाएगी जिसके बाद किसी नौजवान को विदेशों में जाकर नौकरी नही करना पड़ेगी।






फैसल लाला ने कहा जल्द मज़लूमों के लिए एक राजनीतिक मंच तैयार किया जाएगा जिसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश के मज़लूमो की लड़ाई को और मज़बूती से लड़ा जाएगा।


Top