अनंतदेव के फैसले से जगी नवाब को इन्साफ की उम्मीद, मुकदमा हुआ दर्ज

अनंतदेव के फैसले से जगी नवाब को इन्साफ की उम्मीद, मुकदमा हुआ दर्ज

मुज़फ्फरनगर : मुज़फ्फरनगर के एसएसपी अनंतदेव तिवारी फर्जी नामज़दगी , झूठे मुकदमो के विरोधी तो है ही इसके साथ साथ वह पीडितो को इन्साफ दिलाने के लिए भी प्रयासरत है इसी कड़ी में उन्होंने आज 6 महीने से अपने परिवार के साथ इन्साफ की दुहाई लेकर नवाब कुरैशी जो लखनऊ तक घूम आया मगर उसे न्याय की उम्मीद जगी कल जब उसने पूरी बात बताई एसएसपी अनंतदेव को, उसकी बात सुनकर एसएसपी अनंतदेव ने चरथावल पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए है अब चरथावल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है


चरथावल निवासी नवाब कुरैशी के मुताबिक दिनांक 28.06.2017 को समय करीब डेढ़ बजे दिन में मुरसलीन उर्फ मुन्ना अपनी मोटरसाईकिल पर सवार होकर प्रार्थी की गली से जा रहा था, रास्ते में नवाब कुरैशी का पारिवारिक भाई अमजद खड़ा हुआ था, मुरसलीन उर्फ मुन्ना पुरानी रंजिश के चलते अमजद को मोटरसाईकिल की टक्कर मार दी। दोनों के बीच उस बात को लेकर गाली-गलौच व मारपीट हो गयी। अमजद ने शोर मचाया तो मुरसलीन उर्फ मुन्ना वहां से भाग लिया और नवाब कुरैशी के परिवार के प्रवेज के घर में घुसकर उसके साथ गाली-गलौच मारपीट करते हुए जीने से चढ़कर प्रवेज के बराबर में रहने वाले अंसारियों के मकान से निकलकर भाग गया। मुरसलीन उर्फ मुन्ना ने अपने घर जाकर प्रवेज से झगड़ा होने की सूचना दी जो नवाब कुरैशी की गली के आखिर में रहने वाले मुरसलीन उर्फ मुन्ना के भाई मेहरबान, गुलफाम उर्फ काला सभासद, आदि तमंचों, लाठी व डण्डो से लैस होकर नवाब कुरैशी एवं नवाब कुरैशी के पारिवारिक लोगों के मकानों पर हमला बोलने की नियत से शोर मचाते हुए आने लगे। शोर सुनकर बराबर वाली गली में रहने वाले उनके परिवार के रियासत पुत्र सदूल ने अपने मकान के बाहर आकर गली में खडे होकर अपने परिवार के लोगों को रोकने की हाथ उठाकर कोशिश की, इतने में बीच सडक में गुलफाम उर्फ काला सभासद ने नवाब कुरैशी के परिवार के प्रवेज को निशाना बनाते हुए जान से मारने की नियत से अपने हाथ में लिये तमंचे से गोली चलाई तो वह रियासत पुत्र सदूल के हाथ में लगी। रियासत के गोली लगने के बाद उपरोक्त हमलावरों द्वारा एकजुट होकर नवाब कुरैशी के घर व अनवार पुत्र अय्यूब, उस्मान पुत्र यामीन के घरों पर हमला बोल दिया। नवाब कुरैशी के परिवार के लोगों ने अपने मकान के दरवाजे बंद कर लिये तथानवाब कुरैशी की पत्नि नुजहत ने अपने मोबाईल नम्बर 8865829175 से 100 डायल पर फोन कर अपने घरों पर काला सभासद व अन्य लोगों द्वारा हमला करने की सूचना पुलिस को दी, तब तक काला सभासद व उपरोक्त लोग नवाब कुरैशी के घर में घुस गये और दरवाजे पर धक्का-मुक्की करते हुए नवाब कुरैशी की पत्नि व पिता से गाली-गलौच करते हुए मारपीट की तथा घर में रखे सामान को तोड़ दिया तथा कई लोग अनवार के बराबर की छत से अनवार के घर में घुसे तथा घर में मौजूद उसकी बेवा पत्नि भूरी व बच्चों के साथ गाली-गलौच करते हुए मारपीट करने लगे तथा नवाब कुरैशी की पत्नि नुजहत के मोबाईल नम्बर 8865829175 पर दरोगा के मोबाईल नम्बर 7311152210 से फोन आया कि तुमने 100 नम्बर पर फोन किया था, क्या घटना है? तब पुलिस आई तो गुलफाम उर्फ काला सभासद, क्योंकि वह राजनीतिक व्यक्ति है पुलिस पर दबाव बनाने के लिए अपने भाई मुरसलीन उर्फ मुन्ना जिससे अमजद का झगड़ा हुआ था, उस मुरसलीन उर्फ मुन्ना को वहां से गायब कर दिया और पुलिस को मुन्ना के अपहरण की झूठी सूचना दी। गुलफाम उर्फ काला सभासद व उसके परिजनों ने स्वयं ही मुरसलीन उर्फ मुन्ना को बंधक बनाकर इसलिये गायब किया हुआ था ताकि वह नवाब कुरैशी के परिजनों को अपहरण के झूठे मुकदमें में जेल भेज सके। जब अपहरण का मुकदमा पुलिस ने दर्ज कर लिया तब गुलफाम उर्फ काला सभासद व उसके परिजनों ने मुरसलीन उर्फ मुन्ना को दिनांक 29.06.2017 को कस्बे की ईदगाह के पास हाथ पैर बांधकर डाल दिया और पुलिस को उसके मिलने की सूचना दिला दी। जिस पर पुलिस वहां गई और उसे अपने साथ थाने ले आई। नवाब कुरैशी के परिवार के लोग मुरसलीन उर्फ मुन्ना का अपहरण करते तो उसके शरीर पर मारपीट के निशान भी होने चाहिये थे, लेकिन मैडिकल रिपोर्ट में मुरसलीन उर्फ मुन्ना के शरीर पर चोट का कोई भी निशान नही पाया गया था


उसके बाद शुरू हुआ पुलिस का खेल, पुलिस ने अपने विभाग के एक समकक्ष पुलिसमेंन जो इस झगडे में शामिल एक पूर्व सभासद के हिमायती के खास है के बलबूते नवाब के परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया इस मुकदमे में पुलिस ने यह जानते हुए भी की मुन्ना का अपहरण नहीं हुआ है फिर भी चाँदी के जूतों की चमक से अपहरण की धारा भी लिख दी नवाब ने अगले दिन एसएसपी अनंतदेव को एप्लिकेशन देकर इन्साफ की दुहाई लगाईं जिस पर एसएसपी ने तत्कालीन सीओ सदर शिवराज सिंह को जांच कर न्याय दिलाने के लिए कहा एसएसपी के आदेश पर सीओ शिवराज ने जांच की तो पाया की इस मुकदमे में नामजद दो लोग तो एक कार शोरूम में मौजूद है और cctv कैमरे में कैद है इसके साथ ही सीओ ने दोनों तरफ से गोली चलने और काला सभासद पक्ष को नवाब पक्ष पर हमलावर भी बताया था सीओ की रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही होती इससे पहले ही शिवराज सिंह का झाँसी ट्रांसफर हो गया इस बीच नवाब ने लखनऊ जाकर शासन के आला अफसरों से अपने साथ न्याय की गुहार लगाईं जिस पर एडीजीपी आनंद कुमार और आईजी लोक शिकायत विजय सिंह मीना के आदेश के बाद इस ,मामले की जांच डीजीपी मुख्यालय के शिकायत प्रकोष्ट से कराइ गयी जांच टीम के मुज़फ्फरनगर आते ही चरथावल पुलिस ने आनन फानन में इस मुकदमे से कई धाराएँ और दो झूठी नामजदगी हटा दी : जांच टीम ने पाया की गुलफाम पक्ष भी हमलावर रहा है और दोनों तरफ से फायरिंग हुई है तथा रियासत के गोली किस पक्ष की लगी यह भी स्पष्ट नहीं है क्यूंकि रियासत के हाथ में गोली पीछे की तरफ से लगी है जांच टीम ने गुलफाम पक्ष को नवाब पक्ष पर हमलावर भी माना इस जाच रिपोर्ट के मिलने के बाद इस मुकदमे की विवेचना एसएसपी अनंतदेव ने क्राइम ब्रांच को सौंप दी इसके बाद नवाब ने एसएसपी अनंतदेव तिवारी से मिलकर अपना पक्ष रखा नवाब की बात सुनकर एसएसपी को लगा की नवाब के साथ नाइंसाफी हुई है उन्होंने मुकदमा दर्ज करा दिया है

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