बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को रेस्क्यू कर निकाला सुरक्षित

बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को रेस्क्यू कर निकाला सुरक्षित

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर मजरकटा से चिखली मार्ग में आज बाढ़ में फंसे दो ग्रामीणों को आपदा प्रबंधन के तहत रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला है।

पिछले 6 घंटे से पेड़ के सहारे फंसे ग्रामीण धनुराम निषाद और कामताराम निषाद को आखिरकार रेस्क्यू कर लिया गया है। बाढ़ की आपदा का सामना कर दोपहर एक बजे बाहर निकले हैं। यहां की पैरी नदी सहित नाले उफान पर है। मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है, जिसके चलते अनेक तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया है।

गत 10 वर्षों बाद ऐसी बाढ़ की स्थिति गरियाबंद क्षेत्र में देखने को मिली है। मूसलाधार बारिश ने अपना असर दिखाया। ग्राम मजरकट्टा के दो ग्रामीण फंसे थे। निकालने के बाद राहत की सांस ली है। ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे। बताया जाता है कि धनुराम निषाद और कामता राम निषाद आज सुबह ही खेत देखने गए थे। इसी दौरान बाढ़ के चपेट में आ गए। दोनों लोग बाढ़ के पानी के कारण गांव तक नहीं आ पा रहे थे।

जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को खबर देने के बाद रेस्क्यू टीम भेजी गई। मौके पर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर और पुलिस प्रशासन के लोग पहुंचे थे। इधर गरियाबंद जिला मुख्यालय टापू बन गया है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्र बाढ़ से घिर गए हैं। वहीं, राजधानी मार्ग का भी संपर्क टूट गया है। पनतोरा एनएच मार्ग में पैरी सोढूंल नदी उफान में होने के कारण सड़क में बाढ़ का पानी बह रहा है, जिसकी वजह से आज सुबह से अब तक यातायात प्रभावित है। गरियाबंद से छुरा मार्ग में बंद हो गया है।

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