शिमला, कुल्लू व मंडी को जोड़ने वाले लूहरी पुल को ठीक करने की मांग

शिमला, कुल्लू व मंडी को जोड़ने वाले लूहरी पुल को ठीक करने की मांग

(हितेन्द्र शर्मा) कुमारसैन, शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू व मंडी तीन जिलों जोड़ने वाला सतलुज नदी पर निर्मित लूहरी पुल जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और सम्बन्धित अफसरों की लापरवाही के चलते आज बदहाली के दौर से गुजर रहा है।


बता दें कि सतलुज नदी पर बना यह पुल वर्ष 2000 की भंयकर बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शिमला, कुल्लू व मंडी को आपस में जोड़ने वाले इस पुल का जीर्णोद्धार करने के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किये गये।

सूत्रों की मानें तो सतलुज नदी पर बने इस लूहरी पुल की क्षमता 9 टन तक की है, लेकिन फल एंव सब्जी मंडी से 20 टन से अधिक भार वाले वाहन पुल पर से निरन्तर निकाले जा रहे हैं। सैंज से लूहरी तक यह मार्ग राष्ट्रीय उच्च मार्ग 305 हैं, जिसे वर्तमान में कागजी एनएच कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। सड़क की दुर्दशा का अंदाजा प्रतिदिन दो से तीन घंटों तक लगने वाले ट्रैफिक जाम से लगाया जा सकता है। रोज-रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम के दौरान भारी-भरकम वाहन पुल के ऊपर घंटों खड़े रहते हैं, लेकिन अफसर हैं कि जानबूझ कर आखें मूंदे बैठे हैं, शायद किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं।

जानकारों की मानें तो सतलुज नदी से लगे इस मार्ग पर दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है, लेकिन लापरवाह प्रशासन तकनीकी खामियों को नजरअंदाज करके मूकदर्शक बन हुआ है। और तो और प्रशासन द्वारा वाहनों की भार क्षमता तक की चेतावनी नहीं लिखा जाना आश्चर्यजनक है, जबकि अधिकतम 9 टन भार क्षमता सहने वाले लूहरी पुल पर 20 टन से भी अधिक भार वाले वाहनों ट्रालों की आवाजाही बड़ी दुर्घटनाओं का संकेत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उपमंडल आनी व उपमंडल कुमारसैन के प्रशासन सहित राष्ट्रीय उच्च मार्ग 305 की लापरवाही बड़ी दुर्घटना को खुला निमंत्रण है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार लोगों द्वारा पुल को ठीक करने के बजाये सिर्फ खामियों को ढकने की कोशिशें की गयी है।

क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों ने स्थानीय प्रशासन सहित जिम्मेदार लोगों से आग्रह किया है कि इससे पहले कि सम्पर्क पुल क्षतिग्रस्त हो और लोग किसी अनहोनी का शिकार हो जायें, इस राष्ट्रीय उच्च मार्ग 305 पर स्थित इस लूहरी पुल की जल्द से जल्द मरम्मत करा दी जाये। उन्होंने पुल की मरम्मत होने तक पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक लगाने सहित इससे सम्बन्धित चेतावनी वाला बोर्ड भी लगाने की मांग की है।

epmty
epmty
Top