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हिमाचल प्रदेश के चंबा में 48 घंटे में 6 बार कांपी धरती

हिमाचल प्रदेश के चंबा में 48 घंटे में 6 बार कांपी धरती

चंबा। अक्सर भूकंप का दंश झेलने वाले हिमाचल के चंबा जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। चम्बा में आने वाले भूकंप तीव्रता हालांकि ज्यादा नहीं रहती है, इसलिए अक्सर जानमाल का कोई नुकसान नहीं होता है। भूकंप संभावित क्षेत्रों में हिमाचल जोन-4 और पांच में आता रहता है। चंबा की पुलिस अधीक्षक मोनिका भुटुंगुरु ने बताया कि जान माल की क्षति की कोई सूचना नहीं है। लगातार आए भूकंप के इन झटकों के बाद से प्रशासन भी अलर्ट हो गया है और किसी भी तरह की घटना से निपटने के लिए तैयार है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार आठ सितम्बर रविवार को चंबा जिले में सुबह-सुबह लगातार दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का पहला झटका सुबह 5.30 बजे महसूस किया गया था, इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 थी। इस झटके का केंद्र चंबा था। इसके लगभग ढाई घंटे बाद ही दूसरा झटका सुबह 8.04 पर महसूस किया गया। दूसरा झटका पहले से ज्यादा तेज था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.9 मापी गई और इसका केंद्र जम्मू-कश्मीर और चंबा की सीमा थी। चंबा में ढाई घंटे के अंदर लगे भूकंप के दो-दो झटकों से लोग दहशत में हैं और झटके महसूस करते ही वे अपने-अपने घरों से बाहर खुले में निकल गए। हालांकि कुछ देर बाद लोग फिर अपने-अपने घरों के अंदर चले गए, लेकिन अभी वे डरे हुए है। जानकारों के अनुसार चंबा में बीते सोमवार को 24 घंटे में 5वीं बार भूकंप आया है।

शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि भूकंप बीते दिवस सोमवार दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से लेकर रात नौ बजकर 27 मिनट के बीच महसूस हुए हैं और उनकी तीव्रता 2.7 से लेकर 5 के बीच थी। भूकंप का पहला झटका दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 5.0 थी। दूसरा झटका दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 3.2 दर्ज की गई और तीसरा झटका दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर आया जिसकी तीव्रता 2.7 थी। उन्होंने बताया कि रात नौ बजकर 27 मिनट पर महसूस हुए चौथे झटके की तीव्रता 3.2 थी। उनके अनुसार पहले तीन झटकों का केंद्र हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर सीमा पर उत्तर-पूर्व में जमीन से पांच किलोमीटर की गहराई में स्थित था, जबकि चौथे झटके का केन्द्र 10 किलोमीटर की गहराई में था।

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