अराजपत्रित पुलिसकर्मियों की समस्याओं से सीएम को अवगत कराया

अराजपत्रित पुलिसकर्मियों की समस्याओं से सीएम को अवगत कराया

लखनऊ। 23वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद के पंकज कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पीएसी के अराजपत्रित कर्मचारियों की समस्याओं को अवगत कराते हुए उनके निराकरण कराने की गुहार लगायी है।



मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पंकज कुमार ने कहा है कि पूर्व पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने पुलिस कर्मियों का वेतन ग्रेड पे छठवें वेतन आयोग के आधार पर फिक्स करने का जो सुझाव सरकार को दिया था, उस पर अभी तक कोई विचार नहीं किया गया है। पत्र में सीएम से अनुरोध किया गया है कि पीएसी के अराजपत्रित कर्मचारियों को छठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का यथाशीघ्र लागू किया जाये। उन्होंने उत्तर प्रदेश में लागू बार्डर स्कीम को समाप्त करने की मांग करते हुए अवगत कराया है कि यह स्कीम वेतन निर्धारण से भी ज्यादा घातक है। इसके चलते पुलिस विभाग के कर्मचारी आत्महत्या तक कर चुके हैं। उन्होंने पत्र में बताया है कि बार्डर योजना केवल उत्तर प्रदेश में ही लागू है, इसके अलावा किसी भी अन्य राज्य में इसे लागू नहीं किया गया है, इसलिए कर्मचारियों की नियुक्ति में बार्डर स्कीम को समाप्त किया जाये।



पंकज ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि उन्हें भी केंटीन से सेना की तरह सस्ती दर पर सामान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। पत्र में अवगत कराया गया है कि सीएसडी की तर्ज पर पुलिस विभाग के लिए भी कैन्टिन खुली हुई है, लेकिन वहां सेना की कैन्टिन की तरह उतनी सस्ती दरों पर सामान नहीं मिलता है। पत्र में पुलिसकर्मियों को मिलने वाले पौष्टिक आहार भत्ते को 1500 मासिक से बढ़ाकर 4000 रूपये प्रतिमाह करने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों को पुलिसिंग के लिए मिलने वाले 200 रूपये प्रतिमाह साइकिल भत्ते को बढ़ाकर 2500 रूपये प्रतिमाह करने की मांग की गयी है। पत्र में कहा गया है कि बदले परिदृश्य में साईकिल से पुलिसिंग करना सम्भव नहीं है, इसलिए पुलिसिंग के लिए मोटरसाईकिल भत्ता 2500 रूपये प्रतिमाह दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों को प्रतिवर्ष वर्दी के लिए मिलने वाले तीन हजार रूपये भत्ते को कम बताते हुए इसे दस हजार रूपये प्रतिवर्ष किया जाना चाहिए। पंकज कुमार ने सीएम से उपरोक्त सभी मांगों के विषय में आदेश करने की गुहार लगायी है, जिससे पुलिसकर्मी और अधिक मनोयोग से कार्य को अंजाम दे सकें।

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