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सिंचाई विभाग के 6 माह के कार्यकाल पर विभाग द्वारा लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय एवं कार्य

सिंचाई विभाग के 6 माह के कार्यकाल पर विभाग द्वारा लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय एवं  कार्य

लखनऊ । रामगंगा बांध कालागढ़ में टनल टी-1 एवं टी-2 में गत वर्षो से खराब बटर फलाई वाल्ब एवं सिलेण्ड्रीकल गेट की मरम्मत कराई गई एवं बांध के 350.13 मीटर लेविल तक पानी भरा चा चुका है। बांध का एफ0आर0एल0 365.30 मीटर है। बांध उपयोगी क्षमता का लगभग 55.00 प्रतिशत भर चुका है, जनपद पौड़ी में रामगंगा एवं सैंडिल बांध को पूर्णतः स्वचालित कराया गया, विभाग में चालू नहर प्रणाली सृजित सिंचन क्षमता व प्राप्त सिंचन क्षमता के गैप को कम करने हेतु माइक्रो, ड्रिप/स्प्रिकंलर सिंचाई को प्रोत्साहन देने तथा गूलो आदि के विकास कार्य हेतु योजनाएं बनाई गई है, पंजीकृत दागी फर्मों एवं आपराधिक प्रवृत्ति के ठेकेदारों का पंजीयन समाप्त कर अच्छी, साफ-सुथरी छवि की संस्थाओं को मौका दिया जाना था तथा विभाग में क्रय/आपूर्ति व निर्माण आदि कार्यों में ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करने करने के निर्देश दिये गये हैं, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परियोजनाओं की जांच कराकर अनियमित्ता हेतु दोषी पाये गये अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की गई।


सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि खराब छवि के सरकारी सेवकों की स्क्रीनिंग की कार्यवाही प्रगति में है। निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्राथमिकता निर्धारित कर पूर्ण कराने की कार्यवाही प्रगति में है, केन-बेतवा नदी जोड़ों परियोजना का कार्य प्राथमिकता पर पूर्ण करने का निर्णय लिया गया है, प्रदेश में हर खेत मंे पानी पहुंचाने के लिए 20,000 करोड़ का सिंचाई फण्ड स्थापना का कार्य प्रगति में है, प्रदेश में जल संरक्षण हेतु तालाब विकास प्राधिकरण के गठन की कार्यवाही प्रगति में है, 126 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की गयी तथा 32 अधिकारी एवं कर्मचारी निलम्बित किये गये, नहर की पटरियों को गड्ढ़ा मुक्त करने के अभियान के तहत लगभग 3600 किमी0 सड़क को गड्ढा मुक्त किया जायेगा। जिस पर लगभग 275 करोड़ रुपये का व्यय आयेगा , वित्तीय वर्ष 2016-17 में निर्मित/पुनःनिर्मित 117 अदद राजकीय नलकूपों को उर्जीकृत किये जाने के लक्ष्य के विरूद्ध माह 08/2017 के अन्त तक 109 अदद राजकीय नलकूपों को ऊर्जीकृत करा दिया गया है , ''पर ड्राप मोर क्राप'' के अन्तर्गत प्रदेश के राजकीय नलकूपों पर स्पिं्रकलर एवं ड्रिप इरिगेशन सिस्टम स्थापित कराये जाने हेतु लिए गये निर्णय के क्रम में 20-20 राजकीय नलकूपों पर उक्त सिस्टम को स्थापित किये जाने हेतु पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में परियोजनाएं गठित कर शासन को प्रेषित है


सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत कुल परिसम्पत्तियों की संख्या 20437 अदद है एवं इनका क्षेत्रफल 365554 हेक्टेयर है। चिन्हांकन में अवैध कब्जे/अतिक्रमण में पाई गई परिसम्पत्तियों की संख्या 5064 अदद है एवं इनका क्षेत्रफल 4980 हेक्टेयर है। अवैध कब्जे/अतिक्रमण से मुक्त कराई गई परिसम्पत्तियों की संख्या 861 अदद है तथा इसका क्षेत्रफल 1028 हेक्टेयर है। जून से 18 सितम्बर 2017 तक प्रदेश की सामान्य वर्षा 758.5 मि.मी. के सापेक्ष 519.2 मि.मी. है जो सामान्य वर्षा का 68.5 प्रतिशत है। पिछले वर्ष 2016-17 में जून से 18 सितम्बर, 2016 तक वर्षा सामान्य वर्षा के 85 प्रतिशत हुयी थी। वर्तमान वर्ष में जलाशयों में पानी उपयोगी क्षमता के सापेक्ष 46 प्रतिशत ही भरा जा सका है।

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