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सोने की तस्करी मामले से केरल के मुख्यमंत्री पर त्यागपत्र का बढ़ता दबाव

सोने की तस्करी मामले से केरल के मुख्यमंत्री पर त्यागपत्र का बढ़ता दबाव

लखनऊ। केरल में सोने की तस्करी मामले में उठा भूचाल थम नहीं रहा है। इस तस्करी की आंच राज्य की वाम मोर्चा सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची है। डील वूमेन के चलते केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन पर राज्य का विपक्ष हमलावर है। ताजा घटनाक्रम में केरल में सोने की तस्करी के मामले की जांच करने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी को अनुमति दे दी है। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री पी. विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर उनसे तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक राजनयिक के सामान से करोड़ों रुपये के सोने की जब्ती के मामले में एक प्रभावी जांच के लिए हस्तक्षेप का आग्रह किया था।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा ,कि एमएचए ने तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट गोल्ड तस्करी मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को अनुमति दी है, क्योंकि संगठित तस्करी ऑपरेशन के राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर प्रभाव हो सकते हैं।इससे पहले केंद्रीय एजेंसियों ने इस मामले वांछित महिला का पता लगाने को लेकर केरल पुलिस से मदद मांगी थी। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि केंद्रीय एजेंसियों ने राज्य पुलिस को पत्र लिखकर इस मामले में वांछित फरार महिला और उसके दोस्त का पता लगाने के लिए तकनीकी सहायता मांगी गई है।

ध्यान रहे कि तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीमा शुल्क अधिकारियों ने भारी मात्रा में सोना बरामद किया था। यह सोना यूएई के वाणिज्य दूतावास के लिए आए बैगों में भरा हुआ था। हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि सोना शौचालयों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों से भरे बैग में रखा हुआ था। इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर जांच के दौरान अधिकारियों ने एयर कार्गो के द्वारा पहुंचे सामान में लगभग 13.5 करोड़ की कीमत का 30 किलो ग्राम से भी अधिक सोना बरामद किया था तस्करी के आरोप में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वाणिज्य दूतावास के एक पूर्व कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। तस्कर गिरोह की मुख्य संदिग्ध स्वप्ना के बारे में आरोप लगाया जा रहा है कि वह प्रदेश की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार की करीबी है।

केरल सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एम शिवशंकर का नाम इस पूरे मामले में सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने ही स्वप्ना को आईटी डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाई थी। आईटी सचिव शिवशंकर मुख्यमंत्री के भी सचिव थे, आरोप लगया जा रहा है कि वह स्वप्ना के आवास पर अकसर आते-जाते रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री विजयन के कार्यालय ने स्वप्ना से किसी तरह के संबंध से इनकार किया है। राज्य सरकार ने स्वप्ना को केरल स्टेट आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (केएसआईटीएल) से भी बर्खास्त कर दिया है। शिवशंकर को भी मुख्यमंत्री के सचिव पद से हटा दिया गया है।

आरोपी महिला स्वप्ना सुरेश अग्रिम जमानत के लिए केरल उच्च न्यायालय पहुंची है। डील वूमेन के नाम से मशहूर स्वप्ना सुरेश का जीवन दिलचस्प घटनाओं को समेटे हुए है। बताया जाता है कि अबू धाबी में ही उसने पढ़ाई जिसके बाद उसे एयरपोर्ट पर नौकरी मिल गई थी। स्वप्ना ने शादी भी की लेकिन जल्द ही तलाक हो गया तो वह बेटी के साथ केरल के तिरुवनंतपुरम रहने चली आई। भारत आने के बाद स्वप्ना सुरेश ने दो साल तक तिरुवनंतपुरम में एक ट्रेवल एजेंसी में काम किया फिर उसकी 2013 में एयर इंडिया एसएटीएस में नौकरी लग गई। 2016 में जब धोखाधड़ी के एक केस में क्राइम ब्रांच ने उसकी जांच शुरू की तो स्वप्ना वापस अबू धाबी चली गई। अबू धाबी में वो यूएई महावाणिज्य दूतावास में वह महावाणिज्य दूत की सचिव बन गई। पिछले साल ही उसने नौकरी छोड़ दी थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उसे नौकरी से निकाला गया था। जब स्वप्ना एयर इंडिया एसएटीएस में ट्रेनर थी तो उस पर एक ऑफिसर को झूठे केस में फंसाने का आरोप लगा था। स्वप्ना ने माना था कि उसने झूठे आरोप लगाए और एक महिला को फर्जी नाम के साथ जांच समिति के सामने पेश किया। बताया जा रहा है कि जब इस मामले की जांच चल रही थी तो उसे छोड़ने के लिए पुलिस पर बेहद दबाव बनाया जा रहा था। जांच के दौरान स्वप्ना ने यह भी बताया था कि वह केरल आईटी विभाग की भी कर्मचारी रह चुकी है।

यूएई वाणिज्य दूतावास में नौकरी करना स्वप्ना की जिंदगी को नए मोड़ पर ले गया। यहां उसने बड़े-बड़े लोगों से अपनी पहचान बढ़ानी शुरू की। बड़े होटलों में होने वाली पार्टियों में वह अक्सर शामिल होती थी। अरबी समेत कई भाषाएं जानने वाली स्वप्ना केरल आने वाले अरब नेताओं की टीम में होती थी।अभिनेत्री शामना खान जबरन वसूली केस में जब पुलिस ने पूछताछ की तो किसी महिला का नाम सामने आया। 'डील वुमन' के नाम से मशहूर इस महिला के बारे में जानकारी मिली तो कस्टम वालों ने 13 करोड़ रुपये का सोना डिप्लोमेटिक बैगेज से बरामद किया। पुलिस को पता चला कि सोना तस्करी करने वाला गैंग मॉडल्स और अभिनेत्रियों के जरिए सोने की तस्करी कर रहा है। जब और पूछताछ की गई तो पता चला कि स्वप्ना सुरेश ही 'डील वुमन' है। वह इस गैंग को गंभीर मामलों में फंसने के बाद बाहर निकालती थी सर्राफा बाजार के जानकारों के अनुसार भारत में सोने की तस्करी की मुख्य वजह ऊंचा आयात शुल्क है। इसके अलावा, विदेशों से आने वाले प्रीमियम क्वालिटी के सोने का रीसेल वैल्यू अच्छा होता है। भारत में सोने की तस्करी सबसे ज्यादा दुबई से होती है और प्रीमियम क्वालिटी का सोना होने के कारण उसका रीसेल वैल्यू अच्छा होता है। लोंगों का कहना है कि विदेशों से सोने की तस्करी बड़े गिरोह करते हैं, जो लालच देकर लोगों को फंसाते हैं और उनके सामान में छिपाकर सोना विदेशों से भारत भेजते हैं। ज्ञात हो सोने पर भारत में 12.5 फीसदी आयात शुल्क लगता है, जो कि तस्करी की एक बड़ी वजह है। भारत में सोने पर तीन फीसदी जीएसटी भी लगता है। कारोबारी बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें बंद होने से तस्करी बिल्कुल बंद हो गई थी।

कांग्रेस ने सोना तस्करी के मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर हमला जारी रखते हुए उनके इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के खिलाफ कई आरोप लगाए। जबकि, भाजपा के प्रवक्ता बी गोपालकृष्णन ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कि वह कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल हैं, जिन्होंने इस मामले में फरार चल रही महिला के लिए विदेश में वाणिज्य दूतावास में नौकरी की सिफारिश की थी। हालांकि, वेणुगोपाल इससे इनकार करते हैं। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथाला ने मलयानकेझूनियर में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए कहा, ऐसा मुख्यमंत्री, जो अपने उस पूर्व प्रमुख सचिव की प्रशंसा करता है और उसकी सुरक्षा करता है, जो अंतर्राष्ट्रीय तस्करी एजेंसियों की मदद करता रहा है, को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। हम मांग करते हैं कि वह और उनकी सरकार इस्तीफा दे। उन्होंने आरोप लगाया की सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में सौ से ज्यादा अवैध नियुक्तियां की गई हैं।

चेन्नीथाला ने यह भी कहा, अमेरिका की नागरिकता वाली एक महिला स्टार्ट अप मिशन के साथ काम कर रही है। उसका नाम वहां मतदाता सूची मे है। पूर्व प्रधान सचिव ने पिछले दरवाजे से जितनी भी नियुक्तियां की हैं, मुख्यमंत्री उनके बारे में जानते हैं। सरकार को सारी बातें बतानी चाहिए। इस मामले को सबसे पहले उठाने वाले भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख के. सुरेन्द्रन का कहना है कि विजयन राज्य की जनता को मूर्ख बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, इस मामले में शामिल महिला खाड़ी क्षेत्र में माकपा की एक मध्यस्थ है।

सवाल यह कि तस्करी की आरोपी महिला व मुख्यमंत्री के सचिव की निकटता को दृष्टिगत रखते हुए जब मुख्यमंत्री पी विजयन ने अपने सचिव को हटा दिया तब जांच पूरी होने तक मुख्यमंत्री पद से अलग होकर सार्वजनिक जीवन में आदर्श स्थापित करने से वे क्यों हिचकिचा रहे हैं?

(मानवेन्द्र नाथ पंकज-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

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