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दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद अब इन राज्यों में बन रहे कोरोना के नए हॉटस्पॉट

दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद अब इन राज्यों में बन रहे कोरोना के नए हॉटस्पॉट

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़तोरी हो रही है। दुनियाभर में सबसे प्रभावित देशों की सूची में भारत अब रूस को पीछे छोड़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद छोटे राज्यों में भी कोरोना के नए हॉटस्पॉट बन रहे हैं जो चिंता की बात है।

ओडिशा, पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़ और गोवा जैसे कुछ छोटे राज्य, केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर कोरोना के नए हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहे हैं। इन राज्यों में पिछले एक महीने में संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। पंजाब, गोवा और झारखंड जैसे राज्यों में अब तक कोरोना के मामले नियंत्रित थे। लेकिन अनलॉक 2.0 के तहत कई पाबंदियों में ढील के बाद इन राज्यों में संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 19 जून से दो जुलाई के बीच कोरोना पॉजिटिव दर पांच फीसदी से ज्यादा हो गई है। जबकि 19 मई से एक जून तक कर्नाटक में यह दर 1.3 फीसदी, पश्चिम बंगाल में 2.5 फीसदी और ओडिशा में दो फीसदी थी।

देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में रोज तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अब देश में संक्रमित कोरोना मरीजों का आंकड़ा सात लाख के पार हो गया है। भारत इस वक्त पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देशों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत से ऊपर सिर्फ दो देश अमेरिका और ब्राजील हैं। भारत में अब तक 7,19,665 मामले आ चुके हैं और कुल 20,160 लोगों की मौत हो चुकी है।

सोमवार यानि छह जुलाई के आंकड़े के अनुसार अभी तक महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और गुजरात राज्यों को मिलाकर 4.5 लाख कोरोना के मामले सामने आए हैं, जो देशभर में कोरोना के मामलों के 65 फीसदी हैं। शुरू में बंगाल में कोरोना की रफ्तार में कमी थी, लेकिन 19 जून के बाद वहां कोविड-19 के नए मामले तेजी से बढ़े हैं और पॉजिटिविटी दर पांच फीसदी से ज्यादा हो गई है। इसके अलावा कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कोविड-19 से प्रभावित लोगों की संख्या कम थी, लेकिन 19 जून से 2 जुलाई के दौरान सामने आए आंकड़े ने इन राज्यों की भी चिंता बढ़ा दी है। इन तीनों राज्यों में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट पांच फीसदी तक पहुंच गया है। 19 मई और एक जून के बीच आंध्र प्रदेश की पॉजिटिविटी दर एक फीसदी से कम थी लेकिन यह अभी बढ़कर 2.68 फीसदी हो गई है। ठीक उसी तरह झारखंड और छत्तीसगढ़ में पॉजिटिविटी दर 1.3 और 1.25 फीसदी से 14 दिनों में बढ़कर दो फीसदी हो गई है।

(हिफी न्यूज)

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