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मण्डलायुक्त एवं अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यो की समीक्षा

मण्डलायुक्त एवं अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यो की समीक्षा

इलाहाबाद। विकास कार्यो और कानून व्यवस्था की प्रगति जांचने के लिए मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, अपर पुलिस महानिदेशक एस.एन. साबत की संयुक्त समीक्षा में मण्डल के सभी जनपदों में कानून व्यवस्था और विकास कार्यो की नब्ज टटोली गयी। जिसमें प्रभावी कानून व्यवस्था, स्कूलो में सुरक्षा के उपाय, ट्राफिक जागरूकता, थाना दिवसों की सफलता आदि कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों में अच्छी प्रगति के साथ विकास कार्यो में ओडीएफ, नगरीय क्षेत्रों में एलईडी के प्रयोग, राजस्व वादो के निस्तारण, चिकित्सा एवं विद्यालयों में चिकित्सको एवं शिक्षिकों की उपस्थिति, स्कूलो के निरीक्षण की नयी व्यवस्था, शत प्रतिशत रनिंग वाटर की व्यवस्था आदि उल्लेखनीय सफलाताओं का ब्यौरा भी सामने आया।
कानून व्यवस्था के मुद्दें पर गहराई से समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल और अपर पुलिस महानिदेशक एस.एन. साबत ने को पुलिस अधिकारियों ने यह बताया कि यातायात नियमों में उल्लंघन इत्यादि प्रकरणों में सर्वाधिक समन शुल्क इलाहाबाद में प्राप्त किया गया है तथा अपेक्षाकृत प्रतापगढ़ एवं कौशाम्बी में इसके आकड़े कम है। इस पर मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को यह निर्देशित किया कि ट्राफिक या कानून व्यवस्था का कोई भी कदम सर्वप्रथम जनता की सुरक्षा और उसके भीतर कानून व्यवस्था की मानसिकता का विकास करना है न कि सरकारी खजाने में धन एकत्र करना। इसके लिए पुलिस का व्यवहार एवं प्रयास कानून व्यवस्था तथा यातायात नियमों में जागरूकता पैदा करने के लिए प्रतिबध होना चाहिए। यातायात सम्बन्धी सभी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु को रोककर नागरिकों की सुरक्षा करना है तथा यही शासन का संकल्प है। इसलिए यातायात व्यवस्था की गुणवत्ता को बढ़ाते हुए जनता को यातायात नियमों के प्रति सबसे पहले जागरूक एवं शिक्षित करना चाहिए तथा बाद में इसके अनुपालन के लिए बाध्य भी करना चाहिए।
मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल को यह जानकारी दी गयी कि इलाहाबाद मण्डल के सभी जनपदों में स्कूलों से लेकर चौराहो तक जन प्रशिक्षण के कार्य किये जा रहे है तथा जनता को हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने स्कूलो में बच्चों की सुरक्षा सम्बन्धी मानको के अनुपालन में गहराई से समीक्षा की। इसी प्रकार थाना दिवस की सफलता के मानकों के आधार पर सभी जिलाधिकारियों की ग्रेडिंग प्रस्तुत करने के निर्देश दिये, जिससे थाना दिवसों के शिकायतों के निस्तारण की संख्या एवं उसमें जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की स्वयं उपस्थिति के आधार पर ग्रेडिंग की जाती है। इसी प्रकार इस बिन्दु पर भी समीक्षा की गयी कि अपाराधिक मामलों में अभियोग कितना प्रभावी हो रहा है। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि संघेय अपराधों में जिलाधिकारी स्तर के न्यायालय अभियोजन सम्बन्धी मामलों में गम्भीरता बरते तथा संवेदनशीन मामलों का निस्तारण शीघ्र कराये, जिससे गम्भीर अपराधों में विवेचना और न्याय की प्रक्रिया लम्बित न रहे।
अपर पुलिस महानिदेशक एस.एन. साबत ने निर्देशित किया कि किसी भी दशा में समाज विरोधी गतिविधियों को हल्कें से न लिया जाय तथा जिलाधिकारी निसंकोच होकर यदि यह आवश्यक हो तो अपारधिक एण्टी सुरक्षा कानून के अन्तर्गत निरूद्ध करने में हिचके नही। इसी प्रकार यह भी निर्देश दिये गये कि कानून व्यवस्था की कार्यवाही में महिलाओं की प्रतिष्ठा एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाये।
विकास कार्यों की समीक्षा में मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने उन सभी बिन्दुओं पर गहराई से समीक्षा की जिनमें इसके पूर्व समीक्षा बैठको में उन्होंने व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त करने के लिए नये निर्देश निर्गत किये है। मण्डलायुक्त की समीक्षा में मण्डल के सभी जनपदों मे 2 अक्टूबर तक हो चुके ओडीएफ गांवो की प्रगति तथा नगरीय क्षेत्रो में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था में एलईडी बल्ब के इस्तेमाल की प्रगति सर्वाधित उल्लेखनीय रही।
इसी प्रकार राजस्व वादों के निस्तारण में इलाहाबाद मण्डल के सभी जनपदो में 5000 से अधिक मामले का निस्तारण पिछले तीन माह में सुनिश्चित होना एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। मण्डलायुक्त के निर्देश पर जुलाई माह से ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों की उपस्थिति एवं विद्यालयों का नियमित रूप से माहवार निरीक्षण भी सकरात्मक प्रगति का विषय मण्डल में बना है। इसी प्रकार स्कूलों के शत प्रतिशत रनिंग वाटर की व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने की सकरात्मक रिर्पोट भी मण्डलायुक्त को दी गयी। बैठक में मण्डलायुक्त ने किसानों को दी जाने वाली आपदा राहत की भी समीक्षा की। मण्डलायुक्त को यह अवगत कराया गया कि मण्डल के सभी जनपदों में सामान्य अपेक्षा के सापेक्ष 82 प्रतिशत बारिश हुयी है। जो एक अच्छी स्थिति है, फिर भी मण्डलायुक्त ने सूखे के किसी भी सम्भावित स्थिति से निपटने तथा आगामी समय में रवि की कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
सम्पूर्ण समाधान दिवसो मे आने वाले प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्रों में तहसील और थानास्तर के समाधान दिवसों पर एक साथ संयुक्त रूप से कार्यवाही की जाय तथा नगरीय क्षेत्र में भी जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए नगर निगम के नगर आयुक्त एवं नगर पंचायतों के अधिकारी जनता के बीच प्रचार प्रसार सुनिश्चित कर प्रतिमाह एक दिन समाधान दिवस का आयोजन किसी सार्वजनिक स्थान पर करे जिससे आधारभूत सुविधाओं से सम्बन्धित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित होकर जनसमस्याओं का तत्काल निराकरण करें।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजन पर गम्भीरता से विचार किया गया तथा जन निगम के अधिकारियों को यह निर्देश दिये गये कि संचालित सभी योजनाओं को निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारी योजनाओं का क्रियाशील संचालन सुनिश्चित कराये तथा पेयजल परियोजनाओं को लम्बित न रखे।मण्डलायुक्त ने यमुनापार की चांडी में अपने आकस्मिक भ्रमण का उदाहरण देते हुए अधिकारियों को सचेत किया कि उऩके इस भ्रमण में इस क्षेत्र की पाइप पेयजल योजना का संचालन बाधित पाया गया। इस प्रकार किसी भी योजना को बाधित न रखा जाय। समीक्षा में मण्डलायुक्त ने चिकित्सा विभाग के मण्डलीय अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों से अस्पतालोँ के द्वाओं की उपलब्धता की गहराई से समीक्षा की तथा कुल 452 विशेष प्रकार की 109 एवं आकस्मिक स्थिति मे प्रयोग की जाने वाली 22 जीवनरक्षक दवाओं की निर्धारित उपलब्धता के सापेक्ष हर जनपद में उपलब्ध दवाओं का विवरण खंगाला।
मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को कड़ाई से निर्देश दिया कि इन दवाओं की उपलब्धता हर हाल में बनाया जाये तथा किसी भी दशा में इनकी खरीद में आने वाली बाधा के सम्बन्ध में उन्हे तथा शासन को अविलम्ब अवगत कराया जाये। इसी प्रकार उन्होंने गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले माताओ का संस्थागत प्रसव सरकारी खर्च पर प्राइवेट अस्पतालोँ मे कराये जाने की व्यवस्था का विवरण देते हुए अधिकारियों को यह निर्देशति किया कि वे अधिक से अधिक प्राथमिक अस्पतालोँ को इस योजना के अन्तर्गत पंजीकृत करें। मण्डलायुक्त में नयी सड़कों के निर्माण सड़कों को मण्डलायुक्त किये जाने एवं स्वच्छता अभियान के कार्यक्रमो की भी गहराई से समीक्षा की ।

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