सैनिक शिक्षा जीवन को सुनियोजित संयमित बनाती है : अखिलेश यादव

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मैनपुरी की विशेष यात्रा पर रहे। यहां सैनिक स्कूल में लोकल बाडी मीटिंग डे में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। सेना की इसमें विशेष भूमिका थी। मीटिंग में मेजर जनरल परवेश पुरी जीओसी, चेयरमैन के साथ सैनिक स्कूल मैनपुरी के प्रिंसपल लेफ्टिनेंट कर्नल अग्निवेश पाण्डेय तथा स्क्वाड्रन लीडर प्रणव नागर, प्रशासनिक अधिकारी सैनिक स्कूल आदि उपस्थित थे।


अखिलेश यादव ने बच्चों के अनुशासन की सराहना


अखिलेश यादव ने यहां बच्चों के अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक शिक्षा जीवन को सुनियोजित संयमित बनाती है। उन्होंने बच्चों-अधिकारियों के साथ लंच भी किया। आरा-बिहार के एक कैडेट रोहित कुमार के साथ खाना खाते समय अखिलेश यादव ने उसकी रोटी शेयर की।

सैनिक स्कूल के कार्यक्रम में अखिलेश यादव के साथ मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव, विधायक राज कुमार उर्फ राजू यादव तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी शामिल हुए।


मैनपुरी में सैनिक स्कूल समाजवादी सरकार के कार्यकाल में बना था


स्मरणीय है, मैनपुरी में सैनिक स्कूल समाजवादी सरकार के कार्यकाल में बना था और अखिलेश यादव पहली बार इसके किसी कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे,रायल इण्डियन मेडिकल कालेज देहरादून में है जो केन्द्रीय रक्षा विभाग के नियंत्रण में हैं। धौलपुर, अजमेर (राजस्थान), चैल (हिमाचल प्रदेश), बेलगांव (महाराष्ट्र) एवं बंगलौर में मिलिट्री स्कूल हैं। उत्तर प्रदेश में पहले दो ही सैनिक स्कूल थे लखनऊ और घोड़ाखाल (नैनीताल) में। आज उत्तर प्रदेश में सैनिक स्कूल लखनऊ, झांसी, मैनपुरी और अमेठी में हैं। तीन नए सैनिक स्कूल समाजवादी सरकार की देन है।

आलू किसानों की दुर्दशा पर चिंतित

अखिलेश यादव अपनी मैनपुरी यात्रा के दौरान खासकर आलू किसानों की दुर्दशा पर बहुत चिंतित दिखाई दिए। फिरोजाबाद, कन्नौज, टूंडला, आगरा, मैनपुरी, इटावा, फर्रूखाबाद, एटा, औरैया आदि आधा दर्जन से ज्यादा जनपदों में आलू मुख्य फसल है। भाजपा सरकार धान किसान को तो राहत दिला नहीं सकी आलू की मंडी, जो ठठिया जनपद कन्नौज में है, को जरूर बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया गया है। मंडी समाजवादी सरकार की देन है इसको रागद्वेष के कारण उपेक्षा का शिकार बना दिया गया है।

आलू किसानों की दुर्दशा पर बहुत चिंतित


अखिलेश यादव ने शानदार आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे खाद्य, फल, दूध आदि की मंडिया बनाने की योजना बनाई थी। भाजपा सरकार इस मामले में संवेदनहीन साबित हुई है। कन्नौज के निकट एक्सप्रेस-वे पर फोरंसिक लैब की व्यवस्था है जिसे भाजपा सरकार अब तक चालू नहीं कर सकी। आलू और गन्ना नगदी फसल है जिससे तत्काल किसानों को मदद करती है, आलू किसानों की दुर्दशा पर बहुत चिंतित

सेल्फी लेने वालों में वहां होड़

सैफई के पास एक्सप्रेस-वे पर सड़क किनारे जनसुविधाओं पर अखिलेश को देखते ही भीड़ उमड़ पड़ी। सेल्फी लेने वालों में वहां होड़ लग गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि विकास आपने ही किया। अब फिर 2022 में आपकी समाजवादी सरकार ही विकास करेगी, यही उम्मीद है। नफरत से भरी भाजपा की स्थिति तो यह है कि समाजवादी सरकार के विकास कार्यों से चिढ़ें हुए हैं और खुद हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

अखिलेश यादव ने जनपद मैनपुरी के गांव गुझिया में दीवान सिंह यादव के घर जाकर उन्हें सांत्वना दी। श्री दीवान सिंह के पुत्र की ट्रैक्टर दुर्घटना में दुःखद मृत्यु हो गई थी।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पूरी तरह असुरक्षित

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पूरी तरह असुरक्षित है। पशुओं एवं साण्डों के कारण वाहन दुर्घटनाएं भयंकर रूप ले सकती हैं। 18 नवम्बर 2019 को मैनपुरी से लखनऊ लौटते हुए सायं लगभग 07ः00 बजे एक पशु विपरीत दिशा से कारों के काफिले के सामने आ गया, लेकिन ड्राईवर की सूझ-बूझ के कारण बड़ी दुर्घटना होते होते बची।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के रख रखाव-सुरक्षा के प्रति भाजपा सरकार बेपरवाह

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के रख रखाव-सुरक्षा के प्रति भाजपा सरकार बेपरवाह बनी हुई है। यह स्थिति इसलिए है कि उत्तर प्रदेश में जो भी विकास कार्य एक्सप्रेस-वे सहित पूरे राज्य में हुए। जनपदों में चार-लेन सड़कें समाजवादी सरकार में बनी। मैनपुरी, इटावा, करावली, घिरौर, शिकोहाबाद में भी चार लेन सड़कें बनी। ढाई वर्षों के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने खुद तो कोई कार्य किया नहीं, वहीं समाजवादी सरकार के विकास को लेकर भाजपा नफरत से भरी हुई है। यह भाजपा का आचरण अलोकतांत्रिक है और अनैतिक भी।


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