भाजपा और समाजवादी सरकार के दृष्टिकोण में बुनियादी फर्क है : अखिलेश यादव

भाजपा और समाजवादी सरकार के दृष्टिकोण में बुनियादी फर्क है : अखिलेश यादव

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि आज किसान अगर बदहाल है तो इसके लिए भाजपा सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। भाजपा सरकार ने किसानों के फायदे के कदम तो उठाए नहीं, उन्हें बस झूठे वादों से बहकाते रहे हैं। किसानों की जमीनें छीनकर उन्हें बेघर और बेरोजगार बनाया जा रहा है। भाजपा सरकार अगर किसानों की अधिगृहीत जमींन का उचित मुआवजा नहीं दे सकती है तो उनकी जमींनें वापस कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा भाजपा सरकार गलत लोगों की है, इसे हटना चाहिए।

अखिलेश यादव पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में गोंडा से बड़ी संख्या में आए किसानों की व्यथाकथा सुनने के बाद उन्हें सम्बोधित कर रहे थे। पूर्वमंत्री योगेश प्रताप सिंह तथा पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को जनपद गोंडा में सरयू नहर खण्ड प्रथम द्वारा वाजिब मुआवजा न दिए जाने के सम्बंध में एक ज्ञापन भी सौंपा। किसानों का कहना था कि उन्हें अखिलेश पर विश्वास है। उनके कार्यकाल में ही किसान लाभान्वित हुए हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि गरीब किसान को पर्याप्त मुआवजा मिले तो वह दूसरी जगह जमींन खरीद सकता हैं, अपना घर बना सकता हैं। समाजवादी सरकार में किसानों से विकासकार्यों के लिए जमींन लेते समय चार गुना तक बढ़ाकर मुआवजा दिया गया। 302 किलोमीटर लम्बे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों ने अपनी जमींने दीं हमने उनको मुंहमांगा मुआवजा दिया। कोई आंदोलन नहीं हुआ।


अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और समाजवादी सरकार के दृष्टिकोण में बुनियादी फर्क है। भाजपा की प्राथमिकता में किसान, गांव और खेती नहीं कारपोरेट घराने हैं। किसान के धान की सरकारी खरीद नहीं हो रही है। बिचौलियों 1200 रू0 में धान खरीद रहे है। गन्ने का बकाया दाम नहीं मिला है। हर तरह से किसान का उत्पीड़न हो रहा है। समाजवादी सरकार ने सभी योजनाएं जनहित के लिए बनाई। छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप दिए जो अभी भी चल रहे हैं। महिलाओं को पेंशन दी। समाजवादी पार्टी की अगली सरकार में यह पेंशन राशि पांच सौ रूपए से और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। लोहिया आवास के लिए 3 लाख 32 रू0 हजार दिए गए थे। इन आवासों में सोलर पैनल लगा था जिससे पंखा बिजली चलने पर कोई बिल नहीं देना होता। उन्होंने कहा कि हमारा इरादा गरीबों, पिछड़ों, किसानों के सपनों को पूरा करना है। ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव की मांग भी उन्होंने दुहराई।

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद किया है। इससे न कालाधन कम हुआ और नहीं आतंकवाद मिटा। दरअसल रूपया काला-सफेद नहीं होता है, उसका लेनदेन काला-सफेद होता है। इसी तरह भाजपा सरकार ने 100 नं0 यूपी डायल का नम्बर बदल दिया उसे 112 कर दिया। यही उनका काम रहा है।

अखिलेश यादव को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि जनपद गोंडा के सरयू नहर खण्ड प्रथम द्वारा तरबगंज ब्रांच में धनई पट्टी रजबहा का निर्माण कार्य चल रहा है, इस माईनर पर ग्राम परसा गोंडरी विधानसभा क्षेत्र कटरा बाजार व धानीगांव सालपुर धौताल विधानसभा क्षेत्र करनैलगंज के निवासी किसानों की जमींने अधिग्रहीत कर उन्हें 14 हजार रू0 और कुछ को 17 लाख 85 हजार रूपए प्रति बीघा दिया गया तो प्रभावित किसान आंदोलित हो उठे। 18 नवम्बर 2019 से किसान धरने पर बैठ गए हैं, वे खेत में टेंट लगाकर बैठे हैं।

गोंडा के प्रभावित किसानों का कहना है कि इस परियोजना में जमकर फर्जी भुगतान हुआ है। अधिग्रहण के पूर्व किसानों को नोटिस भी नहीं दिया गया है। एक विधवा शकुंतला पत्नी अशोक कुमार के पंाच बच्चे हैं। उसके पास डेढ़ बीघा जमींन है। कमलेश किसान के पास 6 बीघा जमींन है, उसके 3 भाई है कुल 16 लोगों का परिवार है। बेनी माधव सिंह, रजनीश यादव ,जमील अहमद, शिव बोध सिंह, रंगनाथ आदि ने भी किसानों का दर्द बताया।


अखिलेश यादव ने किसानों से सहानुभूति जताते हुए उनकी मदद का आश्वासन दिया।


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