महात्मा गांधी ने सभी जातियों और सम्प्रदायों से भावनात्मक रिश्ते जोड़े थे : अखिलेश यादव

महात्मा गांधी  ने सभी जातियों और सम्प्रदायों से भावनात्मक रिश्ते जोड़े थे : अखिलेश यादव

लखनऊ समाजवादी पार्टी ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 02 अक्टूबरने 2019 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 150वीं जयंती मनाई और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।





समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जीपीओ पार्क, हजरतगंज, लखनऊ स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर बापू के प्रिय भजन-वैष्णव जन तो तेने कहिए, रघुपति राघव राजाराम, सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां, वंदेमातर्म के अलावा जन-गण-मन अधिनायक का भी गायन हुआ।





अखिलेश यादव ने गांधी आश्रम, हजरतगंज में गांधी जी और शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण किया। यादव ने चर्खे पर सूत भी काटा। यादव ने कहा कि गांधी ने सभी जातियों और सम्प्रदायों से भावनात्मक रिश्ते जोड़े थे। अन्याय के विरूद्ध दक्षिण अफ्रीका से लेकर भारत तक में उन्होंने आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा आज जब दुनिया गांधी जी की ओर देख रही है, भारत में गांधी जी के विचारों का पालन नहीं किया जाता है।

समाजवादी मुख्यालय, लखनऊ में भी आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण के पश्चात् गांधी जी के जीवन पर बनी एक फिल्म भी देखी। पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव ने भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।





इस अवसर पर विधानसभा सदस्यों, विधानपरिषद सदस्यों, पार्टी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए श्री अखिलेश यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर उनके द्वारा बताये गए सत्य-अहिंसा के रास्ते पर चलने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने कहा कि इसी रास्ते में देश की दशा सुधारी जा सकती है।


यादव ने कहा कि दुनिया में भारत के नेताओं में सबसे ज्यादा सम्मान गांधी जी का है। भारत में स्वतंत्रता आंदोलन को उनका नेतृत्व मिला, आजादी मिली। उनको आज दुनिया भर में याद किया जा रहा हैं। उन्होंने हमें सत्य-अहिंसा का रास्ता दिखाया।


अखिलेश यादव ने कहा कि जिस लोकतंत्र में हम जी रहे हैं उस पर खतरा पैदा हो गया है। भाजपा को गांधी जी के सिद्धांतों पर चलना ही नहीं है। वे डाॅ0 लोहिया और गांधी के रास्ते पर नहीं चलते। भाजपाई खादी नहीं पहनते हैं। ऊपर का कूड़ा दिखता है लेकिन असली कूड़ा तो मन में है।


यादव ने कहा कि भाजपा ने कभी गांधी जी को राष्ट्रपिता नहीं माना। गांधी जी के सिद्धांतों से भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। सत्य-अहिंसा और स्वदेशी को वे अपनाना नहीं चाहते है। वे सब विदेशी चीजों का इस्तेमाल करते हैं। भाजपा ने विदेशी सामान आने का रास्ता साफ किया है।





अखिलेश यादव ने मीडिया से वार्ता में कहा कि विधानमण्डल में गांधी जयंती पर 36 घंटे के अधिवेशन में समाजवादी पार्टी शामिल नहीं होगी क्योंकि भाजपा सरकार इस अवसर का उपयोग अपनी साम्प्रदायिक सोच के लिए करना चाहती है। भाजपा जनहित के मुद्दों से खिलवाड़ करने में करना चाहती हैं।


बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बापू जी का रास्ता सत्य अहिंसा का था। हम उसी रास्ते पर चलने वाले लोग है। अन्याय भ्रष्टाचार के खिलाफ अगर जरूरत पड़ी तो सत्याग्रह करेंगे। मगर अहिंसा के रास्ते से नहीं डिगेंगे। गांधीजी ने देश को जगाने का काम किया। देश को आजादी दिलाई। गांधी जी के सिद्धांतों पर चलकर ही देश में खुशहाली आ सकती है।





अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में प्राइमरी शिक्षा में भारत नीचे से एक नम्बर पर आ गया है। यह उनके विकास का नमूना है। बापू जी का नाम लेने वालों ने स्कूलों को पीछे छोड दिया हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि सभी लोग गांधी जी के बताए रास्ते पर चलें। भाजपा के राजनीतिक एजेंडा में गांधी जी के विचारों को जगह नहीं हैं। उनके सपने कहां पूरे हुए? किसान कहां खुशहाल है? उनकी कर्जमाफी नहीं हुई। नौजवान बेरोजगारी से तंग है।


अखिलेश यादव ने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर विधान सभा के पटल पर असत्य का संवाद करने वाले मुख्यमंत्री जी को संकोच नहीं हैं। आज अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अशिक्षा का चैतरफा सरकारी दमन झेल रही उत्तर प्रदेश की जनता त्रस्त है और सरकार अपने दम्भी प्रचार में मस्त है।





हजरतगंज में जीपीओं पर गांधी प्रतिमा स्थल और पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रमों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ श्री माता प्रसाद पाण्डेय पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, रामगोविन्द चौधरी नेता विरोधी दल विधानसभा, अहमद हसन नेता प्रतिपक्ष विधानपरिषद, नरेश उत्तम पटेल प्रदेश अध्यक्ष एवं तमाम विधायक, पार्टी पदाधिकारी, हजारों कार्यकर्ता, नौजवान शामिल रहे।


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