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बोले संजीव बालियान- दोषी हूं तो फांसी पर चढ़ा दो- हर हाल में जांच तो होगी

बोले संजीव बालियान- दोषी हूं तो फांसी पर चढ़ा दो- हर हाल में जांच तो होगी

मुजफ्फरनगर। किसान-भाजपा झड़प के बाद केन्द्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि उक्त प्रकरण में यदि मैं दोषी हूं, तो मुझे फांसी पर चढ़ा दो। अगर वे दोषी हैं, तो उनका भी कुछ करो। उन्होंने कहा कि बच्चों में लड़ाई हुई, मुझे बच्चों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करनी, वे भी अपने हैं।

केन्द्रीय राज्य मंत्री डाॅ. संजीव बालियान आज शाहपुर में गांव चांदपुर के पास स्थित एक भट्टे पर पहुंचे और लोगों के बीच अपने दर्द को बयां किया। उन्होंने कहा कि वे विगत दिवस राजवीर सिंह की तेरहवीं में गये थे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। सात साल में एक महीना बतो दो, जब मैं गांव शोरम में न गया हूं। उन्होंने कहा कि उन्होंने ग्रामीणों के बाईक छुड़वाने से लेकर रिश्तेदारी तक के सभी काम कराये हैं। विगत दिवस वे शोक संवेदना व्यक्त करने गांव शोरम में गये थे। वहां पांच-छह लड़के, जो कि किसी पार्टी के पदाधिकारी थे। उन्होंने शोर मचाया, नारे लगाये। इस पर हाथापाई हुई। इस हाथापाई में एसएचओ की टोपी भी गिर गई। पुलिस ने एक युवक को गाड़ी में बैठा लिया। लेकिन मैंने उसे छुड़वा दिया। मैंने कहा कि अपना ही बच्चा है। छोड़ दो, जो हो गया, सो हो गया।

उन्होंने कहा कि मामला निबट गया था। दोपहर 3.15 बजे यह घटना हुई। इसके फोटो खींचे गये और दिल्ली भेज दिये गये। 3.30 पर दिल्ली के एक नेता का ट्वीट भी आ गया। धार्मिक स्थल से एनाउंसमेंट करा दिया गया। उन्होंने कहा कि इतने में एक नेता भी टपक पडे़। 15 मिनट में ऐसे सब कुछ कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस कप्तान पूरे प्रकरण की जांच करेंगे। यदि मैं दोषी पाया जाता हूं, तो मुझे फांसी पर चढ़ा देना, लेकिन अगर वे दोषी नहीं हैं, तो जो दोषी हैं, उनके खिलाफ भी कुछ करना होगा। उन्होंने कहा कि सोरम के युवा अपने हैं, उन्हें कुछ नहीं होगा। लेकिन जांच तो होगी, जांच को पब्लिक के सामने रखा जायेगा।

उन्होंने कहा कि क्या मैं गांव में न आऊ? क्या ट्वीटर की राजनीति करूँ? यदि ऐसा ही चाहते हो, तो मैं दिल्ली जाकर बैठ जाऊंगा। इस पर सभी लोग बोले, नहीं आप क्षेत्र में रहो। उन्होंने कहा कि दिल्ली वाले नेता अगर राजनीति ही करना चाहते हैं, तो 2022 में चुनाव आ रहा है, उसमें लड़े और जीतें। 2024 में चुनाव है, उसे लड़ें और जीतकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि यहां का विकास देखें, किसने कराया। सड़के देखों, रेलवे लाईन देखो। सब कुछ किसने कराया है। दिल्ली वाले नेता तो आयेंगे और चले जायेंगे। उन्होंने कहा कि समाज को तोड़ने का प्रयास न करें। राजनीति करनी है, तो खुलकर मैदान में आएं।

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