पारदर्शिता और जवाबदेही का मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान : मुख्यमंत्री

पारदर्शिता और जवाबदेही का मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान : मुख्यमंत्री

पारदर्शिता के लिए यह एक नेक शुरूआत : उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट


जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार ने सबसे पहले राजस्थान से सूचना के अधिकार की शुरूआत की थी। आज लॉन्च हुआ जन सूचना पोर्टल इस अधिकार को और सशक्त बनाएगा। हमारा प्रयास है कि राजस्थान पारदर्शी और जवाबदेह शासन की दिशा में देश का मॉडल स्टेट बने।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को बिड़ला सभागार में राजस्थान इनोवेशन विजन (राजीव) के तहत जन सूचना पोर्टल-2019 के शुभारम्भ के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरटीआई कानून में यह प्रावधान है कि सरकारें स्वयं ही आमजन को अधिक से अधिक सूचनाएं उपलब्ध करवाएं ताकि लोगों को इस अधिकार के उपयोग की आवश्यकता ही नहीं पडे़। देश में सबसे पहले हमारी सरकार ने यह अभिनव पहल की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पोर्टल आमजन को सुशासन देने में मील का पत्थर साबित होगा।





आरटीआई कानून से मेरा भावनात्मक जुड़ाव


मुख्यमंत्री ने कहा कि आरटीआई कानून से मैं भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ हूं। करीब 20 साल पहले सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा रॉय एवं उनके साथी इस अधिकार के लिए जब धरना दे रहे थे, तब मैं वहां पहुंचा था। उनकी बातों से मैं सहमत था। सौभाग्य से बाद में हमारी सरकार बनी और राजस्थान इस कानून की शुरूआत करने वाला राज्य बना।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि गरीबों और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए यूपीए चैयरपर्सन सोनिया गांधी की सोच भी एक सामाजिक कार्यकर्ता की तरह ही रही है। उनकी पहल से ही प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के समय देश में अधिकार आधारित युग की शुरूआत हुई। मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा एवं सूचना का अधिकार जैसे सशक्त कानून उसी समय बनाए गए। आमजन के हित में ये ऎतिहासिक फैसले रहे।


जन सूचना पोर्टल आरटीआई को मजबूत करेगा


मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना के अधिकार को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ऎसा करने वालों के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की मंशा कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इस कानून को कमजोर नहीं होने देगी। जन सूचना पोर्टल हमारी सरकार के इसी संकल्प की अभिव्यक्ति है।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज जो आधुनिक भारत हम देख रहे हैं, उसके पीछे 70 साल की मेहनत और दूरदर्शिता छिपी हुई है। उन्होंने इस बात पर भी अफसोस व्यक्त किया कि देश को इस मुकाम पर पहुंचाने वाले महान नेताओं की छवि को आज सोशल मीडिया के माध्यम से धूमिल किया जा रहा है।


देश में सूचना क्रांति में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के योगदान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश ने जो तरक्की की है, यह उनकी वैज्ञानिक एवं दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्व. राजीव गांधी की 75वीं जयंती पर राजस्थान इनोवेशन विजन (राजीव) की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस से ही गुड गवर्नेंस सम्भव है।
इसको ध्यान में रखते हुए ही मैंने पिछले कार्यकाल में सभी विभागों का 3 प्रतिशत बजट आईटी के लिए आरक्षित किया था। आज 60 हजार ई-मित्र के माध्यम से 400 से अधिक सेवाएं आमजन को उपलब्ध करवाई जा रही हैं।





पारदर्शिता के लिए यह एक नेक शुरूआत : उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट


उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि राज्य सरकार की इस पोर्टल के माध्यम से मंशा बिल्कुल स्पष्ट है कि तकनीक के जरिए पारदर्शिता आए। राजस्थान पहला ऎसा राज्य है जो इस पोर्टल के माध्यम से करीब एक दर्जन विभागों की सूचनाएं आमजन को उपलब्ध करवाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सूचना के अधिकार कानून को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बना रही है।



उन्होंने कहा कि यह एक नेक शुरूआत है। सरकार की पहल और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आमजन और सिविल सोसायटी के सहयोग से इस पोर्टल के बेहतर परिणाम सामने आएंगे॥ श्री पायलट ने कहा कि आज जो डिजिटल भारत हम देख रहे हैं उसका 80 प्रतिशत काम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय हुआ। गांव-गांव आज इंटरनेट से जुड़ गया है।





अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगा पोर्टल : सोनिया गांधी


कार्यक्रम में यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी का संदेश भी प्रसारित किया गया। संदेश में श्रीमती सोनिया गांधी ने इस पहल के लिए राज्य सरकार को बधाई देते हुए कहा कि इससे सूचना के अधिकार कानून की भावना को और मजबूती मिलेगी तथा अन्य राज्यों के लिए भी यह पोर्टल मिसाल बनेगा।


आमजन के लिए मजबूत हथियार साबित होगा : अरूणा रॉय


सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा रॉय ने कहा कि यह आमजन का पोर्टल है। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जो लड़ाई लड़ी थी। वह संवाद से शुरू हुई थी और यह पोर्टल डिजिटल डायलॉग का एक बेहतर माध्यम होगा। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के साथ संवाद स्थापित कर राजस्थान सरकार ने तकनीक, न्याय और सूचना को जोड़ते हुए यह पहल की है उसका सिविल सर्वेन्टस और सिविल सोसायटी स्वागत करती है। प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए यह एक मजबूत हथियार साबित होगा।


दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अजीत प्रकाश शाह ने इसे एक ऎतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि राजस्थान सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।


भारत में संयुक्त राष्ट्र की क्षेत्रीय समन्वयक रेनेटा लोक डेसलियन एवं मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह, सामाजिक कार्यकर्ता के. राजू, प्रमुख शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अभय कुमार सहित राज्यमंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायकगण, सामाजिक कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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