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दो SDM गिरफ्तार- एक ने ली 5 लाख की रिश्वत, तो दूसरे ने मांगी मोटी रकम

दो SDM गिरफ्तार- एक ने ली 5 लाख की रिश्वत, तो दूसरे ने मांगी मोटी रकम

जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दौसा जिले में एसडीएम पुष्कर मित्तल को पांच लाख रूपये की रिश्वत लेते एवं बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीना को दस लाख रूपये की रिश्वत की मांग करते हुए गिरफ्तार किया।

ब्यूरो टीम ने इसके साथ ही दलाल नीरज मीणा को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दौसा के नाम से 38 लाख रूपये रिश्वत राशि की मांग किये जाने पर गिरफ्तार किया है।

ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि ब्यूरो में दौसा जिले में हाईवे निर्माण करने वाली कम्पनी के मालिक ने शिकायत की कि काश्तकारों की भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा देकर भूमि सड़क निर्माण के सुपुर्द करने की एवज में तथा निर्माण कार्य में रूकावट नहीं डालने के लिए जिला दौसा के एस.डी.एम. दौसा एवं एसडी.एम. बांदीकुई तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है तथा रिश्वत नही देने पर बहुत परेशान किया जा रहा है।

महानिदेशक भगवान लाल सोनी के निर्देशन पर अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाया जाकर एसीबी जयपुर देहात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम लाल वर्मा एवं पुलिस निरीक्षक नीरज भारद्वाज, पुलिस निरीक्षक संजय कुमार एवं पुलिस निरीक्षक रणजीत सिंह की पृथक-पृथक टीमों द्वारा एक साथ ट्रेेप कार्यवाही करते हुये उपखण्ड अधिकारी दौसा पुष्कर मित्तल को पांच लाख रूपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वहीं उपखण्ड अधिकारी बांदीकुई पिंकी मीणा को 10 लाख रूपये की रिश्वत राशि की मांग किये जाने पर गिरफ्तार किया गया है।

महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि हाईवे निर्माण कम्पनी के मालिक से ही तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दौसा मनीष अग्रवाल के नाम से दलाल नीरज मीणा द्वारा चार लाख रूपये मासिक बंधी एवं प्रति एफ.आई.आर. में मामला रफा-दफा करने की एवज में 10 लाख रूपये की मांग की जाकर सात माह के चार लाख रूपये प्रतिमाह के हिसाब से 28 लाख एवं एक एफ.आई.आर. के 10 लाख रूपये 38 लाख रूपये रिश्वत राशि मांग किये जाने पर आज दलाल प्राईवेट व्यक्ति नीरज मीणा पेट्रोल पम्प मालिक लालसोट रोड दौसा को गिरफ्तार किया गया है।

ब्यूरो की टीमों द्वारा आरोपियों के निवास एवं अन्य ठिकानों की तलाशी जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।

वार्ता

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