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मोहर्रम सकुशल होने पर इवेंट मैनेजमेंट के मास्टर एसएन साबत ने अपनी टीम को दी शाबाशी,

लखनऊ । कुम्भ मेला-2019 को एक ऐतिहासिक सफलता के साथ सम्पन्न कराने वाले आईपीएस डा. एसएन साबत ने लखनऊ जोन का जिम्मा संभालने के साथ ही उत्कृष्ट कार्यशैली से बेहतर पुलिसिंग का प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने अधिनस्थ अफसरों और पुलिस कर्मचारियों को संवेदनशीलता और सकारात्मक संदेश के साथ ड्यूटी के प्रति प्रेरित किया और लखनऊ में सबसे 'हाइपर सेंसेटिव इवेंट' माने जाने वाले मोहर्रम को घटना रहित सम्पन्न कराने में कामयाबी हासिल की।








सोशल पुलिसिंग में महारथ रखने वाले आईपीएस डा. एसएन साबत मोहर्रम के दौरान पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए खुद सड़कों पर उतरे और लगातार भ्रमण करते हुए गजब की पुलिसिंग की। इसके लिए मोहर्रम को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने में सहयोगी बने पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए आईपीएस साबत ने उनको सम्मानित भी किया। मोहर्रम की चुनौती से निपटने के बाद अब एडीजी लखनऊ जोन डा. एसएन साबत दुर्गा पूजा और दशहरा सकुशल सम्पन्न करने के लिए अपने मैनेजमेंट में जुटे नजर आते हैं।






उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में वरिष्ठ आईपीएस डा. एसएन साबत को को बहुमुखी प्रतिभा का धनी ब्यूरोक्रेट माना जाता है। उनकी खूबियों और उपलब्धियों की तो कई कहानी हैं, लेकिन वह वर्तमान में एक बेजोड़ इवेंट मैनेजर बनकर उभरे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष प्राथमिकता में रहा कुम्भ मेला-2019 कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ सम्पन्न हुआ। इसमें भी आईपीएस डा. एसएन साबत की कार्यप्रणाली उत्कृष्ण बनी रही। प्रयागराज जोन के एडीजी रहते हुए डा. साबत ने कुम्भ मेला-2019 को जिस पाॅजीटिव मैनेजमेंट के साथ सम्पन्न कराने का काम किया। उसने राज्य सरकार को कानून व्यवस्था के पैमाने पर गर्व करने का अवसर भी उपलब्ध कराया। कुम्भ मेले के दौरान क्राउड कंट्रोल के लिए उन्होंने गुड पुलिसिंग के सहारे पुलिस कर्मियों के मनोबल को टूटने नहीं दिया और खुद आगे आकर बार बार ड्यूटी के प्रति पुलिस फोर्स को एक्टिव मोड पर बनाये रखा। कुम्भ में विशेष व्यवस्थाओं को लेकर डा. एसएन साबत को डीजीपी ओपी सिंह ने मेडल देकर सम्मानित भी किया और अन्य कई संस्थाओं के द्वारा कुम्भ मेले के लिए अवार्ड दिये गये।






कुम्भ मेला निपटने के बाद राज्य सरकार ने डा. एसएन साबत को लखनऊ जोन की जिम्मेदारी सौंपी। चार्ज संभालने के साथ ही उनके सामने मोहर्रम को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराना सबसे बड़ी चुनौती थी। लखनऊ में मोहर्रम का जुलूस काफी संवेदनशील आयोजन माना जाता रहा है। कमोबेश इस दौरान लखनऊ में दो पक्षों के बीच हिंसा की बड़ी घटनाएं होने की प्रबल संभावना बनी रहती हैं। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए एडीजी जोन डा. एसएन साबत मोहर्रम से पहले ही अपने अधीनस्थ अफसरों के साथ रूट मार्च के लिए सड़कों पर उतर आये। मोहर्रम की सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर पुराने लखनऊ में पुलिस अधिकारियों ने पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च में एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत, आईजी रेंज एसके भगत और एसएसपी कलानिधि नैथानी भी शामिल हुए। इस पैदल मार्च में एडीजी जोन ने पश्चिमी क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने पूरे रूट का पैदल भ्रमण करते हुए जहां फोर्स का मनोबल बढ़ाने का काम किया, वहीं लोगों में भी कानून व्यवस्था के प्रति एक विश्वास जागृत किया।





इसके बाद लखनऊ में संवेदनशील मोहर्रम का जुलूस घटनारहित आयोजन बनकर सम्पन्न हुआ। पुलिस व्यवस्था अचूक रही और कहीं पर भी कोई घटना या विवाद सामने नहीं आ पाया। अफसर से लेकर सिपाही तक सभी ने अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दिया। इसके लिए एडीजी जोन डा. एसएन साबत का मोटिवेशन काम कर गया।






मोहर्रम का जुलूस शांति व्यवस्था के साथ सम्पन्न होने के बाद एडीजी जोन डा.एसएन साबत ने पुलिस अफसरों को मनोबल ऊंचा करने के लिए उनको सम्मानित करने का निर्णय लिया। उन्होंने स्वयं आईजी एसके भगत, एसएसपी कलानिथि नैथानी, एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ चैक दुर्गा प्रसाद तिवारी, सीओ कैसरबाग संजीव कुमार सिन्हा, सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव के अलावा इंस्पेक्टर कोतवाली चैक पंकज सिंह, इंस्पेक्टर वजीरगंज दीपक कुमार, इंस्पेक्टर कोतवाली शहादतगंज महक पाल सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली ठाकुरगंज नीरज सिंह ओझा को सम्मानित किया।

अब दुर्गा पूजा और दशहरा पर नजर



एडीजी लखनऊ जोन आईपीएस डा. एसएन साबत ने मोहर्रम को एक ब़डी उपलब्धि के साथ अपने कार्यकाल में सम्पन्न कराने के बाद लखनऊ जोन में दुर्गा पूजा और दशहरा पर्व को लेकर नजर तेज कर दी हैं। उन्होंने अफसरों को त्यौहारों के दौरान सतर्क, सजग और सक्रिय रहने का मूलमंत्र देकर कानून व्यवस्था पर जोर दिया है। एडीजी डा. एसएन साबत का कहना है कि हम त्योहारों को शांति, सदभाव, कुशलता और अच्छे माहौल में संपन्न कराएं, यही हमारी प्राथमिकता है। त्यौहारों पर सुरक्षित वातावरण देने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार प्रयत्नशील है। पुलिस की सक्रियता का ही नतीजा है कि पिछले दिनों मोहर्रम और बकरीद के मौकों पर किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।






एडीजी जोन डा. एसएन साबत ने कहा कि इसके लिए सभी ने मिलकर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम किया और परिणाम भी बेहतर ढंग से हमारे सामने आये। डा. एसएन साबत का प्रयास रहता है कि त्यौहारों के साथ ही किसी भी बड़े इवेंट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के ऐसे प्लान तैयार किए जाएं, जिससे किसी अफवाह या गलत सूचना के जारी होने या फैलने के बाद भी कहीं कोई विवाद की स्थिति उत्पन्न ना होने पाए। वह बताते हैं कि लखनऊ जोन के 8506 दुर्गा पंडालों में मूर्ति की स्थापना की जाती है। बड़ी संख्या में लोग पंडालों में पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए खास प्लान तैयार किया गया है, जिससे त्यौहार के मौके पर दशहरा मेला या पूजा पण्डालों में कोई भी अप्रिय घटना घटित ना होने पाये।

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