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गुडवर्क से कप्तान का 'अभिषेक', 48 घंटे में डकैती का पर्दाफाश

गुडवर्क से कप्तान का

मुजफ्फरनगर चलसीना-फुलत मार्ग पर पोली हाउस में हुई डकैती का रतनपुरी पुलिस ने 48 घंटे बाद ही खुलासा करते हुए इस केस के गुडवर्क से कप्तान का 'अभिषेक' किया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चार डकैतों को पकड़कर उनसे पुलिस ने नगदी, मोबाइल पहचान पत्र और तमंचा बरामद किया। इन डकैतों को जेल भेज दिया है।


सोमवार को रतनपुरी थाने पहुंचे सीओ गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने इस डकैती की वारदात से पर्दा उठाते हुए पुलिस मुठभेड़ की जानकारी दी। उन्होंने बताया की थाना प्रभारी राजेंद्र गिरी ने चैकिंग के दौरान फुलत मार्ग पर जंगल में चार युवक दिखाई देने पर उन्हें रुकने का इशारा किया तो उन्होंने पुलिस पर फायर कर दिया। उधर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। पुलिस ने घेराबंदी कर चार युवकों को पकड़ लिया। थाने लाकर युवकों से पूछताछ की गई तो बड़ा खुलासा हुआ। उन्होंने बताया की तीन दिन पूर्व चलसीना-फुलत के जंगल में पोली हाउस में बिहार के मजदूरों को बंधक बनाकर डाका डाला था। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में अपने नाम विजय उर्फ छोटा पुत्र ब्रहमपाल, अश्वनी उर्फ आशू पुत्र महावीर, सोनू उर्फ छोटू पुत्र राजवीर और संजीव पुत्र कालेराम निवासीगण ग्राम फुलत थाना रतनपुरी जनपद मुजफ्फरनगर बताया। जबकि उनके साथी अन्नू पुत्र ओमप्रकाश कपिल पुत्र सोमपाल, नीशू पुत्र सुनील निवासी गांव फुलत और चिराग पुत्र रमेश उर्फ भूती निवासी ग्राम जडौदा थाना मंसूरपुर जनपद मुजफ्फरनगर मुठभेड़ के दौरान फरार हो गये।


रतनपुरी थाना प्रभारी राजेन्द्र गिरी ने बताया कि गिरफ्तार डकैतों पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इन चारों बदमाशों के पास से गत दिवस लूटे गये 360 रुपये, मोबाइल, दो पहचान पत्र के अलावा एक तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो जिन्दा कारतूस 315 बोर और दो चाकू बरामद किए। इन डकैतों को पकड़ने में उप निरीक्षक ललित कुमार, उप निरीक्षक संजय कुमार राघव, कांस्टेबल संजय कुमार, कांस्टेबल मुकेश कुमार, कांस्टेेबल जितेन्द्र, शामिल रहे। बता दें कि तीन दिन पूर्व चलसीना फुलत मार्ग पर पोली हाउस में बिहार के पांच मजदूरों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट कर 38 हजार की नकदी को बदमाश लूट ले गए थे। मारपीट में तीन मजदूर भी घायल हुए थे, जिनका उपचार अस्पताल में कराया गया था। इस घटना को रतनपुरी पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया और एसएसपी अभिषेक यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेन्द्र गिरी ने टीम को डकैतों की तलाश में लगाते हुए खुद भी लीड किया। पुलिस की इसी सक्रियता के चलते 48 घंटे के अंतराल में ही डकैती की इस वारदात को एक बेहतर गुडवर्क के रूप में पुलिस ने वर्कआउट किया।

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