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कप्तान अभिषेक यादव ने 'हाफ ईयर' में की कमाल की कप्तानी

कप्तान अभिषेक यादव ने हाफ ईयर में की कमाल की कप्तानी

मुजफ्फरनगर 2012 बैच के आईपीएस अफसर अभिषेक यादव ने जब से मुजफ्फरनगर के एसएसपी के पद को ग्रहण किया, तब से ही चुनौती का सामने करते हुए कई कीर्तिमान स्थापित करने का काम किया है। उन्होंने मुजफ्फरनगर में 'हाफ ईयर' पूरा कर लिया है। इस बीते 'हाफ ईयर' में उन्होंने कुख्यात रोहित सांडू के सफाये से सीएए प्रर्दशन के बाद शांति स्थापना तक कई उपलब्धि हासिल की हैं।

खोजी न्यूज़ ने उनके कार्यकाल के कुछ चुनिंदा निर्णयों को यहां संकलित किया है। पेश है उनके 'हाफ ईयर' पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट....

आईपीएस अभिषेक यादव को पद ग्रहण करते ही कुख्यात अपराधी रोहित उर्फ सांडू मिर्जापुर कारागार से पेशी पर यहां आने के बाद पुलिस अभिरक्षा में वापस लौटते समय पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था। अभी आईपीएस अभिषेक यादव को मुजफ्फरनगर में आये हुए चंद दिन ही गुजरे थे, इस फरारी ने उनके आगे चुनौती खड़ी कर दी थी। आईपीएस अभिषेक ने आंतक का पर्याय बन रहे ढाई लाख के ईनामी बदमाश रोहित सांडू को उसके साथी सहित फरारी के 16वें दिन ही मुठभेड़ में ढेर कर यमलोक पहुंचाने का काम किया था। उसके बाद आईपीएस अभिषेक यादव ने कांवड यात्रा को सुकुशल सम्पन्न कराने की चुनौती को सहज और सरल स्वभाव के साथ पूर्ण किया। वह सामान्य तौर पर कांवडियों के काफिले के बीच भ्रमण करते हुए नजर आये और एक सोशल पुलिसिंग का माहौल पैदा किया। कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के साथ ही उन्होंने जनसरोकार से भी खुद को जोड़ा और नगर को दुर्घटनारहित बनाने के लिए उनके द्वारा रोडवेज बसों को दिन के समय नगरीय क्षेत्र में प्रतिबंधित किया। वहलना चौक पर एक वैकल्पिक बस स्टैण्ड चलवाया। इतना ही नहीं शहर को जाम से मुक्त करने के लिये आईपीएस अभिषेक यादव ने व्हाइट लाईन अभियान भी चलाया, इस लाइन के सहारे लोगों को यातायात नियमों का पालन करना सिखाया गया। इतना ही नहीं आईपीएस अभिषेक यादव ने जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रखा। उनके अभियान का असर था कि समाज में भय पैदा करने वाले अपराध से तौबा करते हुए थानों में जाकर जान की अमान मांगने लगे। रोहित उर्फ सांडू को छुड़ाने की आपराधिक साजिश रचने वाले 50 हजार के इनामी विक्की राठी ने 16 अगस्त को एसएसपी ऑफिस जाकर आईपीएस अभिषेक यादव के सामने आत्मसमर्पण किया था। कप्तान अभिषेक ने तस्कर गोपाल, कुख्यात कुरथल व लुटेरे लुकमान की सम्पत्ति जब्त की।


ईद-उल-अजहा के त्यौहार को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तथा भाईचारे के माहौल सम्पन्न कराने के लिए एसएसपी अभिषेक यादव ने ऐसे मुकम्मल इंतजाम किये थे कि जनपद में एक भी जगह से कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटी। उन्होंने पुलिस विभाग में सुधार के साथ ही सम्मान को भी तरजीह दी। जब उनको अपने जन्म दिन पर डीजीपी ग्रीटिंग मिला तो उन्होंने पहली बार पुलिस विभाग में एक ऐसा अभियान चलाया कि पुलिस थाने भी 'हैप्पी बर्थ डे' के गीतों से गूंजने लगे।


नशे के सौदागरों का सुरूर उतारने के लिये कप्तान अभिषेक यादव का जीरो ड्रग्स अभियान भी सफल रहा है। उत्तर प्रदेष में मुजफ्फरनगर पुलिस की डायल-112 ने माह दिसम्बर 2019 के सम्पूर्ण वर्ष 2019 पर सबसे कम रेस्पोंस टाइम हासिल कर प्रदेष में प्रथम स्थान पाया। जनता की समस्याओं को लेकर भी उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रदर्शन करने से वह पीछे नहीं हटे। कुल मिलाकर कुख्यात सांडू के सफाये से लेकर सीएए के विरोध में 20 दिसम्बर 2019 को व्यापक हिंसा के बाद शांति स्थापना में भी कमाल की कप्तानी करके दिखायी है।






कुख्यात रोहित सांडू को साथियों सहित पहुंचाया यमलोक

एसएसपी अभिषेक यादव के जनपद में चार्ज सम्भालते ही मिर्जापुर से पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर आये कुख्यात् रोहित सांडू को उसके साथियों ने पुलिस पर हमला करके रोहित को छुडा लिया था। इस दौरान एसआई दुर्ग विजय सिंह ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उन्हें सीधे गोली मार दी। बाद में उनकी मौत हो गयी थी। इस मामले में पुलिस ने भूपेंद्र बाफर पुत्र राजेंद्र निवासी ग्राम वापस थाना जानी मेरठ, अक्षित देशवाल निवासी ग्राम बसेरा थाना छपार, रवि राठी पुत्र रविंद्र राठी निवासी ग्राम सोना थाना मंसूरपुर और संजय को गिरफ्तार किया था, सभी आरोपित 25-25 हजार के इनामी थे। माफिया सुशील मूंछ की हत्या कराने के लिए ही भूपेंद्र बाफर ने रोहित सांडू को फरार कराया था। ये बड़ी चुनौती थी, लेकिन आईपीएस अभिषेक यादव ने रोहित सांडू को साथियों सहित 16वें दिन मुठभेड़ के दौरान ढ़ेर कर यमलोक पहुचाने का काम कर ये सन्देश दे दिया था कि अब मुजफ्फरनगर में बदमाशों की शामत आने वाली है। इस दिन मेरठ जोन में सांडू के साथियों सहित पुलिस ने मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में मुठभेड़ में पांच बड़े बदमाषों का सफाया किया था, जो एक रिकाॅर्ड है।






बुलेट पर देखा कांवड मार्ग, हेलीकाॅप्टर से बरसाये फूल

मुजफ्फरनगर में हर बार नये कीर्तिमान बनाने वाली कांवड यात्रा साल 2019 में कप्तान अभिषेक यादव के स्टाइल के कारण यादगार रही। पहली बार किसी एसएसपी ने मोटर साईकिल पर सवार होकर कांवडयात्रा की सुरक्षा का जायजा लिया। पुलिस कप्तान का यह कार्य जहां पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बन गया था तो आमजन ने भी इसकी मुक्त कंठ से प्रसंशा की थी। एसएसपी अभिषेक यादव ने डीएम सेल्वा कुमारी जे के साथ कांवड यात्रा मार्गो पर कांवडियों की सुरक्षा के मद्देनजर शिव चौक , मुुजफ्फरनगर शहर, खतौली तथा पुरकाजी, हाईवे कांवड मार्गो का हैलीकाॅप्टर के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण कर सुंरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कांवडियों का हैलीकाप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत भी किया। एसएसपी का मानना था कि जनपद में कांवडियों और श्रद्धालु हमारे अतिथि है उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नही होने दी जायेगी। इसी कारण वह लगातार कांवडियों के बीच पहुंचे और उनके संग समय बिताने के साथ साथ समस्याओं को सुना तथा निस्तारण कराया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिला सिल्वर मेडल

एसएसपी अभिषेक यादव को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को डीजीपी का प्रशंसा चिन्ह के लिए चयनित किया गया। सहारनपुर परिक्षेत्र क 11 पुलिस अफसरों को उत्कृष्ट व सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह, 6 पुलिस अफसरों को अति उत्कृष्ट सेवा पदक व उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया । इस सूची में एसएसपी अभिषेक यादव को भी पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह सिल्वर मेडल दिया गया, यह मेडल एसएसपी अभिषेक यादव को कुख्यात रोहित सांडू के साथी सहित एनकाउन्टर, कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराने, बकरीद शांतिपूर्वक मनवाने और जनपद में गुड पुलिसिंग के लिए दिया गया।





इनामी विक्की राठी ने जब आईपीएस अभिषेक यादव के सामने किया सरेंडर

कुख्यात बदमाशों पर कार्रवाई को लेकर एसएसपी अभिषेक यादव का ऐसा असर बना कि गांव जोहरा निवासी रोहित उर्फ सांडू को छुड़ाने की आपराधिक साजिश रचने वाले 50 हजार के इनामी बदमाश विक्की राठी ने एसएसपी ऑफिस जाकर आत्मसमर्पण कर दिया था। बता दें कि अपराध की दुनिया से रोहित सांडू का नाम मिटाने के बाद उसके गैंग के सदस्यों को तलाश में अभिषेक की पुलिस ने ऐसे 20 लोगों को चिन्हित किया, जो सांडू के लिए उगाही करते थे। पुलिस ने गैंग के सभी सदस्यों का डोजियर तैयार कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी थी। जिसके चलते रोहित सांडू गैंग को आर्थिक व अन्य प्रकार की मदद देने वाले विक्की राठी ने खुद आत्मसमर्पण किया था।





भ्रष्टाचार की शिकायत पर महिला थाना लाईन हाजिर

महिला थाने की दारोगा सीमा यादव के जहरीला पदार्थ खाने के बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने महिला थाने के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया था। महिला थाने में अनियमितता व दूसरे प्रकार की शिकायतें मिल रही थी। जिस पर उन्होंने सीओ सिटी से जांच कराई थी। जांच में प्रथम दृष्टया प्रभारी निरीक्षक सहित कई पुलिसकर्मियों के दोषी पाए जाने पर एसएसपी अभिषेक यादव ने पूरा थाना ही लाइन हाजिर कर दिया, जिसमें महिला थाने के स्टाफ में एक इंस्पेक्टर, 8 सब इंस्पेक्टर, दो हेड कांस्टेबल, 38 कांस्टेबिल शामिल रहे।

जब आपातकालीन सेवा बनी-यूपी में टाॅप

एसएसपी अभिषेक यादव के कार्यकाल में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 यूपी में टाॅप बनी। देहात में 07.40 मिनट और शहर मे 06.11 मिनट सहित जनपद वार 07.09 मिनट के रेस्पांस टाईम का रिकार्ड बनाया। इस सेवा ने संवेदनशीलता के क्षेत्र में भी रिकाॅर्ड कायम किये, कहीं इस सेवा में लगे पुलिसकर्मियों ने एक्सीडेंट के बाद कार सवार महिला व अन्य को उग्र भीड़ से बचाया, तो हार्टअटैक के मरीज को समय से हाॅस्पिटल पंहुचाकर उसकी जान बचाई, कहीं दुर्घटना में घायलों को समय से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई तो घायल भोलों के पैरों के छालों पर मरहम भी लगाया। कई बार शानदार कार्य करके इस सेवा की टीम कई बार प्रदेश में पीआरवी ऑफ द डे भी बन चुकी है।





ईद उल अजहा पर मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था

कांवड यात्रा के बाद मुजफ्फरनगर में ईद-उल-अजहा के त्यौहार को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तथा भाईचारे के माहौल में सम्पन्न कराने के लिए एसएसपी अभिषेक यादव ने ऐसे मुकम्मल इंतजाम किये थे कि जनपद में एक भी जगह से कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटित हो पायी और त्यौहार पूरे सद्भाव के साथ सम्पन्न हुआ। इसके लिए उन्होंने मुस्लिम समाज के धर्म गुरुओं, समाजसेवी व बुद्धिजीवी वर्ग और गणमान्य नागरिकों को विश्वास में लेकर संदेश देने का सफल प्रयास किया था। इस अवसर पर पैगाम-ए-इंसानियत के अध्यक्ष आसिफ राही के सुझाव को तवज्जो देते हुए ईद-उल-अजहा से 2 दिन पहले मंडी थाना क्षेत्र में लगने वाली पशु पैठ पर पुलिस व्यवस्था व त्यौहार के दिन तुरंत कूड़ा उठाने की व्यवस्था की भी गयी थी। एसएसपी अभिषेक यादव के सख्त निर्देश थे कि ईद के अवसर पर कोई नयी परम्परा न डाली जाये।

जब हाथ उठाकर थाने पहुंचे अपराधी

चरथावल पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाये गये आईपीएस अभिषेक यादव के आपरेशन में अभूतपूर्व सफलता अर्जित की है। पुलिस की कार्यवाही के डर से तीन बदमाशों ने थाना पहुंचकर सरेंडर किया और भविष्य में किसी भी प्रकार के अपराध से तौबा की है। शातिर अपराधी महताब सहारनपुर रेंज का टाॅप टेन बदमाश था। उस पर मुजफ्फरनगर व सहारनपुर सहित अन्य जनपदों में 24 मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही पुलिस की कार्यवाही के डर से आईपीसी की धारा 302 में वांछित चल रहे दूसरे बदमाश शाहनवाज ने भी थाने में आकर सरेंडर कर दिया। इनसे 20 दिन पहले ही शातिर बदमाश दिलशाद उर्फ बब्बू पुत्र जमील अहमद ने 16 अक्टूबर को क्षेत्र के कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष सूबे सिंह यादव के सामने सरेंडर किया था। ये तीनों बदमाश गांव कुल्हेडी के रहने वाले हैं।

जाम से मुक्ति को नगर में बनाई व्हाइट लाइन, रोड़वेज डिपों शहर से बाहर

शहर में जाम से मुक्त करने के लिये आईपीएस अभिषेक यादव ने 'व्हाइट लाइन' अभियान चलाया। इसके सहारे शहर की सड़कों पर बेतरतीब और मनमर्जी पार्किंग करने वाले वाहनों के मालिकों को एसएसपी अभिषेक यादव फाइन के सहारे लाइन में रहने का पाठ पढाया। उन्होंने शहरी यातायात व्यवस्था को लेकर शुरूआत से ही काम किया। शहर में जाम और भयंकर हादसों का कारण बन रही बसों की नो एंट्री की योजना को एसएसपी अभिषेक यादव ने सख्ती से लागू कराने का काम किया और दिन के उजाले में शहरी क्षेत्र को बसों की भागदौड़ से मुक्त करने का काम किया। इसमें रोडवेज बसें भी शामिल रहीं हैं। इससे शहरी यातायात में आमूलचूल परिवर्तन भी देखने को मिला। वाहन स्वामियों और चालकों के साथ ही सड़क पर ठेला लगाकर फुटपाथ व्यापारियों की भांति कारोबार करने वालों के लिए एक 'लक्ष्मण रेखा' तय कर दी।





थानों में गूंजा- Happy Birthday To You

कानून व्यवस्था के लिए काम करने वाले इन पुलिस कर्मियों की भाग दौड़ भरी जिन्दगी में थकना मना है, का स्लोगन टैग हुआ रहता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में एक आईपीएस अफसर बतौर पुलिस कप्तान पोस्टिंग पर है और अपने मुखिया डीजीपी के एक ग्रीटिंग के बाद फरमान जारी किया कि भागदौड़ भरी नौकरी में सिर्फ थकना मना है, ही वाला स्लोगन पुलिस की लाईफ में टैग नहीं रहेगा, बल्कि जश्न मनाना भी जरूरी है, इसमें शामिल होगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिवस पर जब पूरा देश विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर जश्न मना रहा था तो आईपीएस अभिषेक यादव के थानों में भी जश्न का दौर चल रहा था और वहां गूँज रहा था. . Happy Birthday To You काम के बोझ और रिजल्ट देने के दबाव में परिवार की दूरी की चिंता के बीच पुलिस कर्मचारियों में बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए मुजफ्फरनगर जनपद के पुलिस कप्तान अभिषेक यादव ने एक अनोखी पहल की। उनकी इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आये। दिन-रात थानों और चौकियों के साथ ही चौक-चौराहों पर ड्यूटी के लिए तैनात रहने वाले पुलिस कर्मियों में कप्तान की पहल ने कमाल का असर दिखाते हुए उत्साह का संचार किया है। आज जनपद के थानों में Happy Birthday To You का शोर पूरे हर्ष और उल्लास से गूंज रहा है। पार्टियां हो रही हैं, केक काटे जा रहे हैं और मिठाईयों भी बंट रही हैं। इस पहल के सहारे एसएसपी अभिषेक यादव ने खुद को पुलिसकर्मियों के बीच एक अभिभावक के तौर पर पेश करने का प्रयास किया है।

तस्कर गोपाल, कुख्यात कुरथल के बाद लुटेरे लुकमान की सम्पत्ति जब्त

एसएसपी अभिषेक यादव ने जनपद में अपराधियों को हर मोर्चे से घेरने का काम किया और ऑपरेशन कुर्की चलाई। उन्होंने तीन बदमाशों की सम्पत्ति को जब्त कराया। तस्कर गोपाल, कुख्यात कुरथल और लुटेरे बदमाश लुकमान की करीब 62 लाख रुपये की अवैध सम्पत्ति को पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान जब्त करने का काम किया। जनपद में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए उनको आर्थिक रूप से कमजोर बनाने का काम किया है। इसके लिए उन्होंने 'आपरेशन कुर्की' को चलाया। जनपद के ऐसे अपराधियों की सूची को तैयार कराया गया, जो अपराध जगत में काफी कुख्यात रहे हैं और उनके द्वारा अपराधिक घटनाओं से अर्जित धन के सहारे अवैध सम्पत्ति स्थापित की गयी थी। इस अभियान की शुरूआत छपार थाना क्षेत्र के शातिर अवैध असलाह तस्कर गोपाल पुत्र रुल्हा से की गयी थी। जनपद में पहली कार्रवाई की अगुवाई करने के लिए खुद एसएसपी अभिषेक यादव आगे खड़े होकर पुलिस फोर्स का मनोबल बढ़ाते हुए नजर आये।

कप्तान अभिषेक यादव ने पकड़ी एक करोड़ की नकली शराब

सहारनपुर जनपद में पिछले दिनों नकली शराब के कारण हुई लोगों की मौत के बाद लगातार पुलिस प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठे, मगर नकली शराब की तस्करी को रोकने के लिए एसएसपी अभिषेक यादव ने मुजफ्फरनगर में पूरी चैकसी की, इसका नतीजा भी सामने आया। एसएसपी अभिषेक यादव की चैकन्नी निगाहों के कारण ही यह गिरोह पुलिस के हाथ लग पाया और जब पुलिस ने इस गिरोह के अडडे तक पहुंचने का काम किया तो वहां का नजारा देखकर उनके भी होश उड़ गये। एक तहखाने में पूरा गोरखधंधा चलाया जा रहा था। जनपद में नकली शराब का जखीरा पकड़कर पुलिस कप्तान अभिषेक यादव ने शराब तस्करों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के 12 लोग पुलिस के हाथ लगे, जो हरियाणा और उत्तर प्रदेश की शराब को नये कलेवर में लोगों तक पहुंचाने के गोरखधंधे में लिप्त रहे हैं। एसएसपी अभिषेक यादव ने एक करोड़ की नकली शराब पकड़ी, जिसे विभिन्न राज्यों और जनपदों में सप्लाई के लिए अलग अलग कम्पनियों के रैपर और ढक्कन लगाकर तैयार किया गया था।

कप्तान अभिषेक यादव का 'जीरो ड्रग्स' अभियान उतार रहा नशें के सौदागरों का सुरूर

कप्तान अभिषेक यादव ने जनपद मुजफ्फरनगर में अपराध मुक्त वातावरण बनाने के लिए 'जीरो ड्रग्स' अभियान चलाया। जनपद को नशामुक्त करने के लिए उनका 'जीरो ड्रग्स अभियान जनता के विश्वास को जीत रहा। लगातार इसके लिए जनपद पुलिस अपने कप्तान के दृढ़ संकल्प के साथ मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों पर शिकंजा कस रही। जनपद में नशे के सौदागरों का सुरूर उतारने के लिए 'जीरो ड्रग्स' अभियान काफी हद तक सफल नजर आ रहा। इसके लिए हर स्तर पर काम हो रहा। पुलिस जहां नशे के कारोबार में लिप्त महिला और पुरुषों को पकड़कर जेल भेजने का काम कर रही, वहीं जनता के बीच पहुंचकर उनको नशे के कारोबार करने वालों पर नजर रखने के लिए प्रचार प्रसार का साधन भी अपनाया गया। कप्तान अभिषेक यादव के इस अभियान के पहले ही दिन से पुलिस को सफलता मिलनी शुरू हो गयी थी। एसएसपी अभिषेक यादव ने जनपद को अपराधमुक्त के साथ ही नशामुक्त बनाने के लिए चलाये जा रहे 'जीरो ड्रग्स' अभियान के अंतर्गत जनपदीय पुलिस बल द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में जागरुकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में पुलिस कर्मचारियों ने थाना क्षेत्रों के गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को अभियान की जानकारी दी, उनके बीच एसएसपी अभिषेक यादव के ड्रग्स फ्री मुजफ्फरनगर के संदेश के व्यापक प्रचार के लिए पम्पलेट भी वितरित किये। पोस्टर चिपकाये गये। इस अभियान के लिए निरंतर प्रतिदिन पुलिस अभियान चला रही। साथ ही नशे से बचने व सही राह पर आने के उपायों से भी जागरुक किया गया। यह अभियान नशें के सौदागरों का सुरूर उतारने में सफल रहा। इस अभियान के तहत पुलिस ने बड़े और ईनामी माफियाओं को पकड़कर सरकार को 2 करोड़ से अधिक की राजस्व हानि को बचाया। एसएसपी की टीम को डीजीपी ने 50 हजार का ईनाम दिया।

बाबरी मस्जिद के फैसले को बनाया भाईचारा की अलख

जब सुप्रीम कोर्ट ने नौ नवम्बर को अयोध्या के बाबरी मस्जिद और राम मन्दिर विवाद का फैसला सुनाया तो मुजफ्फरनगर में एसएसपी अभिषेक यादव ने डीएम सेल्वा कुमारी जे. के साथ मिलकर जनपद में गांव गांव, नगर नगर मीटिंग करते हुए लोगों को इस फैसले को खुले मन से स्वीकार करने के लिए तैयार किया। फैसला आया और जिस प्रकार हिन्दु मुस्लिमों ने एक दूसरे को गले लगाकार इस फैसले को स्वीकार किया, वह पल ऐतिहासिक रहा। एसएसपी अभिषेक यादव ने बाबरी के फैसले को भाईचारा की अलख जगाने का माध्यम बनाया। जनपद में कहीं पर भी इसका विरोध नहीं हो सका और साम्प्रदायिक सौहार्द्र के नजारे देखने को मिले।





20 दिसम्बर की हिंसा, भीड़ में घुसकर कप्तान ने किया कंट्रोल

20 दिसम्बर 2019 को जब मुस्लिमों की भीड़ नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में अपना गुस्सा प्रकट करने के लिए सड़कों पर उतरे तो पुलिस के साथ टकराव ने स्थिति बिगाड़ दी। यह पहला मौका था जबकि पुलिस और प्रशासन किसी मामले में भीड़ का मिजाज भांपने में कहीं न कहीं नाकाम दिखाई दिया, लेकिन भीड़ को थामने और समझाने के लिए विपरीत परिस्थितियों में भी एसएसपी अभिषेक यादव ने गजब का साहस और सूझबूझ दिखायी और मात्र 20 पुलिस वालों की सुरक्षा गार्द के साथ वह डीएम सेल्वा कुमारी जे. की मौजूदगी में ही 20 हजार की भीड़ में घुस गये। लोगों को समझाया और विष्वास दिलाया कि प्रशासन उनके साथ है, उनका अहित नहीं होगा। इसके बाद भी हिंसा हुई, पुलिस वालों के, अफसरों के सिर भी फूटे, लेकिन इस हिंसा को कप्तान ने कंट्रोल करने में देरी नहीं की।

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