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सुधीर कुमार की पुलिस के फिफ्टी डेज, एनकाउंटर में 50 बदमाश वाया अस्पताल पहुंचे जेल

गाजियाबाद। जनपद में पुलिस कप्तान के रूप में चार्ज संभालने वाले आईपीएस सुधीर कुमार सिंह ने 'गोली' के सहारे जनता में दहशत फैलाने वाले बदमाशों को 'गोली' का जवाब गोली से देते हुए दहशत को भी भय का अहसास कराने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण आर्थिक पैमाने पर बेहद संवेदनशील माने जाने वाले गाजियाबाद जिले में एसएसपी के रूप में सुधीर कुमार सिंह ने 50 दिन का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है। ऐसे में उनके कार्यकाल का एक भी दिन ऐसा नहीं गया है, जिस दिन उनके नेतृत्व में गाजियाबाद पुलिस ने बदमाशों को चुनौती पेश ना की हो।

50 दिन के कार्यकाल में एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने 30 एनकाउंटर में बदमाशों को घायल करके जेल भेजने की फिफ्टी पूरी की


50 दिन के कार्यकाल में एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने 30 एनकाउंटर में बदमाशों को घायल करके जेल भेजने की फिफ्टी पूरी कर ली है। इससे पहले मुजफ्फरनगर और अमरोहा जनपद में भी आईपीएस सुधीर कुमार सिंह ने बदमाशों को बदहवास करने में सफलता अर्जित की। इन जिलों में वह बदमाशों के खिलाफ एनकाउंटर का दोहरा शतक भी लगा चुके हैं। अपराध उन्मूलन के पैमाने पर उनकी सटीक पकड़ और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यप्रणाली का ही यह परिणाम रहा कि मुजफ्फरनगर के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनको गाजियाबाद में कमान दी और वहां पर पहले ही दिन से सुधीर कुमार सिंह ने ना केवल परिणाम दिये बल्कि संगठित अपराधिक गतिविधियों और बदमाशों की शरणस्थली के रूप में प्रसिद्ध रहने वाले गाजियाबाद जनपद में अपराधियों का नया ठिकाना डासना जेल बनकर रह गयी है। बदमाश यहां पर लगातार जेल वाया अस्पताल का सफर करते नजर आ रहे हैं। एसएसपी की इस उपलब्धि के चलते जहां जनता में भयमुक्त वातावरण और व्यवस्था को लेकर एक विश्वास जागृत हुआ, वहीं बदमाशों में हा-हाकार मचा दिखाई देता है। इतना ही नहीं एसएसपी सुधीर कुमार की कार्यप्रणाली ने गाजियाबाद पुलिस के मनोबल को ऊंचा उठाया और सरकार का इकबाल बुलन्द किया। ऐसा नहीं है कि गाजियाबाद में आपराधिक वारदात सामने नहीं आयी हो, लेकिन घटना के बाद पुलिस ने अपने कप्तान से कदमताल करते हुए कमाल किया और कई संगीन वारदातों का खुलासा कम से कम समय में करते हुए समाज में भय के माहौल को कानून व्यवस्था के प्रति उम्मीद में बदलने का काम किया है।

गाजियाबाद में जीरो टोलरेंस नीति के साथ अपराधियों के सफाये का लक्ष्य लेकर भेजे गये आईपीएस सुधीर कुमार सिंह लगातार एक्टिव मोड पर कायम


किसी जमाने में क्राईम कैपिटल के उपनाम से पहचान बनाने वाले उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में सफलतम कार्यकाल के बाद एनसीआर क्षेत्र के प्रमुख जिले गाजियाबाद में जीरो टोलरेंस नीति के साथ अपराधियों के सफाये का लक्ष्य लेकर भेजे गये आईपीएस सुधीर कुमार सिंह लगातार एक्टिव मोड पर कायम हैं। राज्य के बेहद संवेदनशील और अर्थ व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण जनपदों में शुमार गाजियाबाद में चार्ज संभालने के बाद उन्होंने 50 दिन का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है। इन बीते 50 दिनों में वह अपराधियों पर आफत बनकर टूटे हैं। उनका यह 50 दिन का कार्यकाल रिकार्ड उपलब्धि भरा रहा है। 50 दिनों में एक भी दिन गाजियाबाद पुलिस के लिए ऐसा नहीं रहा, जिसमें उनके हाथ सफलता की कोई कहानी नहीं लगी हो। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने 100 के स्ट्राइक रेट से यहां पर जरायम की पिच पर बल्लेबाजी करते हुए 50 दिनों में ही 30 एनकाउंटर करते हुए 50 अपराधियों में एक दहशत पैदा करने का काम किया है और 50 कुख्यात बदमाशों को बडे़ घर रवाना कर दिया है।

जुलाई 2019 में मुजफ्फरनगर से एसएसपी सुधीर कुमार को स्थानांतरित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद जिले में भेजा


जुलाई 2019 में मुजफ्फरनगर से एसएसपी सुधीर कुमार को स्थानांतरित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद जिले में भेजा। तैनाती के साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के इस फैसले को पहले ही दिन से सही साबित किया। 5 जुलाई को गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। दिनदहाड़े हुए इस घटना ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाये तो एसएसपी सुधीर कुमार ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और अपनी टीम को लगा दिया। कुछ ही देर में पुलिस को कामयाबी मिली और बदमाशों की घेराबंदी के बाद मुठभेड़ में पुलिस ने एक लुटेरे को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस बदमाश के पास से व्यक्ति से लूटा गया मोबाइल फोन, अवैध असलाह और बाइक बरामद की। गिरफ्तार बदमाश शातिर अपराधी निकला, उसने अपना नाम योगी उर्फ योगेंद्र उर्फ पव्वा उर्फ पवन पुत्र कांतिपाल निवासी उत्तरांचल नगर नंदग्राम थाना सिहानीगेट गाजियाबाद बताया। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज पाये गये। इन्दिरापुरम थाना क्षेत्र में चैन स्नेचिंग की वारदात कर भाग रहे बदमाश को भी पुलिस ने अपने चंगुल से निकलने नहीं दिया। वारदात के बाद ही बदमाशों की मुठभेड़ में गिरफ्तारी का यह दौर शुरू हुआ तो आज तक भी जारी है। एसएसपी सुधीर कुमार की कार्यशैली का ही असर है कि अब गाजियाबाद में वारदात को अंजाम देने में 'दहशत' को भी पसीना पसीना होना पड़ रहा है।

गाजियाबाद में 50 दिनों में यूं तो पुलिस के हाथ दिन प्रतिदिन कई उपलब्धि लगी, लेकिन 'खोजी न्यूज' ने यहां पर कुछ प्रमुख सफलता को संकलित किया है



गाजियाबाद में 50 दिनों में यूं तो पुलिस के हाथ दिन प्रतिदिन कई उपलब्धि लगी, लेकिन 'खोजी न्यूज' ने यहां पर कुछ प्रमुख सफलता को संकलित किया है, जोकि एसएसपी सुधीर कुमार की कार्यप्रणाली को साबित करती हैं।

7 जुलाई को गाजियाबाद जिले के थाना लोनी पुलिस द्वारा किये गये क्रेक डाउन में 25 हजार के ईनामी बदमाश फिरोज पुत्र अफजाल खान निवासी प्रेमनगर लोनी पुलिस की जवाबी कार्यवाही में घायल हो गया था। इसके साथ ही इसी दिन थाना विजयनगर क्षेत्र में बदमाशों ने इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित कोका कोला एजेंसी में घुसकर लूट की वारदात की, तो हलचल मच गयी। एसएसपी ने बदमाशों की तुरंत घेराबंदी करायी और पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान बाइक सवार बदमाश से मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 25 हजार रुपये का ईनामी लुटेरा वीरेन्द्र गोली लगने से घायल हुआ, उसको जेल भेजा गया। बदमाश के पास से कोका कोला एजेंसी में हुई लूट के 40 हजार रुपये, तमंचा-कारतूस व घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद हुई। इस सफलता के अगले ही दिन बड़ी कामयाबी ने एसएसपी का इस्तकबाल किया।

8 जुलाई को थाना मुरादनगर क्षेत्र में पुलिस व स्वाट टीम बागपत से बदमाशों की मुठभेड़ हुई। इसमें पुलिस की गोली का निशाना 25 हजार का ईनामी शातिर बदमाश मोनू उर्फ अहाद बना। मोनू थाना मुरादनगर क्षेत्र से 30/31 मई 2019 की रात्रि में सीमेंट ट्रक चोरी कर चालक की हत्या करने के मुकदमे में वांछित चल रहा था।

10 जुलाई को थाना विजयनगर पुलिस की मुठभेड़ बदमाशों से हुई, इसमें लोनी बाॅर्डर से पुलिस कार्यवाही में दो बदमाश पकड़े गये। ये दोनों बदमाश 7 जुलाई को इंडस्ट्रीयल एरिया में कोका कोला एजेंसी से हुई लूट की वारदात में शामिल रहे और ईनामी बदमाश वीरेन्द्र के साथी थे।

12 जुलाई को थाना प्रभारी खोडा की चैकिंग के दौरान स्कूटी सवार दो बदमाशों से मुठभेड़ में 25 हजार का ईनामी बदमाश फुरकान पुत्र मुन्ना निवासी गाजीपुर डेयरी दिल्ली को गिरफ्तार हुआ था। गिरफ्तार बदमाश से चोरी की स्कूटी व लूट का मोबाइल बरामद किया।

13 जुलाई को थाना कविनगर व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम से बापूधाम रोड के पास चैकिंग के दौरान दो बाइक सवार बदमाशों के साथ मुठभेड़ हुई। जवाबी फायरिंग में पुलिस का निशाना 25 हजार रुपये के ईनामी बदमाश नईम पर लगा। नईम 12 मई 2019 को थाना कविनगर क्षेत्र में हुई लूट में वांछित चल रहा था।

14 जुलाई को कविनगर थाना क्षेत्र में पर्स व मोबाइल छीनकर भाग रहे बदमाश के साथ मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी बदमाश सोहनवीर उर्फ सोनू पुत्र सत्यप्रकाश निवासी पबासरा थाना अगौता बुलन्दशहर गोली लगने से घायल हुआ था। इस मुठभेड़ में प्रवीण सिपाही भी घायल हुआ।

16 जुलाई को साहिबाबाद पुलिस ने मोहननगर के पास चैकिंग के दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर में बैठे तीन युवकों को रोका तो पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्यवाही की तो गोली लगने से 25 हजार का ईनामी बदमाश मेहराज सलमानी घायल हुआ। मेहराज साहिबाबाद क्षेत्र में हुई लूट में वांछित चल रहा था।

7 अगस्त को थाना इन्दिरापुरम में चैकिंग के दौरान बाइक सवार दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घिरे, इनमें से एक बदमाश फजर पुत्र याकूब निवासी मोती मस्जिद गाजियाबाद घायल होकर गिरफ्तार किया गया। फजर गिरोह का लीडर है और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट सहित 37 अलग अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इसी दिन थाना कोतवाली पुलिस के द्वारा चैकिंग के दौरान मुठभेड़ में बदमाश नौशाद उर्फ बकरी पुत्र रहमत इलाही मसूरी गाजियाबाद। नौशाद पर 25 हजार का ईनाम है।

14 अगस्त को लोनी थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ में विक्रम प्रधान की हत्या में वांछित 25 हजार रुपये का ईनामी बदमाश बंटी उर्फ विनीत पुत्र धर्मेन्द्र निवासी मकाला थाना सिंघावली अहीर जनपद बागपत व राजीव पुत्र नानक चंद निवासी मघवाली तिगांव थाना फरीदाबाद हरियाणा घायल हो गये। अभियुक्त बंटी उर्फ विनीत 50 हजार का इनामी बदमाश भी रह चुका है।

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