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आईपीएस अभिषेक यादव का अभियान-थाने पर तैनात बीट आरक्षी गांव-गांव कर रहे 'पब्लिक मीट'

आईपीएस अभिषेक यादव का अभियान-थाने पर तैनात बीट आरक्षी गांव-गांव कर रहे पब्लिक मीट

मुजफ्फरनगर। कांवड से लेकर भैया दूज तक जनपद में प्रशंसनीय पुलिसिंग का प्रदर्शन कर जनता का दिल जीतने का काम करने वाले जनपद के एसएसपी अभिषेक यादव ने अब शांति और व्यवस्था कायम करने के लिए सड़कों पर फ्लैग मार्च के साथ ही गांव गांव बीट सिपाहियों को 'पब्लिक मीट' की जिम्मेदारी देकर सकारात्मक सामाजिक सहयोग के प्रति लोगों को जागरुक करने का काम किया है। इसी कड़ी में शहर हो या गांव देहात सभी जगह थाने पर तैनात बीट सिपाही आम जनमानस के साथ बैठक में व्यस्त देखा जा सकता है। लोगों को समझाया जा रहा है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए वह किस प्रकार से सहयोग कर सकते है। किस प्रकार अशांति फैलाने वाले शरारती तत्वों को रोका जा सकता है और किस प्रकार हम एक सुन्दर सामाजिक व्यवस्था को बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर पायेंगे।





आज सुप्रीम कोर्ट से आने वाले एक महत्वपूर्ण फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन समाज में आपसी सद्भाव का संदेश देते हुए वैमनस्य फैलाने वालों को चेतावनी देने का काम कर रहा है। लगातार सड़कों पर एसएसपी और डीएम स्तरीय अधिकारी जनता के बीच पुख्ता कानून व्यवस्था का विश्वास जगाने के लिए पैदल दौड़ लगाते हुए नजर आ रहे हैं। जहां तक पुलिस व्यवस्था की बात है तो इसके लिए आईपीएस अभिषेक यादव जनपद में निरंतर नये प्रयोग कर रहे हैं। दीपावली के त्यौहार पर जिस प्रकार से उन्होंने फील्ड में उतरकर पुलिस फोर्स को सतर्क और सजग करने के लिए ओपन हाउस किया, वह जनता को जमकर भाया। अब त्यौहार निपटे तो सुप्रीम कोर्ट के बहुप्रतीक्षित एक फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन सजग और अलर्ट हो गया है। इसके लिए जनपद में लगातार फ्लैग मार्च किये और कराये जा रहे हैं। खुद एसएसपी अभिषेक यादव ने थानों में दंगा नियंत्रण उपकरणों को चैक किया और गांव-गांव जनजागरण अभियान भी चला दिया है। इसके लिए जनपद के सभी थानों में बीट सिपाहियों को अपने अपने क्षेत्रों में सक्रिय कर दिया गया है। बीट सिपाही को पुलिसिंग की सबसे मजबूत कड़ी माना जाता है। यही कारण है कि एसएसपी अभिषेक यादव ने इनको ही गांव गांव में शांति और व्यवस्था के लिए लोगों को जोड़ने की जिम्मेदारी दी है।





आज जनपद के थाना रामराज और थाना खतौली पर तैनात सभी बीट आरक्षियों द्वारा अपनी बीट में आने वाले गांवों में जाकर गांव की शांति व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए सभी संभ्रात व्यक्तियों के साथ मीटिंग की गयी तथा गांव और गांव के आस-पास के क्षेत्र में रह रहे व्यक्तियों से गांव की शांति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए सकारात्मक सामाजिक सहयोग की भूमिका निभाने की अपील की गयी। बीट आरक्षियों द्वारा अपने मोबाईल नम्बर को भी इन ग्रामीणों के बीच साझा किया गया, उनको जिम्मेदारी दी गयी कि यदि उनके गांव या उसके आसपास कोई भी अप्रिय घटना, विवाद एवं असामाजिक तत्वों के द्वारा टीका टिप्पणी जैसी छोटी से छोटी घटना भी की जाती है तो वह उसकी सूचना उन तक पहुंचाने का काम करें। उनको बताया गया कि इससे समय रहते किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल कार्यवाही की जा सकेगी।






दरअसल बीट सिपाही ही पुलिसिंग की वह कड़ी है, जो सीधे तौर पर अपने क्षेत्र में जनता से जुड़ा होता है। पुलिस फोर्स का 90 प्रतिशत हिस्सा सिपाही ही होते हैं। इनके सहारे गांव से शहर तक साम्प्रदायिक सौहार्द्र के लिए जनजागरण कराना एसएसपी अभिषेक यादव की दूरदर्शिता का परिणाम है।

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