PM पर पद छोड़ने का दबाव-दे सकते हैं अपना त्यागपत्र

PM पर पद छोड़ने का दबाव-दे सकते हैं अपना त्यागपत्र

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को थामने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान आयोजित की गई शराब पार्टी के बाद विवादों के झमेले में फंसे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के ऊपर अब इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। संसद में बे-मन के साथ माफी मांगने के बाद भी उनके ऊपर पड रहा इस्तीफे का दबाव कम नहीं हुआ है। जिसके चलते उनकी पार्टी के 10 में से 6 मतदाताओं ने प्रधानमंत्री के कामकाज करने के तरीके को खराब बताया है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के ऊपर इस समय अपने पद से इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता ही चला जा रहा है। देश के भीतर कोरोना वायरस के संक्रमण को थामने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान आयोजित की गई दारू पार्टी की वजह से प्रधानमंत्री विवादों के घेरे में आ गए थे। हालांकि मन नहीं होने के बावजूद प्रधानमंत्री की ओर से संसद के भीतर इस मामले को लेकर माफी मांग ली गई थी, लेकिन बताया जा रहा है कि इसके बावजूद भी उनके ऊपर इस्तीफे का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि कंजरवेटिव पार्टी के 10 में से 6 सदस्य प्रधानमंत्री के कामकाज करने के तौर-तरीके को खराब मान रहे हैं। पता चल रहा है कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता घटकर अब केवल 36 प्रतिशत ही रह गई है। इन सबके बीच बोरिस जॉनसन की सरकार में भारतीय मूल के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ब्रिटेन के भीतर प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बनकर तेजी के साथ उभर रहे हैं। उनकी पार्टी की ओर से कराए गए सर्वे में 46 फ़ीसदी लोगों ने यह बात मानी है कि वित्तमंत्री ऋषि सुनक मौजूदा प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से बेहतर पीएम साबित हो सकते हैं। यदि ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री बनाया जाता है तो वर्ष 2024 की 2 मई को होने वाले आम चुनाव के दौरान उनकी पार्टी कंजरवेटिव पार्टी को बोरिस जॉनसन के प्रधानमंत्री रहने के मुकाबले ज्यादा सीटें हाथ लग सकती है। उधर जॉनसन द्वारा लॉकडाउन पार्टी की बात कबूल कर लेने के बाद स्वास्थ्य सचिव की ओर से अपना इस्तीफा दे दिया गया है।



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