अपोजिशन लीडर्स को जबरन श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेजा गया

अपोजिशन लीडर्स को जबरन श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेजा गया

श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर को खास दर्जा देने वाले कॉन्स्टिट्यूशन की धारा 370 को बेअसर किये जाने बाद कश्मीर घाटी की सूरतेहाल का जायजा लेने के लिए वादी कश्मीर में पहुंचे कांग्रेस के एक्स प्रेसिडेंट राहुल गांधी, सीनियर लीडर गुलाम नबी आजाद, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी और कुछ दूसरे अपोजिशन लीडर्स को जम्मू-कश्मीर एडमिनिस्ट्रेशन ने श्रीनगर में जाने की इजाजत नहीं दी और उन्हें यहां हवाई अड्डे पर ही रोक कर जबरन वापस कर दिया गया।



मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर एडमिनिस्ट्रेशन ने श्रीनगर में सिक्योरिटी के हालात का हवाला देते हुए अपोजिशन लीडर्स के डेलीगेशन को हवाई अड्डे से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी।



अपोजिशन लीडर्स का डेलीगेशन करीब दो बजे श्रीनगर हवाई अड्डे पर पहुंचा । मीडिया के मुताबिक प्रेस रिपोर्टर्स ने जब अपोजिशन लीडर्स के डेलीगेशन से मिलने की कोशिश की तो उसे मिलने नहीं दिया गया।


अपोजिशन लीडर्स का डेलीगेशन में कांग्रेस के एक्स प्रेसिडेंट राहुल गांधी, सीनियर लीडर गुलाम नबी आजाद, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी के सी वेणुगोपाल, सीनियर लीडर आनंद शर्मा, लोकतांत्रिक जनता दल के लीडर शरद यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा, द्रमुक लीडर तिरुचि शिवा,राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी लीडर माजिद मेमन, तृणमूल कांग्रेस के लीडर दिनेश त्रिवेदी और राष्ट्रीय जनता दल के स्पोक्स मैन मनोज झा शामिल थे।



कांग्रेस लीडर राहुल गांधी की अगुवाई में नौ अपोजिशन पार्टीयों का यह डेलिगेशन वहां की जमीनी सूरतेहाल का जायजा लेने के लिए आया है।
आपको बताते चलें बहुजन समाज पाटी और समाजवादी पार्टी कश्मीर के सूरते हाल का जायजा लेने वाले डेलिगेशन में शामिल नहीं हुए।



जम्मू-कश्मीर एडमिनिस्ट्रेशन ने जुमे को ही एक बयान जारी कर अपोजिशन लीडर्स से इसरार किया था कि वे फिलहाल कश्मीर घाटी में न आएं और एडमिनिस्ट्रेशन के साथ ताऊन करें।

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