आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए लॉन्च हुआ निरोगस्ट्रीट वैद्य टूल सॉफ्टवेयर, अब लौट सकते हैं पुराने दिन

आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए लॉन्च हुआ निरोगस्ट्रीट वैद्य टूल सॉफ्टवेयर, अब लौट सकते हैं पुराने दिन

नई दिल्ली। साक्ष्यों और दस्तावेजों के अभाव में न आयुर्वेद लोगों का विश्वास अर्जित नहीं कर पा रहा है, इसकी एक बड़ी वजह आयुर्वेद चिकित्सकों का तकनीक से दूर रहना है। इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से भारत के पहले टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म निरोगस्ट्रीट ने आयुर्वेद चिकित्सकों और क्लीनिक को ध्यान में रखकर निरोगस्ट्रीट वैद्य टूल को लॉन्च किया है।


बता दें कि आयुर्वेद के चिकित्सकों के लिए अब तक कोई ऐसी टेक्नोलॉजी या सॉफ्टवेयर उपलब्ध नहीं थी, जो उन पर केंद्रित हो और जिससे उन्हें अपने रोजाना के प्रैक्टिस के दौरान मदद मिल सके, लेकिन निरोगस्ट्रीट वैद्य टूल सॉफ्टवेयर के आने के बाद आयुर्वेद के चिकित्सक अपने यहाँ इलाज के लिए आए रोगियों का विवरण व रिकार्ड तैयार कर सकते हैं, इसके साथ ही उनका प्रिस्केप्शन और फॉलो-अप भी कर सकते हैं। इसके द्वारा चिकित्सालय में मौजूद दवाओं का रिकार्ड, दवाओं की बिलिंग और स्टॉक का लेखा-जोखा भी बड़ी आसानी से रखा जा सकेगा।

जानकारों के अनुसार निरोगस्ट्रीट वैद्य टूल सिर्फ एक पेशेंट मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर ही नहीं है, बल्कि इसमें आयुर्वेद से संबंधित ज्ञान का भंडार भी है, जो अपने आप में इसे खास बनाती है। इसमें 250 से अधिक बीमारियों के उपचार के तरीके, आहार और जीवनशैली में परिवर्तन, प्रकृति परीक्षण आदि के तरीके भी मौजूद है। रोगियों की जांच रिपोर्ट के रिकॉर्ड को भी इस सॉफ्टवेयर में सुरक्षित रखने की सुविधा उपलब्ध है। भारत में पहली बार 100 से अधिक वरिष्ठ और प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने इस सॉफ्टवेयर को विकसित करने में अपने ज्ञान और अनुभव को साझा किया है।

आयुर्वेद स्वास्थ्य क्षेत्र में होगा क्रांति का सूत्रपात

निरोगस्ट्रीट के संस्थापक राम एन कुमार की मानें तो उनका उद्देश्य आयुर्वेद को लोगों की पहली पसंद सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में बनाना है। वैद्य टूल के द्वारा आयुर्वेद स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसा नया परिवर्तन आएगा, जिसे 21वीं सदी की दुनिया सहजता से पहचानती और समझती है। एक ओर तकनीकी सक्षमता आयुर्वेद के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रूप से रखने में मदद करेगी तो दूसरी तरफ चिकित्सकों को एक-दूसरे के साथ अपने ज्ञान को साझा करने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा साक्ष्य आधारित उपचार की प्रणाली को भी बढ़ावा मिलेगा जिसका सकरात्मक असर पूरे आयुर्वेद जगत पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि निरोगस्ट्रीट का वैद्य टूल सॉफ्टवेयर देशभर के सभी आयुर्वेद चिकित्सकों को पूर्णतः काम्प्लीमेंटरी दिया जा रहा है। ऐसा करने का उद्देश्य देशभर के 5.5 लाख आयुर्वेद चिकित्सकों, आयुर्वेद चिकित्सालयों और अस्पतालों को तकनीकी रूप से सशक्त और सक्षम बनाना है। इससे आयुर्वेद स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति का सूत्रपात होगा। इससे आयुर्वेद की उपलब्धियों को दुनिया के साथ साझा करने में भी मदद मिलेगी।

विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है आयुर्वेद

जानकारों के अनुसार आयुर्वेद विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है और निरोग रहने में भी यह बेहद प्रभावी भूमिका निभाती है। अनेक असाध्य बीमारियों का इलाज भी आयुर्वेद के माध्यम से संभव है, लेकिन साक्ष्यों और दस्तावेजों के अभाव में न इसे इसका श्रेय मिलता है और न ही यह लोगों का विश्वास अर्जित कर पा रहा है। इसकी एक बड़ी वजह आयुर्वेद चिकित्सकों का तकनीक से दूर रहना है। निरोगस्ट्रीट वैद्य टूल से आयुर्वेद का सम्मान पुनः लौटने में काफी मदद मिलेगी।

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