किंगल की उपेक्षा से स्थानीय लोगों में रोष

किंगल की उपेक्षा से स्थानीय लोगों में रोष

हितेन्द्र शर्मा, शिमला। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थित शिमला के कुमारसैन उपमंडल का कस्बा किंगल हमेशा से ही उपेक्षा का शिकार रहा है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में किंगल वासियों ने वर्तमान जयराम सरकार से भी आर्युवैदिक अस्पताल खोलने की मांग की थी, यह मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। व्यापार एंव राजस्व के आधार पर भी यह क्षेत्र उपमंडल में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने गत वर्ष कुमारसैन की सार्वजनिक सभा से यहां पर आधुनिक फल एंव सब्जी मंडी खोलने की घोषणा की थी, जिसका स्थानीय जनता को बेसब्री से इंतजार है।



उल्लेखनीय है कि कुमारसैन उप मंडल की सभी पंचायतों का मुख्यद्वार तथा एनएच पर होने के बावजूद भी यहां प्राथमिक उपचार तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसका खामियाजा राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर होने वाले सडक हादसों में पीड़ित आमजनों को भुगतना पड़ता है। वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों का अपशिष्ट आजकल कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा राजमार्ग पर डाला जा रहा है। आरोप है कि प्रशासन द्वारा भी गन्दगी की रोकथाम व दोषियों को दंडित करने की जगह उन्हें संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।

जानकारों की मानें तो इस प्रकार की गन्दगी के ढेरों और अपशिष्ट जल से पर्यावरण प्रदूषण सहित अनेकों बीमारियों की सौगात स्थानीय लोगों मिलनी निश्चित है। इसके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान के तहत आस-पास की सफाई कर कचरा मुक्त वातावरण बनाना, शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना, पेड़-पौधे लगाकर एक स्वच्छ भारत का निर्माण को भी खुला अंगूठा दिखाया जा रहा है। इसमें कुछ स्थानीय छुटभैये नेताओं और अधिकारियों का रवैया संतोषजनक नहीं है।

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