MONTH स्पेशल -आईपीएस अभिषेक का मिशन जलाभिषेक SUCCESSFUL

MONTH स्पेशल  -आईपीएस अभिषेक का मिशन जलाभिषेक  SUCCESSFUL

मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव का जनपद में एक माह का कार्यकाल सक्सेज की अमिट कहानी बनकर रह गया है। इस एक महीने में पुलिस के लिए चुनौती बने इनामी बदमाश रोहित सांडू को उसके इनामी साथ राकेश यादव को पुलिस ने एनकाउन्टर में जहां ठिकाने लगा दिया गया, वहीं जनपद प्रशासन के लिए बेहद कड़ी परीक्षा श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को सोशल अंदाज से सकुशल सम्पन्न कराकर पुलिस का सोशल चेहरा पब्लिक प्लेटफार्म पर लाकर दिखाया।




कांवड यात्रा के दौरान उन्होने शासन की मंशा के अनुरूप मुजफ्फरनगर शहर की हृदयस्थली शिव चौक सहित जनपद की सीमा के अन्तर्गत कांवड मार्ग पर कांवडियों का हैलीकाप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत भी किया तो तैयारियों को परखने के लिए अपनी सरकारी गाड़ी छोड़कर मोटर साईकिल पर सवार होकर उन्होंने रिकार्ड भी कायम किया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने कांवड यात्रा की व्यवस्था में लगे छात्रों का उत्साहवर्धन भी किया। छात्रों ने भी एसएसपी को अपने बीच पाकर उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने कांवड रूट चेकिंग के बाद शिविर में कांवड यात्रियों को प्रसाद वितरण भी किया।




उन्होंने इस कांवड़ यात्रा में पुलिस का सोशल चेहरा जनता के सामने लाने के लिए खुद सड़क पर उतरकर गुड पुलिसिंग की तो उनकी टीम भी कांवड़ियों की सेवा में जुटी रही । शिवभक्तों को मुजफ्फरनगर नगर कोतवाली पुलिस ने केले व फ्रुटी का वितरण किया है। जिससे शिवभक्तों ने पुलिस की बहुत प्रंशसा की है। शहर कोतवाली के सामने से गुजर रहे शिवभक्तों को नगर कोतवाल अनिल कपरवान ने केलो व फ्रूटी का वितरण किया है। इस कार्य को देखकर शिवभक्तों ने पुलिस की बहुत प्रंशसा की है।




मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक स्थित पैग़ाम-ए-इंसानियत के कांवड़ सेवा शिविर पर एक भोला मानसिक संतुलन खो बैठा और पास बैठे कावड़ियो से अजीबो गरीब बातें करने लगा जिसको शिविर पर मौजूद संस्था के अध्यक्ष आसिफ राही व दिलशाद पहलवान ने समझा बुझाकर शांत किया और मीनाक्षी चौक पर तैनात खालापार चौकी इंचार्ज विनय शर्मा को इसकी सूचना दी सूचना पर खालापार चौकी इंचार्ज विनय शर्मा व दिलशाद पहलवान ने कांवड़ियें को ठंडे पानी से नहलाया और एंबुलेंस बुलाकर उपचार के लिये उसे जिला चिकित्सालय भिजवाया।




बता दें कि जिस समय 2012 बैच के युवा आईपीएस अभिषेक यादव ने बतौर एसएसपी जनपद में कार्यभार सम्भाला था, उस समय कांवड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराना जनपद प्रशासन के लिए कड़ी परीक्षा थी। अभिषक यादव ने पद सम्भालते ही पहली प्रेसवार्ता में स्पष्ट कर दिया था कि जनपद में गुंडई ओर संगठित अपराध बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। अभिषेक यादव के जिला सम्भालते ही कुख्यात् रोहित सांडू ने एक दरोगा को गोली मारकर पुलिस कस्टडी से भागकर जिला पुलिस को खुली चुनौती दे डाली थी, लेकिन आईपीएस अभिषेक यादव ने कांवड़ यात्रा सकुशल सम्पन्न कराकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक तो किया ही, साथ ही पुलिस के लिए चुनौती बने इनामी कुख्यात् को एंकाउंटर में उसके अंजाम तक पहुंचाकर पुलिस का इकबाल भी बुलन्द किया।




कांवड यात्रा के बाद अब ईद उल अजहा की तैयारियों को लेकर एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा है कि ईद के अवसर पर कोई नयी परम्परा न डाली जाये। उन्होने कहा कि सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण माहौल में ईदुज्जुहा का त्यौहार सम्पन्न कराने के लिए पुलिस अधिकारी भ्रमणशील रहेगे और चप्पे चप्पे पर पैनी नजर रखेेगे। उन्होने पुलिस अधिकारियों से थाना स्तर पर शांति समितियों की बैठक आयोजित करने तथा मौजिज लोगो के संपर्क में रहने तथा उनके मोबाइल नम्बर रखने के भी निर्देश दिये। उन्होने कहा कि अराजक तत्वों पर कडी नजर रखी जायेगी तथा अराजकता उत्पन्न करने वाले लोगो से सख्ती के साथ निपटा जायेगा। उन्होने कहा कि छोटी से छोटी घटना पर पैनी नजर रखे और उसका तत्काल निस्तारण कर सूचित करें।

बुढ़ाना के एक व्यक्ति को पीटने के प्रकरण में पुलिस की गैर जिम्मेदारी को देखते हुए दरोगा और सिपाही को लाईन का रास्ता दिखा दिया। ककरौली थानाक्षेत्र के तेवडा में बदमाशों ने लूट के साथ एक व्यक्ति की हत्या कर अभिषेक की पुलिस को चुनौती दी तो पुलिस ने भी बदमाशों की चुनौती स्वीकार की और इस हत्याकाण्ड़ का खुलासा कर दिया।

अब कांवड यात्रा सकुशल सम्पन्न होने के बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने अपना ध्यान पुलिस सुधार में लगाया है, जिसके तहत वे गत दिवस अचानक तितावी थाने पंहुच गये। एसएसपी की अचानक दस्तक से थाना कर्मचारी हतप्रभः रह गये। कप्तान ने घुसते ही थाने में थाने के सामने बैरियर लगवाने के निर्देश दिये। उन्हें थाने का अधिकांश स्टाफ नदारद मिलने पर एसएसआई एवं मुंशी का उन्होंने स्पष्टीकरण काॅल किया। थाने में अंधेरा देख कप्तान ने सीओ एवं तितावी थानाध्यक्ष का जवाब तलब किया। एसएसपी ने तितावी थाने पर वायर लैस सेट से सभी थानों को ऑन माइक किया। इसके साथ ही उन्होंने विगत दिवस मीरापुर थाने का औचक निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई के मद्देनजर थाना परिसर, कार्यालय, अभिलेख, मैस, बैरक, हवालात, शौचालय इत्यादि को चैक किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों से वार्ता करके उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें तत्काल ही दूर करने के निर्देश दिये थे। गत दिवस भी उन्होंने जनपद के सभी थानों को फरमान जारी किया था कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थानों में असलाहों की सफाई करायें फिर क्या था उसी दिन पुलिस ने अपने असलाहों की सफाई की फोटो सोशल मीडिया पर डालकर अपने कप्तान के आदेश का पालन किया।





ज्ञात हो कि 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी एसएसपी अभिषेक यादव ने भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन करने पूर्व आयकर विभाग में आयकर निरीक्षक के रूप में लगभग चार माह तक अपनी सेवाएं दी थी। आईपीएस अभिषेक यादव का स्पष्ट मानना है कि अगर आराम से बैठकर नौकरी करनी होती तो और तमाम विभाग हैं। पुलिस में हूं और अपराधियों से लड़ने की जिम्मेदारी मिली है। अगर हम इन्हें नहीं रोकेंगे तो कौन रोकने आएगा। एसएसपी अभिषेक यादव की पहली नियुक्ति बतौर एएसपी बुलन्दशहर में नियुक्ति प्राप्त हुई। इसके बाद वे जनवरी 2016 से दिसम्बर 2016 तक नोएडा में एसपी देहात के पद पर तैनात रहे। ग्रेटर नोएडा में तैनाती के वक्त अभिषेक यादव काफी लोकप्रिय हुए थे। आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल की खनन माफिया के खिलाफ की गई कार्रवाई को बतौर प्रशिक्षु आईपीएस अभिषेक यादव ने आगे बढ़ाया था। इन्होंने अपने हौंसले से बड़ी कामयाबी हासिल की थी।




ट्रेनी आईपीएस अफसर अभिषेक यादव डंपर में बैठकर माफियाओं के करीब पहुंच गए थे और तीन लोगों को दबोच भी लिया था। इस दौरान अवैध खनन करने वालों की तरफ से पुलिस पर फायरिंग भी की गई थी। उन्होंने 10 डंपर और एक पोपलेन मशीन को जब्त किया था। इसके बाद वे मुरादाबाद में दिसम्बर 2016 से मार्च 2017 तक एसपी सिटी रहे। उन्हें स्वतंत्र रूप में जनपद मऊ की कमान अप्रैल 2017 में सौंपी गयी, जहां वे लगभग ढ़ाई वर्ष तक एसपी के पद पर तैनात रहे। सूत्रों की मानें तो मऊ में बतौर एसपी का पद सम्भालते ही उन्होंने थानेदारों को बुलाकर साफ कर दिया कि थानों में खाने-खिलाने की संस्कृति अब नहीं चलेगी। कोई रिपोर्ट दर्ज करने के एवज में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो थानेदार व मुंशी के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। बतौर पुलिस अधिकारी उनके व्यवहार में केवल सख्ती ही नहीं दिखती, वरन उनके व्यक्तित्व में मानवीयता भी झलकती है।





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