संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल निर्माण में सरकार बचाएगी ₹ 290 करोड़: अरविंद केजरीवाल

संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल निर्माण में सरकार बचाएगी ₹ 290 करोड़: अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में 362 बेड्स के ट्रॉमा सेंटर का किया शिलान्यास

₹290 करोड़ बचाने के बावजूद बनेंगे शानदार ICU, इमरजेंसी बेड और छह अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर

मैं पैसे लूट नहीं रहा हूं, अपनी जनता पर पैसे लुटा रहा हूं : अरविंद केजरीवाल

डेनमार्क जैसा हेल्थ मॉडल दिल्ली में लागू किया है हमने: अरविंद केजरीवाल

हमारे लिए बहुत खुशी की बात है, हमारे लिए ये गर्व की बात है कि दिल्ली के अस्पतालों पर देश के लोगों का विश्वास है: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व विस्तार की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगोलपुरी में संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में 362 बेड्स के ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास किया। अपने एक ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा, अभी तक सरकारें 1 करोड़ रुपये प्रति बेड के हिसाब से अस्पताल बनातीं थीं। लेकिन संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल के 362 बेड का अत्याधुनिक एवं एसी ट्रॉमा सेंटर महज 71 करोड़ रुपये का बनेगा। आपकी सरकार ईमानदार है, पैसे बचा रही है, इसलिए आज सभी के लिए इतनी सारी सुविधाएं दे पा रही है। एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा, इस एक काम में ही 290 करोड़ रुपये बच गये। अगर इस पैसे से मैं दिल्ली के सभी लोगों की दवाई, इलाज और टेस्ट मुफ्त कर देता हूं तो इसमें गलत क्या है? विपक्ष के लोग इसका विरोध करते हैं कि हम दिल्ली वालों को मुफ्त इलाज करके पैसा बर्बाद कर रहे हैं।


डेनमार्क जैसा हेल्थ मॉडल दिल्ली में लागू किया है हमने: अरविंद केजरीवाल


मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे ऊपर विपक्षी पार्टियां आरोप लगाती हैं कि केजरीवाल ने सारे अस्पतालों में दवाइयां मुफ्त क्यों कर दीं, मुफ्त नहीं होना चाहिए। आरोप लगता है कि केजरीवाल ने सारे अस्पतालों में इलाज मुफ्त क्यों कर दिया, ये मुफ्तखोरी ठीक नहीं है। आरोप ये लगता है कि केजरीवाल ने सारे अस्पतालों में सारे टेस्ट फ्री कर दिये, ये मुफ्तखोरी की आदत ठीक नहीं है। मैं कहना चाहता हूं कि दुनिया के सबसे विकसित देशों में जो होता आ रहा है, वो अब हम दिल्ली में कर रहे हैं। डेनमार्क जैसे विकसित देश में सभी सरकारी अस्पतालों में सभी के लिए इलाज मुफ्त है। डेनमार्क में अगर आप सरकारी अस्पताल में जाएं और 1 महीने के अंदर ऑपरेशन की तारीख न मिले तो आप प्राइवेट अस्पताल में जाकर अपना ऑपरेशन सरकार के खर्च पर करा सकते हैं। हमने दिल्ली में भी यही कर रखा है। दिल्ली के अंदर आपको वही सुविधाएं मिल रही हैं जो लोगों को डेनमार्क, अमेरिका, जापान जैसे बड़े-बड़े विकसित देशों में मिल रही हैं।

मेरे ऊपर आरोप लगाने वाली विपक्षी पार्टियां उन सुविधाओं का सपना भी नहीं देख सकतीं जो कि हम दिल्ली में लोगों को मुहैया करा रहे हैं। हमने शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत शानदार काम किया है। विपक्षी पार्टियां कहती हैं कि केजरीवाल मुफ्त में इतनी अच्छी शिक्षा दिल्ली वालों को क्यों दे रहे हैं। उनका ये कहना है कि अगर ये शिक्षा-स्वास्थ्य मुफ्त हो गया तो दिल्ली का बजट घाटे में चला जाएगा। मैं कहना चाहता हूं कि जब तक केजरीवाल है तब तक दिल्ली का बजट कभी घाटे में नहीं जाने दूंगा।


दिल्ली का बजट पहले चाहे जितना घाटे में रहा हो लेकिन पिछले पांच साल में दिल्ली का बजट नफे में रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि दिल्ली के लोगों का अपनी सरकार के ऊपर विश्वास बढ़ा है। हमारी सरकार बनने से पहले दिल्ली का बजट 30 हजार करोड़ का था। पांच साल में आप लोगों ने दिल्ली का बजट 60 हजार करोड़ कर दिया। ये मैंने नहीं किया। मैंने तो केवल रेड राज खत्म कर दिया। पहले टैक्स डिपार्टमेंट वाले, वैट वाले, जीएसटी वाले व्यापारियों के घर पैसे खाने पहुंच जाया करते थे। हमने कहा कि जनता अपनी मर्जी से टैक्स दे। जनता खुश हो गई। जनता ने देखा कि अगर हम टैक्स देते हैं कि सरकार हमें सुविधा देती है।


जनता ने दिल खोलकर टैक्स देना चालू किया। इससे दिल्ली का बजट 30 हजार करोड़ से बढ़कर 60 हजार करोड़ का हो गया। पहले बहुत सारा पैसा रिश्वतखोरी में चला जाया करता था। पहले बहुत सारा पैसा भ्रष्टाचार में चला जाया करता था। दिल्ली की जनता ने एक ईमानदार सरकार चुनी थी। आज बहुत सारा पैसा बच रहा है, उसी से इतना सारा काम हो रहा है। मैंने जनता पर टैक्स बढ़ाया नहीं, बल्कि पांच साल में टैक्स कम किया है। जब हमारी सरकार बनी थी तब 12.50 फीसदी वैट होता था जिसे हमने 5 फीसदी कर दिया था। हमने टैक्स आधे से भी कम कर दिया और सुविधाएं बढ़ा दीं। ऐसा इसलिए संभव हो पाया क्योंकि भ्रष्टाचार कम हो गया तो पैसे बचने लगे।

मैं पैसे लूट नहीं रहा हूं, अपनी जनता पर पैसे लुटा रहा हूं : अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष वाले कहते हैं कि केजरीवाल पैसे लुटा रहा है। मैं पैसे लूट नहीं रहा हूं, अपने लोगों पर, अपनी जनता पर पैसे लुटा रहा हूं। अपने लोगों के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। अपने लोगों के लिए स्ट्रीट लाइट्स लगवाई हैं। स्कूलों में 21 हजार नये क्लासरूम्स बनवा दिये। अस्पताल बना रहे हैं। मोहल्ला क्लीनिक्स बना रहे हैं। जब हमारी सरकार बनी तो केवल 60 फीसदी दिल्ली को पाइपलाइन से पीने का पानी मिलता था। बाकी लोगों को टैंकर के पानी पर मोहताज रहना पड़ता था। हमने इतने पाइप लाइन बिछा दिये हैं कि आज 95 फीसदी दिल्ली को टोंटी से पीने का साफ पानी मिलने लगा है। बहुत जल्द 100 फीसदी दिल्ली को टोंटी से पीने का साफ पानी मिलने लगेगा।

हमारे लिए बहुत खुशी की बात है, हमारे लिए ये गर्व की बात है कि दिल्ली के अस्पतालों पर देश के लोगों का विश्वास है: अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बॉर्डर के एक अस्पताल का सर्वे करवाया था। वहां 80 फीसदी मरीज दिल्ली से बाहर के थे। अगर केवल दिल्ली के लोगों के इलाज की बात हो तो जितने अस्पताल हमने बना दिये हैं, उतने बहुत हैं। अब तो बिहार से कोई आदमी 500 रुपये का टिकट लेकर दिल्ली पहुंचता है और 5 लाख रुपये का ऑपरेशन कराकर वापस चला जाता है। हमारे लिए बहुत खुशी की बात है, हमारे लिए ये गर्व की बात है कि दिल्ली के अस्पतालों पर देश के लोगों का विश्वास है। लेकिन ये भी जरूरी है कि पूरे देश के अंदर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हो।

पूरी दिल्ली की जनता को बहुत फायदा होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का सबसे बड़ा ट्रॉमा सेंटर आज यहां बनना शुरू हो रहा है। इससे न केवल मंगोलपुरी बल्कि पूरी दिल्ली की जनता को बहुत फायदा होगा। पिछले पांच साल के अंदर दिल्ली में बहुत बड़े स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र का विस्तार हुआ है। जहां पहले डिस्पेंसरियों की हालत बहुत खराब हुआ करती थी। अगर आपको मामूली खांसी, जुकाम हो जाए तो बड़े अस्पतालों की तरफ दौड़ना पड़ता था। इस वजह से बड़े अस्पतालों में बहुत भीड़ होती थी। इसलिए पूरी दिल्ली में बहुत बड़े स्तर पर मोहल्ला क्लीनिक बनाये जा रहे हैं। लगभग 200 मोहल्ला क्लीनिक चल रहे हैं। लगभग 200 मोहल्ला क्लीनिकों का हफ्ते-दस दिन के भीतर उद्घाटन होने जा रहा है। इसके बाद करीब 300 मोहल्ला क्लीनिक नवंबर-दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएंगे। पूरी दिल्ली के अंदर दिसंबर तक करीब 700-800 मोहल्ला क्लीनिकों में लोगों का इलाज होने लगेगा। मोहल्ला क्लीनिक में सारी दवाइयां फ्री हैं। सारे टेस्ट फ्री हैं। मोहल्ला क्लीनिक के अलावा दिल्ली में 122 पॉली क्लीनिक भी बन रहे हैं। वहां आठ तरह के स्पेशलिस्ट बैठते हैं। इसके बाद ज्यादा बड़ी बीमारी है तो आपको बड़े अस्पतालों में जा सकते हैं। इस तरह से हमने एक सिस्टम बनाया है जिसमें हजार मोहल्ला क्लीनिक होंगे, 122 पॉली क्लीनिक होंगे। और उसके बाद बड़े-बड़े अस्पताल हैं। ये सारा सिस्टम बन जाने के बाद दिल्ली के लोगों को अपनी या अपने परिवार के किसी सदस्य के बीमार होने पर उसके इलाज की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

इस अस्पताल में तो हम 50 फीसदी से ज्यादा बेड, इमरजेंसी, ट्रॉमा, आईसीयू के लिए बनाने जा रहे हैं: सत्येंद्र जैन

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि इस ट्रॉमा सेंटर के अंदर आईसीयू बेड्स भी हैं, इमरजेंसी बेड्स भी हैं और ट्रॉमा सेंटर भी है। साथ ही साथ इसमें 6 ऑपरेशन थियेटर भी हैं। पूरी बिल्डिंग वातानुकूलित है। यहां सारी आधुनिक सुविधाएं हम मुहैया कराएंगे। अभी तक का कन्सेप्ट ये था कि अगर 300 बेड का अस्पताल है तो वहां 15-20 इमरजेंसी बेड हुआ करते थे, 5-7 फीसदी स्टैंडर्ड था। आमतौर पर अस्पताल आदमी तब जाता है, जब इमरजेंसी होती है, उसको वहां इमरजेंसी बेड मिलना चाहिए, इसलिए हमारी सरकार ने निश्चय किया कि हम 40 फीसदी बेड इमरजेंसी, ट्रॉमा, आईसीयू के लिहाज से बनायेंगे। इस अस्पताल में तो हम 50 फीसदी से ज्यादा बेड, इमरजेंसी, ट्रॉमा, आईसीयू के लिए बनाने जा रहे हैं। यहां 362 बेड होंगे। तीन आईसीयू होंगे। ये 14-14 बेड के आईसीयू होंगे जिनमें सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी।

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