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यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018 में अधिक से अधिक उद्यमी प्रतिभागिता करें : जी0एस0 प्रियदर्शी

यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018 में अधिक से अधिक उद्यमी प्रतिभागिता करें : जी0एस0 प्रियदर्शी

मुजफ्फरनगर : जिलाधिकारी जी0एस0 प्रियदर्शी ने कहा कि यूपी इन्वैस्टर्स सबमिट 2018 लखनऊ में 21 और 22 फरवरी को आयोजित होने जा रहा है। इस सबमिट में लखनऊ में भाग लेने हेतु एवं इन्वेस्ट करने हेतु उद्यमियों को प्रेरित किया और कहा कि अधिक से अधिक उद्यमी इस सबमिट में अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने डीएफओ को निर्देश दिये कि मुजफरनगर को प्लाईवुड हब/कलस्टर बनाने के सम्बन्ध में उद्यमियों के साथ बैठक करें। उन्होने औद्योगिक संगठनों/उद्यमियों द्वारा शहर के चैराहो पर ट्रैफिक लाईटो का इनफोर्समैन्ट कराये जाने के निर्देश सीओ सिटी को दिये। जिलाधिकारी ने औद्योगिक इकाईयों में प्रदूषण नियमो का पालन कराये जाने के निर्देश अग्निशमन अधिकारी एवं क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को दिये। उन्हेाने कहा कि अग्निश्मन अधिकारी और क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी प्रवर्तन कार्य में तेजी लाये और देखे कि औद्योगिक इकाईयों द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है। उन्हेाने निर्देश दिये कि उद्यमियों की समस्याओ का निराकरण होना चाहिए। उन्हेाने जिला पंचायत मुजफरनगर के प्रतिनिधि को निर्देश दिये कि वे भी अपने स्तर से उद्यमियो की समस्याओं का समाधान करे।
जिलाधिकारी जी0एस0 प्रियदर्शी सोमवार को यहां कलैक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होने कहा कि जनपद में उद्योगो को बढावा दिये जाने के लिये उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। उन्हेाने कहा कि मानक पूर्ण करने पर नये उद्योगो की स्थापना में सहयोग करें। उन्होने कहा कि नये उद्योगो की स्थापना से जहां एक और रोजगार के अवसर बढेगे वही क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि भी होगी। उन्होने विधुत विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिये कि उद्यमियों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ निस्तारित करायें ताकि जिले में औद्योगिक वातावरण मजबूत हो सके। उन्होने कहा कि उद्योगो की समस्याओं को सम्बंधित अधिकारी समय रहते निस्तारित करें। उन्होंने महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र को निर्देश दिये कि प्रत्येक सप्ताह अपने स्तर से एकल मेज व्यवस्था के माध्यम से सम्बंधितों को आमंत्रित कर उद्यमियों की समस्याओं को निपटायें। जिलाधिकारी ने बैठक में उद्यमियो ने फायर स्टेशन के लिए भूमि उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव दिया। जिलाधिकारी ने फायर अधिकारियों को निर्देश दिये कि उद्यमियों ये मिलकर भूमि को देख ले और तद्नुसार अग्रेत्तर कार्यवाही करें। उन्होने फायर के अधिकारियो को निर्देश दिये कि औद्योगिक इकाईयों और पेन्ट के गोडाउनों की जांच कर ले। उन्होने कहा कि पिछले दिनों टायर फैक्ट्री में लगी आग की जांच एसडीएम के स्तर से कराई जायेगी। उन्होने बेगराजपुर मंे स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था कराये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि औद्योगिक क्षेत्र में समय समय पर कैम्प श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाये। उन्होने कुछ बडे अस्पताल श्रमिकों के ईलाज के लिए सूचीबद्ध करने के भी निर्देश दिये और उनकी और से शासन को पत्र लिखे जाने के निर्देश भी दिये। जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिये कि इन्वेस्टर्स सबमिट में भाग लेने हेतु अधिक से अधिक उद्यमियों का रजिस्टेशन करे। उन्होने ट्रैफिक लाईटों का टाइम फिक्स करने और उनकी मानिटरिंग कराये जाने के भी निर्देश दिये। उन्हेाने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग ट्रैफिक वायोलैंस के लिए करने के निर्देश सीओ सिटी को दिये। उन्होने कहा कि भोपा रोड पर सडकों के किनारें उद्यमी ट्रको का जाम न लगने दे। उन्हेाने कहा कि उनके बिलिंग कार्य आदि फैक्ट्री के अन्दर ही निपटाये। उन्होने कहा कि किसी भी दशा में सडकों पर ट्रक न खडे हो इससे आम जनता को असुविधा होती है। जिलाधिकारी ने सीओ सिटी को निर्देश दिये कि अवैध पार्किंग करने वाले वाहनो को कै्रन को उपयोगिता मे लाये जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां पर आरा मशीन स्थापित है वे गेट पर आरा मशीन का लाईसेंस एवं उसकी अवधि आदि का उल्लेख करे। डीएफओ ने बताया कि 30 से0मी0 गोलाई या उससे ऊपर की लकडी के लिए आरा मशीन मालिको द्वारा लाईसेंस लिया जायेगा। 30 से0मी0 से नीचे की अनुमति डीएफओ कार्यालय से लेनी होगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि उद्यमियों का उत्पीडन न हेाने पाये सभी विधि संगत कार्य प्राथमिकता पर करने सुनिश्चित किये जाये। उन्हेाने कहा कि उद्यमियो का उत्पीडन बर्दाशत नही किया जायेगा। जिलाधिकारी ने सप्ताह मे दो बार औद्योगिक आस्थानों की सफाई करने एवं एक बार नालों की सफाई कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होने औद्योगिक ऐरिया बेगराजपुर में पडे खाली प्लाटों पर इकाईयों को आवंटित किये जाने का सुझाव दिया। बेगराजपुर के पास 11 सौ एकड जमीन उपलब्ध है। जिसे इण्डस्ट्रियल एरिया के रूप में विकसित किये जाने की मांग की गयी। जिलाधिकारी में बेगराजपुर में पूर्व से खाली प्लाटों के बारे में बताते हुए भविष्य में नये औद्योगिक एरिया विकसित करने के सम्बन्ध मेें प्लाटों के विक्रय हेतु नान वाईडिंग कन्सेन्ट के लिए कहा गया था जिससे औद्यागिक क्षेत्र के विकसित करने के सम्बन्ध मे मांग करने की सही जानकारी हो सकेगी।
जिलाधिकारी ने विद्युत सम्बन्धित समस्याओं के निस्तारण के निर्देश अधिशासी अभियंता विद्युत को दिये। उन्होने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करे कि उद्यमियों की समस्याओं का समय से निस्तारण हो जिससे उद्योगो का विकास हो। बैठक में उपायुक्त उद्योग, सहायक आयुक्त उद्योग, अधिशासी अभियंता विद्यतु, सीओ सिटी एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण मौजूद थे।

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