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'उत्तर प्रदेश दिवस' के प्रथम आयोजन पर बधाई, उत्तर प्रदेश का इतिहास अत्यन्त समृद्ध है : एम0 वेंकैया नायडू

उत्तर प्रदेश दिवस के प्रथम आयोजन पर बधाई, उत्तर प्रदेश का इतिहास अत्यन्त समृद्ध है :  एम0 वेंकैया नायडू

लखनऊ : भारत के उप राष्ट्रपति एम0 वेंकैया नायडू ने राज्य सरकार को 'उत्तर प्रदेश दिवस' के प्रथम आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का इतिहास अत्यन्त समृद्ध है। यह आध्यात्मिकता का केन्द्र है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह प्रदेश राम, कृष्ण, बुद्ध जैसी महान विभूतियों की कर्मभूमि रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार इस प्रदेश के विकास में तेजी लाने के लिए सारे प्रयास कर रही है। यह राज्य असीमित सम्भावनाओं वाला प्रदेश है।
उप राष्ट्रपति जी ने यह विचार अवध शिल्प ग्राम में आयोजित 'उत्तर प्रदेश दिवस' के प्रथम समारोह को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर लखनऊ महोत्सव का भी शुभारम्भ किया गया।
भारत के उप राष्ट्रपति एम0 वेंकैया नायडू ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार प्रदेश के विकास के विषय में सोचते रहते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एक दिन अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे, क्योंकि अगर उत्तर प्रदेश विकसित नहीं हो पाया तो इसका विपरीत प्रभाव देश के विकास पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मानव तथा प्राकृतिक संसाधनों का कोई अभाव नहीं है। जरूरत इस बात की है कि सब लोग मिलजुल कर प्रदेश को विकसित बनाकर आगे ले जाने का प्रयास करें।
भारत के उप राष्ट्रपति एम0 वेंकैया नायडू ने कहा कि विविधता में एकता भारत की विशेषता है। यह उत्तर प्रदेश पर भी लागू होता है। उन्होंने कहा कि सभी भारतीयों को एकजुट होकर देश को आगे ले जाने का काम करना होगा। उन्होंने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना को विशिष्ट बताते हुए कहा कि इसके तहत लोगों के हुनर को पहचान देते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के लागू होने से रोजगार के अवसर तो सृजित होंगे ही, साथ ही उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों को अपने-अपने उत्पादों को विश्व स्तर पर पहुंचाने का भी अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश की जी0डी0पी0 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश में देश के 08 प्रतिशत लघु उद्योग मौजूद हैं, जिनमें लाखों लोगों को रोजगार मिलता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दावोस में वल्र्ड इकोनाॅमिक फोरम में दिए गए भाषण का उल्लेख करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। उन्होंने देश की राजनीति और सोच में बदलाव लाने पर बल देते हुए कहा कि हमें एकता बनाए रखते हुए मिलकर काम करना होगा।
समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आज का दिन स्वर्णिम दिवस है। उन्होंने उप राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का अत्यन्त महत्वपूर्ण राज्य है। इसके हर जनपद में कोई न कोई हुनर मौजूद है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान भी उन्होंने उत्तर प्रदेश दिवस आयोजित करने का सुझाव दिया था, परन्तु इसका आयोजन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए आज का दिन सुखद है। आज जिन योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया गया है, वे इस प्रदेश के विकास को नया आयाम देंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'उत्तर प्रदेश दिवस' के प्रथम समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह एक गौरव का क्षण है। उत्तर प्रदेश की गौरवशाली परम्पराओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए इसके विकास पर काम करना होगा। उन्होंने राज्यपाल श्री राम नाईक जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन का सुझाव उनका था, जिसे स्वीकार करते हुए इसे मनाया जा रहा है। यही नहीं, इस आयोजन को प्रदेश के विकास, कृषि, उद्योग इत्यादि से भी जोड़ा गया है। जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा राज्य है। विश्व मानचित्र पर भारत को एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में इस राज्य की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों का संतुलित विकास आवश्यक है। इसके बगैर देश का विकास और प्रगति असम्भव है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर की गई अपेक्षाओं को हमें हर हाल में पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश गौरवशाली परम्पराओं वाला राज्य है। उन्होंने प्रदेशवासियों को अपने प्रदेश पर गर्व करने की सलाह देते हुए कहा कि यदि कोई समाज अपने अतीत पर गौरव नहीं कर सकता तो उसका वर्तमान अच्छा नहीं हो सकता है। उत्तर प्रदेश का अतीत गौरवशाली था। प्राचीनकाल में मौजूद 16 महाजनपदों में से 08 उत्तर प्रदेश में थे। किसी न किसी रूप में वे आज भी मौजूद हैं। ब्रिटिश काल में इसे 'यूनाइटेड प्रोविन्सेज़' के नाम से जाना जाता था, परन्तु 24 जनवरी, 1950 से इसे उत्तर प्रदेश कहा गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राजनीतिक रूप से उत्तर प्रदेश सदैव महत्वपूर्ण रहा है। 18 मण्डलों, 75 जनपदों और 1851 विकासखण्डों वाला उत्तर प्रदेश राज्य अपने तीर्थस्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों तथा पर्यटन केन्द्रों के कारण विख्यात है। भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या, श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा एवं भगवान शिव की नगरी काशी उत्तर प्रदेश में ही विद्यमान है। भारत की 07 प्रमुख नदियों में से 03 अर्थात गंगा जी, यमुना जी और सरस्वती जी के पवित्र जल से उत्तर प्रदेश अभिसिंचित हो रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान बुद्ध, तीर्थंकर महावीर, संत कबीर तथा महायोगी गोरक्षनाथ जी ने मानवता एवं सामाजिक समरसता का संदेश उत्तर प्रदेश की भूमि पर ही दिया था। देश की आजादी में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। आज के समारोह के दौरान 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' जैसी महत्वपूर्ण योजना लागू की जा रही है। उत्तर प्रदेश के विकास पर इस योजना के दूरगामी प्रभाव होंगे। यह योजना बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने में कामयाब होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू करने के लिए अवध शिल्प ग्राम एक अच्छा मंच है। राज्य सरकार इसका उपयोग विभिन्न जनपदों के उत्पादों को शोकेस करने के लिए करेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस योजना के माध्यम से 20 लाख रोजगार सृजित होंगे।
आगामी 21 एवं 22 फरवरी, 2018 को आयोजित की जा रही यू0पी0 इन्वेस्टर्स समिट-2018 का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके माध्यम से लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश में सम्भावित है। राज्य सरकार इस बात के प्रयास कर रही है कि प्रदेश के युवाओं को यहीं रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा सकें ताकि उन्हें रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर प्रस्थान न करना पड़े।
कार्यक्रम को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। यह देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उत्तर प्रदेश के हर जनपद में कोई न कोई उद्योग सदियों से मौजूद है। देश से निर्यात किए जाने वाले हस्तशिल्प में 44 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से होते हैं, जबकि देश के बाहर निर्यात किए जाने वाले कालीनों में से 39 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में निर्मित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पारम्परिक उद्योगों को इस राज्य का ब्राण्ड बनाया जाएगा।
समारोह के अंत में मुख्य सचिव राजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इससे पूर्व, समारोह का उद्घाटन उप राष्ट्रपति, राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य के गठन पर अभिलेख प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। उप राष्ट्रपति का स्वागत मुख्यमंत्री ने पुष्प, अंगवस्त्र, श्रीराम की मूर्ति तथा कन्नौज का इत्र भेंट कर किया। इससे पूर्व, समारोह का शुभारम्भ गणेश वन्दना कर किया गया। इस अवसर पर विभिन्न लोक नृत्यों का प्रस्तुतिकरण करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश गीत का भी प्रस्तुतिकरण किया गया।
समारोह के दौरान उप राष्ट्रपति ने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' के 'लोगो' और पुस्तिका को लाॅन्च किया। मुद्रा योजना तथा स्टैण्ड अप इण्डिया योजना के तहत 1200 लोगों को प्रमाण-पत्र तथा चेक भी वितरित किए गए। इस अवसर पर लखनऊ जनपद की 941.96 करोड़ रुपए लागत वाली 109 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी उप राष्ट्रपति द्वारा किया गया।
नायडू ने सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा लागू की जा रही 25 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया और इससे सम्बन्धित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। उन्होंने सौर ऊर्जा नीति की पुस्तिका का विमोचन करने के साथ-साथ संस्कृति विभाग की पुस्तिका का भी विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने 'शबरी पोषण' मोबाइल एप भी लाॅन्च किया। कार्यक्रम के दौरान 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' पर केन्द्रित एक फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश मंत्रिमण्डल के कई सदस्य, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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