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यूनानी को हमने मजहबी विधा बनाकर रख दिया है इससे निकलने की आज जरूरत है :डा0 धर्म सिंह सैनी

यूनानी को हमने मजहबी विधा बनाकर रख दिया है इससे निकलने की आज जरूरत है :डा0 धर्म सिंह सैनी

लखनऊः आयुष विधा से अच्छी दूसरी विधा दुनिया में कोई नहीं है, इसमें चार चाँद लगाने की जरूरत है। यूनानी को हमने मजहबी विधा बनाकर रख दिया है इससे निकलने की आज जरूरत है। इस विधा में ऐसी दवाइयाँ है कि इससे गम्भीर से गम्भीर रोग ठीक हो सकता है।
यह विचार प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 धर्म सिंह सैनी ने आज डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान में सामाजिक समन्वय एवं उत्थान संस्थान द्वारा आयोजित आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा कान्फ्रेंस में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि नयी सरकार बनने के बाद आयुष अलग विभाग बनाया गया, पहले यह चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ था। उन्होंने कहा कि आयुष विधा को हम आम जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रहे है। जिस व्यक्ति के पास दो वक्त की रोटी नहीं है वह महंगी दवाओं पर धन नहीं खर्च कर सकता, यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें बेहतरीन इलाज मुहैय्या कराये।
आयुष राज्यमंत्री ने कहा कि आयुष विभाग में डाक्टरों की कमी है। इसके लिए अधियाचन भेजा गया है। डाक्टरों, प्रोफेसरों व कालेजों की कमी को शीघ्र ही दूर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 16 जनपदों में 50 बेड का अस्पताल स्वीकृत हो चुका है। प्रदेश के 75 जिलों में 50 बेड का आयुष चिकित्सालय का निर्माण किया जायेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयुष विश्वविद्यालय बनाने का कार्य किया जा रहा है। आयुष विधा को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है।

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