दिल्ली सरकार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम का एक भी पैसा बकाया नहीं

नगर निगम को दिए लोन का ब्याज़ भी नहीं ले रही है दिल्ली सरकार

उत्तरी दिल्ली नगर निगम में जो हालात चल रहे हैं वो बेहद दुखद है, ना सफ़ाई कर्मचारियों को तनख्वाह मिल रही है, ना एमसीडी के अध्यापकों को तनख्वाह मिल रही है और ना ठेकेदारों को पैसा मिल रहा है। दरअसल बीजेपी के कुशासन की वजह से ऐसे हालात नॉर्थ एमसीडी में हैं।

नॉर्थ दिल्ली नगर निगम में नेता विपक्ष और आम आदमी पार्टी के पार्षद राकेश कुमार ने कहा कि 'दिल्ली सरकार पर नॉर्थ एमसीडी का कोई पैसा बकाया नहीं है। जबकि हक़कीत ये है कि दिल्ली सरकार ने जो लोन नॉर्थ एमसीडी को दिया हुआ है उसका ब्याज़ भी दिल्ली सरकार उत्तरी दिल्ली नगर निगम से नहीं ले रही है। लेकिन बावजूद इसके नॉर्थ एमसीडी में बैठे बीजेपी के नेता लगातार झूठ बोल रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।

नॉर्थ एमसीडी पर कुल मिलाकर 3500 करोड़ रुपए की देनदारियां हैं जिसमें कर्मचारियों की तनख्वाह और बाकी सभी तरह की देनदारियां शामिल हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ़ नॉर्थ एमसीडी का डीडीए पर 900 करोड़ रुपए का बकाया है और साउथ एमसीडी पर 1300 करोड़ रुपए बकाया है लेकिन फिर भी नॉर्थ एसीडी इन एजेंसियों से पैसा नहीं ले रही हैं, बल्कि जनाबूझकर दिल्ली सरकार से पैसा मांगती है जहां इनकी कोई लेनदारियां नहीं बनती हैं। सिर्फ़ और सिर्फ़ राजनीति करने के लिए ही दिल्ली सरकार से पैसा मांगा जाता है।

नॉर्थ एमसीडी में स्टैडिंग कमेटी के सदस्य और आम आदमी पार्टी के पार्षद विकास गोयल ने कहा कि "स्टैडिंग कमेटी ने आधिकारिक तौर पर नॉर्थ एमसीडी से पूछा था कि आखिर वो कितना पैसा है जो एमसीडी को सभी कर्मचारियों को देना है तो उसके जवाब में नॉर्थ एमसीडी ने कहा कि कुल 1706 करोड़ हैं जो एमसीडी के कर्मचारियों को तनख्वाह और दूसरे तरह के एरियर के तौर पर देना है। नॉर्थ एमसीडी में बीजेपी ने सारा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया है और अब कर्मचारियों को देने के लिए उनके पैसा नहीं है।

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