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करिश्मा कुदरत का : महिला ने सुबह पांच बच्चियों को दिया जन्म, शाम तक सभी की मौत

करिश्मा कुदरत का : महिला ने सुबह पांच बच्चियों को दिया जन्म, शाम तक सभी की मौत

मुजफ्फरनगर : पडौसी जिले मेरठ में एक मजदूर के घर ईश्वर ने सुबह खुशियों का सैलाब उडेल दिया, लेकिन शाम तक ये ही खुशी मातम में बदल गयी। सवेरे इस मजदूर की पत्नी ने एक-दो नहीं बल्कि पांच बच्चों को जन्म दिया। ये पांचों बच्चे लड़कियां थी। शाम होते होते ये पांचों बच्चियां मौत के आगोश में समां गयी। सवेरे जहां इन बच्चियों की पैदाइश से इस मजदूर के परिवार में खुशियां छाई थी, वहीं शाम आते आते ये खुशियां गमगीन माहौल में बदल गयी। महिला स्वस्थ बताई जा रही है।

मेरठ जुड़वा या तीन बच्चों के जन्म के किस्से हम अनेक बार सुन चुके हैं, लेकिन पांच बच्चों का एक साथ जन्म कुदरत का करिश्मा ही माना जायेगा। जी हां! गुरुवार को मेरठ जनपद के परीक्षितगढ़ में ऐसा ही करिश्मा एक मजदूर के यहां हुआ है। मेरठ के किला परीक्षितगढ़ निवासी देवीराम मजदूरी का कार्य करता है। उसकी पत्नी पिंकी गर्भवती थी। लेबर पेन होने पर देवीराम ने पिंकी को परीक्षितगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती करा दिया था। गुरूवार सवेरे पिंकी ने चिकित्सकों की देखरेख में पांच बच्चों को जन्म दिया। महिला के पांच बच्चे के जन्म देने की खबर जब सीएचसी में फैली तो महिला व उसके बच्चों को देखने के लिए वहां भीड़ उमड़ने लगी। बच्चों व महिला की हालत गंभीर होने पर सीएचसी से चिकित्सकों ने 108 एम्बुलैंस के सहारे उनको जिला चिकित्सालय मेरठ के लिए रैफर कर दिया। वहां बच्चों को आईसीयू में रखा गया, लेकिन शाम होने तक पांचों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। सवेरे जो खुशी इस मजदूर देवीराम के परिवार में आई थी, शाम होते होते वो मातम में बदल गयी। देवीराम के परिवार में इससे पहले भी दो लड़कियां हैं। सीएचसी पर जब महिला चिकित्सक ने पिंकी के द्वारा पांच बच्चियों को जन्म देने की बात उसके पति देवीदास को बताई तो खुशी नजर आया और सबसे पहले अपनी बच्चियों व पत्नी के स्वास्थ्य के बारे में पूछा। तब तक पांचों बच्चियों व उनकी मां को चिकित्सक ने स्वस्थ बताया था।
तीन बच्चियों ने रास्ते में तोड़ा दम, दो ने मेरठ मेडिकल में ली अंतिम सांस
पिंकी के द्वारा पांच बच्चों को जन्म देने के बारे में मेरठ के सीएमओ डा. राजकुमार से खोजी न्यूज के समाचार सम्पादक दिलशाद मलिक ने फोन पर वार्ता कर जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि परीक्षितगढ़ के देवीदास की पत्नी को गुरुवार को सवेरे पेट में दर्द की शिकायत पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। यहां महिला ने चिकित्सक की निगरानी में पांच बच्चियों को जन्म दिया। इनमें से सभी बच्चियों का वजन एक किलोग्राम से कम था, कोई 500, कोई 600 और किसी का वजन 400 ग्राम पाया गया। सीएमओ का कहना है कि एक किलोग्राम से कम वजने के नवजात शिशुओं में सरवाइविल रेट बेहद कम होता है। उनके जीवित रहने की संभावना क्षीण हो जाती है। उन्होंने बताया कि बच्चियों व उनकी मां को 108 एम्बुलैंस से तत्काल ही जिला अस्पताल मेरठ के लिए भिजवाया गया था, लेकिन रास्ते में ही तीन नवजात बच्चियों ने दम तोड़ दिया। दो बच्चियों की हालत गंभीर देखते हुए जिला चिकित्सालय से उनको मेरठ मेडिकल रैफर कर दिया गया, वहां कुछ देर आईसीयू में रखकर उनको उपचार दिया गया, लेकिन इसी बीच इन बच्चियों ने भी दम तोड़ दिया। शाम तक पांचों बच्चियों का निधन हो चुका था। उनकी मां पिंकी की हालत में सीएमओ ने सुधार बताया है।

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