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पुरकाजी में अच्छी जहनियत से काम करा रहे जहीर, चेयरमैन ने कूड़े को बना दिया 'कीमती'

पुरकाजी में अच्छी जहनियत से काम करा रहे जहीर, चेयरमैन  ने कूड़े को बना दिया कीमती

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जनपद का पुरकाजी कस्बा, जहां आजादी के बाद से एक अपवाद को छोड़ दिया जाये तो मुर्तजा फैमिली का ही नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा रहा है। पहले सईद मुर्तजा, फिर उनके पुत्र सईदुज्जमा इसके बाद इन्हीं के परिवार के नसीम मियां का पिछले 15 सालों से पुरकाजी चेयरमैन सीट पर कब्जा रहा है। चूंकि जनता को जागीर समझकर वोट लेने वाली ये फैमिली पुरकाजी के विकास के लिए कुछ खास नहीं कर पायी थी। ऐसे में एक नौजवान जो वकालत के क्षेत्र से जुड़े थे, एक घटना के बाद से कस्बे के विकास के लिए प्रयासरत हो गये और उनका मकसद बन गया कि पुरकाजी की तरक्की कैसे हो। उन्होंने कभी बाईपास बनने के बाद कस्बे के अन्दर से रोडवेज बस ले जाने के लिए तो कभी पुरकाजी को तहसील का दर्जा दिलाने के लिए आन्दोलन किया। उन्होंने धार्मिक स्थल के पास से शराब का ठेका हटाने की जिद की, तो प्रशासन को हटाना पड़ा। आजादी की जंग में सूली पर लटकाये गये शहीदों के स्थल पर प्रतिष्ठित फैमिली के कब्जे को हटाने के लिए भी उन्होंने हुंकार भरी। उनके इस अभियान में पुरकाजी की जनता ने भी साथ दिया और कस्बे की जनता ने इस नौजवान नेता को हाथों हाथ लिया। रिजल्ट आया कि जहीर फारूकी इस रसूखदार फैमिली को चित्त करके पुरकाजी के प्रथम नागरिक बन गये। जहीर फारूकी ने चुनाव में वादा किया था कि जीत मिलने के बाद वे शपथ ग्रहण सूली वाला बाग पर ही करेंगे और हुआ भी वो ही। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया था कि वह चेयरमैन पद की शपथ सूली वाला बाग पर ही लेंगे। जिला प्रशासन ने उनकी इस अपील को नजर अंदाज करते हुए नगर पंचायत कार्यालय पर ही शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय कर दिया, लेकिन जिद्दी जहीर नहीं माने और उन्होंने सूली वाला बाग पर ही धरना दे दिया। जहीर की जिद और पुरकाजी कस्बे की जनता के समर्थन को देखते हुए प्रशासन को बेकफुट पर आना पड़ा और जहीर ने सूली वाला बाग पर ही कस्बे के प्रथम नागरिक के रूप में शपथ ली।
साल 2017 में नगरीय निकाय चुनाव में अपना 'हेलीकाॅप्टर' लेकर नगर पंचायत पुरकाजी के अध्यक्ष पद के लिए जनता के बीच पहुंचे जहीर फारूकी को कस्बेवासियों का भरपूर प्यार मिला। इस चुनाव में उन्होंने पुरकाजी की परम्परा को तोड़ते हुए जीत हासिल की। जहीर को कस्बे के साथ जनपद मुजफ्फरनगर में सूली वाला बाग आन्दोलन के सबसे मुखर नेता के रूप में भी पहचाना जाता है। इसी आन्दोलन ने उनके पक्ष में जनादेश लाने में काफी अहम भूमिका निभायी। वो चुनाव जीते तो अपने क्षेत्र और लोगों के लिए कुछ अलग करने को फिक्रमन्द रहने वाले जहीर फारूकी ने सबसे पहले नगर पंचायत की 26 फुट लम्बी उस दीवार को बिस्मार कराने का काम किया, जो पूरी तरह से अवैध निर्माण के रूप में नगर पंचायत की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती रही। नगर पंचायत ने जब अपना ही अतिक्रमण खुद हटाया तो कस्बे के अतिक्रमणकारियों में भी सख्त संदेश गया।
चेयरमैन जहीर फारूकी इन दिनों सरकारी स्कूल में बच्चों को शिक्षा के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर चर्चाओं में हैं। पुरकाजी कस्बे में बेसिक शिक्षा परिषद् के प्राथमिक विद्यालय नम्बर-1 में चेयरमैन ने जनसहयोग से 50 बैंच देने का काम किया। इस स्कूल में कक्षा-1 क लिए ये बैंच दी गयी। इस कक्षा में 90 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। अब ये विद्यार्थी टाट पर बस्ता रखकर नहीं पढेंगे, बल्कि इंग्लिश स्कूलों की तरह ही बैंच पर इनको भी शिक्षा मिलेगी। एक बैंच पर तीन बच्चों के बैठने की व्यवस्था की गयी है। जहीर फारूकी का कहना है कि स्कूल की पांचों कक्षाओं में पांच महीने में बैंच उपलब्ध कराने का उनका उद्देश्य है। इसमें लोग भी सहयोग कर रहे हैं। हर महीने एक कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बैंच दी जायेंगी।
चेयरमैन बनने के बाद उन्होंने लीक से हटकर कार्य करते हुए जनता का दिल जीतने का काम भी किया। कस्बे के टाण्डा रोड पर हजारों बीघा का जंगल है। यहां एक बड़ा नाला गुजरता है, लेकिन उसकी पुलिया टूटी होने के कारण भारी जलभराव से आवागमन बाधित बना हुआ था और किसानों को अपने खेतों पर जाने के लिए 13 किलोमीटर लम्बा अनावश्यक सफर तय करने के लिए विवश होना पड़ता। जनता को साथ लेकर चेयरमैन जहीर फारूकी ने लाखों रुपये की कीमत से बिना किसी सरकारी सहायता के इस नाले पर पुलिया का निर्माण कराकर जनता को राहत दी।
जनता के कूड़े को बनाया कीमती, नगर पंचायत के कोष में जमा होगी राशि
चेयरमैन जहीर फारूकी ने एक ऐतिहासिक काम कस्बे के कूड़े को 'कीमती' बनाकर किया। आज 50 रुपये में एक ट्राली कूड़ा आम लोगों को बेचकर नगर पंचायत पुरकाजी राजस्व अर्जित कर रही है। जहीर कहते हैं कि बाईपास बनने के बाद कस्बे में भराव के लिए मिट्टी की आवश्यकता बनी, ऐसे में शासन ने खनन पर पाबंदी लगा दी, तो उनको यह ख्याल आया कि कस्बे से प्रतिदिन एकत्र होने वाला कूड़ा भराव में काम आ सकता है। इसके लिए कस्बे के कुछ जिम्मेदार लोगों से मिलकर उन्होंने योजना तैयार की और 50 रुपये में एक ट्राली कूड़ा बेचने का काम शुरू हुआ। वर्तमान में 700 ट्राली कूड़ा खरीदने के लिए लोगों ने पालिका प्रशासन को एडवांस धनराशि जमा करा दी है। यूपी के किसी नगरीय निकाय में शायद ये पहला मामला है, जबकि किसी चेयरमैन की पहल पर कूड़ा सीधे जनता को बेचकर राजस्व हासिल किया जा रहा हो। जहीर फारूकी के चेयरमैन बनने के बाद देश की आजादी के आंदोलन में कस्बे की हिस्सेदारी के गवाह सूली वाला बाग के भी दिन बहुरते नजर आये। आज यहां पर शहीदों की याद में लोग जुटते हैं, साफ सफाई शीर्ष प्राथमिकता पर दिखती है।
चेयरमैन जहीर फारूकी के काम को जनता ने सराहा
पुरकाजी नगर पंचायत के चेयरमैन जहीर फारूकी के काम को चन्द दिनों में ही आम जनमानस से सराहना मिलने लगी है। कस्बे क रियासत खलीफा का कहना है कि जहीर चेयरमैन जनता की समस्याओं के लिए हरदम तत्पर रहते हैं। टाण्डा रोड पर बिना सरकारी मदद के उनके द्वारा अथक प्रयासों से पुलिया का निर्माण कराकर सराहनीय कार्य किया। शादीराम कहते हैं कि बाजार के साथ ही गली मौहल्लों में आज साफ सफाई उचित नजर आती है। पथ प्रकाश की व्यवस्था बेहतर हुई और पेयजलापूर्ति में भी सुधार है। हाफिज मोहसिन चेयरमैन जहीर को सच्चा समाजसेवी बताते हुए कहते हैं कि आज कस्बे में जो काम नजर आते हैं, उनको देखकर मैं कहता हूं कि जनता का वोट बेकार नहीं गया है। तनवीर आलम ने कहा कि यूपी में कूड़ा सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है, इसके मैनेजमेंट के लिए बड़े प्रोजेक्ट सरकारें ला रही हैं, लेकिन जिस सूझबूझ से चेयरमैन ने कस्बे से निकलने वाले कूड़े का मैनेजमेंट कर राजस्व अर्जित करने का रास्ता खोला है, वो प्रदेश की पहली मिसाल है।

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