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डीजीपी ओपी सिंह को भाया 'रियल कमांडर' अजय पाल शर्मा का काम

डीजीपी ओपी सिंह को भाया रियल कमांडर अजय पाल शर्मा का काम

मुजफ्फरनगर : विश्व की सबसे बड़ी पुलिस फोर्स वाले उत्तर प्रदेश के पुलिस मुखिया डीजीपी ओमप्रकाश सिंह मेरठ में अपराध समीक्षा करने आये तो खाकी के कुनबे में 'रियल कमांडर' के रूप में पहचान रखने वाले शामली के पुलिस अधीक्षक आईपीएस डाॅ. अजयपाल शर्मा के काम को सार्वजनिक रूप से सराहना मिली। खुद डीजीपी ने उनके कामकाज की प्रशंसा कर पीठ थपथपाई।
बता दें कि यूपी में 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए सत्ता परिवर्तन के बाद आईपीएस अजयपाल ने ही एनकाउन्टर की शुरूआत कर अपराधियों में खौफ पैदा करने का काम किया। इसके बाद पूरे यूपी में बदमाशों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया गया। शामली में पुलिस कमांडर रहते हुए अजयपाल शर्मा अब तक छह कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ में उनके अंजाम तक पहुंचा चुके हैं। इनमें मुकीम काला गिरोह के बदमाश ज्यादा है। इस गिरोह से अपने 'अजय' टकराव के कारण वो पुलिस महकमे में चर्चाओं में बने हैं। ट्रेनी अफसर के रूप में सहारनपुर जनपद के सरसावा थाने में थाना प्रभारी रहते हुए ही आईपीएस अजय पाल शर्मा की मुकीम काला व कग्गा जैसे गिरोहबंद बदमाशों से ठन गई थी। 2011 बैच के आईपीएस डाॅ. अजयपाल शर्मा अपराध नियंत्रण के लिए खुद काम करने पर विश्वास रखते हैं। फरवरी 2014 से करीब एक साल तक गाजियाबाद में एसपी सिटी के पद पर कार्यरत रहने के दौरान अजयपाल शर्मा ने सपा शासन में जब एनकाउन्टर बन्द थे, तो भी बदमाशों को मुठभेड़ में 'लंगड़ा' बनाकर जेल पहुचाने का काम किया।
शासन ने उनको 16 अक्टूबर 2016 में शामली जनपद में पुलिस अधीक्षक बनाकर भेजा, तो उन दिनों इस जिले में कैराना पलायन का मुद्दा देश-प्रदेश के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय पटल पर छाया हुआ था। इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए आईपीएस अजयपाल ने रंगदारी वसूलने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाया और तत्कालीन सपा सरकार का सिरदर्द बने कैराना पलायन के मुद्दे को शांत करने में सफलता अर्जित की। इसके बाद इस पलायन का जो सच सामने आया, उससे यूपी सरकार को राहत मिली। यहां रहते हुए आईपीएस अजयपाल ने मुकीम काला गिरोह की कमर तोड़ने का काम किया। इस गिरोह के लखटकिया बदमाश साबिर, शाॅर्प शूटर अकबर को पुलिस ने उनके नेतृत्व में अंजाम तक पहुंचाने का काम किया। छह बदमाशों का एनकाउन्टर करने वाले आईपीएस अयजपाल गौतम को 10 फरवरी को मेरठ में अपराधी समीक्षा करने आये डीजीपी ने बैठक में शाबासी दी और उनके काम की अन्य पुलिस कप्तानों के सामने विशेष तौर पर प्रशंसा की।
एनकाउन्टर-1
बदमाश, नौशाद उर्फ डेनी आर सरवर भूरा
कैराना क्षेत्र में 29 जुलाई 2017 की अल सुबह पुलिस ने दो इनामी बदमाशों को ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में झिंझाना थाना के प्रभारी निरीक्षक समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कैराना इलाके के भूरा गांव में किसी वारदात को अंजाम देने के लिए उसी गांव के बदमाश नौशाद उर्फ डैनी और सरवर आए हुए हैं। सूचना पर कई थानों की पुलिस और अपराध शाखा की टीम ने बदमाशों को घेर लिया। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में दोनों बदमाशों को मार गिराया गया। मुठभेड़ में झिंझाना के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर भवगत सिंह समेत पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए। नौशाद के शरीर में छह गोलियां लगी, जिनमें से चार गोलियों के मैटल शरीर में मिले, जबकि दो गोलियां पार निकल गई। नौशाद को पेट, छाती और कलाई में गोली लगी। वहीं, सरवर के सिर में एक गोली लगी, जो भेजा उड़ाती हुई पार निकल गई। मारे गये दोनों बदमाश शातिर अपराधी थे। दोनों बदमाशों ने हरियाणा और यूपी में आतंक मचा रखा था। दोनों राज्यों की पुलिस ने इन पर इनाम घोषित कर रखा था। मारे गए बदमाश मुकीम काला गिरोह के शातिर शूटर थे। बदमाश नौशाद पर 60 हजार रुपये का इनाम था। यूपी पुलिस ने उस पर 50 हजार और हरियाणा पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बदमाश सरवर पर 12 हजार का इनाम घोषित था। दोनों बदमाश शामली के अपराधिक पृष्ठभूमि के कारण चर्चित गांव भूरा गांव के ही रहने वाले थे और किसी की हत्या करने के इरादे से यहां आये थे। घायल पुलिसकर्मियों में झिंझाना के तत्कालीन थाना प्रभारी भगवत सिंह, एसएसआई आदेश कुमार और संदीप बालियान के अलावा एसओजी टीम के सिपाही राजू त्यागी और आदेश शामिल थे।
एनकाउन्टर-2 और 3
बदमाश, शातिर लुटेरा इकराम उर्फ टोला
10 अगस्त 2017 की देर रात थाना कैराना क्षेत्र में पुलिस को दो बदमाशों द्वारा शामली बलवा गेट के पास से मोटर साइकिल छीन कर भागने की सूचना मिली थी। जिस पर थाना कैराना व एसओजी पुलिस टीम द्वारा कैराना बाईपास के पास बदमाशों की घेराबंदी कर रोकने के प्रयास करने पर बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, तो उसमें एक बदमाश को गोली लगी, उसके गिरते ही साथी बदमाश फरार हो गया। घायल बदमाश को गिरफ्तार कर उपचार हेतु जब अस्पताल ले जाया जा रहा था, तो रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस मुठभेड़ के दौरान सिपाही अकुंश व सिपाही रघुराज भी गोली लगने से घायल हुए। पुलिस ने बदमाश इकराम के कब्जे से एक पिस्टल 32 बोर, 11 जिंदा व 6 कारतूस खोखा व लूटी गयी मोटर साइकिल, घड़ी, चैन, अॅंगूठी तथा 8,700 रुपए बरामद किये। मृतक बदमाश की पहचान इकराम उर्फ टोला (40) पुत्र मुंशी निवासी मौहल्ल छड़ियान कैराना के रूप में हुई, इकराम कस्बा बड़ौत में रह रहा था। उसके खिलाफ 15 मुकदमें दर्ज रहे, उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 5000 रुपए का पुरुस्कार घोषित कर रखा था।
एनकाउन्टर-4
बदमाश, शातिर डकैत राजू लोनी
12 सितम्बर 2017 की रात करीब ढाई बजे एक किराना व्यापारी के घर डकैती डालने के प्रयास में बदमाशों की पुलिस से जबदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से 12 हजार का ईनामी शातिर डकैत राजू ढेर हो गया। गौरतलब है कि झिंझाना के मुख्य बाजार में गश्त कर रहे चीता बाइक पर सवार दो पुलिसकर्मी पर कुछ बदमाशों ने फायरिंग कर दी। ये बदमाश झिंझाना के किराना व्यापारी विपिन कुमार के घर डकैती डालने की योजना बना रहे थे। पुलिसकर्मी पर फायरिंग होने पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी भगवत सिंह व शामली की स्वाट टीम के पुलिसकर्मियों ने बदमाशों को घेरते हुए फायरिंग कर जवाब दिया। पुलिस कार्रवाई में कुख्यात बदमाश राजू (27) पुत्र राजेंद्र हाल निवासी लोनी जिला गाजियाबाद ढहा दिया गया। राजू मूल रूप से अलीगढ़ जनपद का निवासी था। व्यापारी के घर के सामने हुई मुठभेड़ में बदमाश को दो गोली लगी। मुठभेड़ में स्वाट टीम का सिपाही नितिन व थाने का सिपाही संजीव को गोली लगी। इस मुठभेड़ से एक माह पहले झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव पिंडोरा में पड़ी डकैती में भी बदमाश राजू फरार चल रहा था। उस पर 12 हजार रुपये का ईनाम था। राजू संग मुठभेड़ से दो दिन पूर्व भी कस्बा झिंझाना के मोहल्ला कानूनगोयान निवासी व्यापारी सुरेंद्र मित्तल के मकान में बदमाश घुसने वाले थे, लेकिन तभी कमरे में सो रहे नौकर सलेक ने बदमाशों को देख कर शोर मचा दिया था। मोहल्ले में जाग होने के चलते बदमाश फरार हो गए थे।
एनकाउन्टर-5
बदमाश, साबिर जंधेडी
कैराना इलाके में दो जनवरी 2018 की रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी साबिर ढेर हो गया। थाना प्रभारी भी मुठभेड़ में घायल हुए, वहीं सिपाही अंकित के सिर में गोली लगी, जो बाद में इलाज के दौरान शहीद हो गया था।
मारा गया साबिर मुकीम काला गैंग का शार्प शूटर था और कुछ माह पहले सिद्धार्थनगर से पेशी पर लौटते समय बाराबंकी पुलिस की कस्टडी फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक, कैराना क्षेत्र के गांव जंधेड़ी का कुख्यात अपराधी साबिर देर रात अपने गांव आने वाला था। सटीक सूचना मिलने पर एसपी डा. अजयपाल शर्मा, सीओ राजेश तिवारी, कैराना इंस्पेक्टर भगवत सिंह ने पुलिसकर्मियों के साथ जंधेड़ी में बदमाश साबिर की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही साबिर और उसके साथियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाना शुरू कर दी। इसमें सिपाही अंकित तोमर के सिर में गोली लग गई। इंस्पेक्टर भी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में साबिर भी मारा गया। उसके दो साथी अकबर व इंतजार भागने में सफल रहे। मारे गए शार्प शूटर साबिर पर एक लाख का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में संगीन मामले दर्ज चल रहे थे।
गौरतलब है कि सितंबर-2017 में मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र में वसीम काला के एनकाउंटर के वक्त साबिर जंधेड़ी एसटीएफ के सामने से भाग निकला था। तभी से वह एसटीएफ के टारगेट पर था, लेकिन इससे पहले ही शामली पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। कैराना के गांव जंधेड़ी निवासी साबिर मई-2017 में बाराबंकी में पुलिस कस्टडी से भी उस वक्त फरार हो गया था, जब उसे सिद्धार्थनगर जेल से हरियाणा कोर्ट में पेशी पर ले जाया जा रहा था। उसके बाद से वह लगातार वारदात कर रहा था। साबिर पर रंगदारी, लूट, हत्या, डकैती के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। साबिर जंधेड़ी पर सहारनपुर की तनिष्क रॉबरी कांड, सिपाही राहुल ढाका से कारबाइन लूटकर उसकी हत्या करने जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। उसको 2015 में एसटीएफ ने ही गिरफ्तार किया था। पूर्व में साबिर पर डेढ़ लाख का इनाम भी रह चुका है।
एनकाउन्टर-6
बदमाश, शाॅर्प शूटर अकबर
झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव गुर्जरपुर टपराना निवासी मोहसीन चैधरी जिला पंचायत सदस्य हैं। उनका भाई अफसर चैधरी पूर्व प्रधान है। अफसर चैधरी ने 4 फरवरी 2018 की दोपहर झिंझाना थाने पहुंचकर तहरीर दी। उसने बताया कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे उसका भाई जिला पंचायत सदस्य मोहसीन चैधरी और पड़ोसी ग्रामीण घर के बरामदे में बैठे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने घर के दरवाजे पर गोलियां बरसाई। उसके भाई और अन्य लोगों ने मकान के अंदर भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद फायरिंग करने वाले बदमाश अपनी बाइक से फरार हो गए। वहीं, घटना के बाद दोपहर 11.53 मिनट पर अफसर चैधरी के मोबाइल फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुकीम काला गैंग का सदस्य अकबर बताया। धमकी देकर 24 घंटे के भीतर एक करोड़ रुपये मांगे। पुलिस को सूचना मिली कि पूर्व प्रधान अफसर से रंगदारी वसूलने के लिए झिंझाना में ऊन रोड पर स्थित काली देवी के मंदिर के पास आ रहे हैं। इस पर थाना प्रभारी संदीप बालियान ने पुलिस और एसओजी टीम के साथ बदमाशों की घेराबंदी के लिए जाल बिछाया। रात करीब पौने आठ बजे काली मंदिर के पास दो बदमाशों ने पुलिस को देखते ही गोलियां चला दी। इस पर पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। दोंनों और से कई राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की गोलियां लगने से एक बदमाश गिर गया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। बदमाशों की गोली से उपनिरीक्षक प्रवेश तोमर एवं एसओजी का सिपाही राजू त्यागी भी घायल हो गए। बदमाश को लेकर पुलिस झिंझाना सीएचसी में पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बदमाश की शिनाख्त कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत निवासी अकबर पुत्र महमूद के रूप में हुई है। गौरतलब है कि दो जनवरी को कैराना के गांव जंधेड़ी में कुख्यात साबिर से हुई मुठभेड में भी अकबर शामिल था। कुख्यात साबिर मारा गया था, जबकि अकबर एवं अन्य साथी फरार हो गए थे। पीड़ित की ओर से लगभग दो लाख रुपये बदमाशों को दिए गए थे, जो घटना स्थल से बरामद हुए।

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