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विजय रूपानी और वसुधंरा राजे जुटे किसान की समृद्धि में

विजय रूपानी और वसुधंरा राजे जुटे किसान की समृद्धि में

लखनऊ : इसमें कोई संदेह नहीं कि आजादी के बाद सबसे ज्यादा उपेक्षा किसानों की हुई है। उन्हें धरती पुत्र, ग्राम देवता और न जाने कौन-कौन सी उपाधियां दी गयीं लेकिन उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति कैसे सुधरे, इस पर केन्द्र से लेकर राज्य सरकारों ने भी ध्यान नहीं दिया। केन्द्र में जब से नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी और धीरे-धीरे देश के 19 राज्यों में भी भाजपा की सरकार बन गयी तो किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति सुदृढ़ करने का ठोस प्रयास किया जा रहा है। केन्द्र सरकार ने अपने 2018 के बजट में भी किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही भाजपा शासित राज्य सरकारें भी किसानों के हित में विशेष योजनाएं चला रही हैं। राजस्थान की वसुधंरा राजे सरकार और गुजरात की विजय रूपानी सरकार ने इस दिशा में विशेष प्रयास शुरू किये हैं।
राजस्थान के उपचुनाव में करारी हार के बाद अब सत्तारूढ़ दल भाजपा किसानों और मध्यम वर्ग को खुश करने की योजना बना रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 12 फरवरी को बजट पेश करते हुए किसानों की कर्ज माफी,नये जिले बनाने और मध्यम वर्ग को सस्ती ब्याज दर पर आवासीय कर्ज उपलब्ध कराने की घोषणा करेंगी। इसके साथ ही आर्थिक रूप से सवर्ण जातियों में पिछड़ों को भी आरक्षण को लेकर वसुंधरा राजे बजट में बड़ी घोषणा कर सकती है।
एक सप्ताह पूर्व ही अलवर एवं अजमेर संसदीय क्षेत्रों और मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों की बड़े अंतर से हुई हार से चिंतित भाजपा नेतृत्व और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने करीब 9 माह बाद होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर कसरत तेज कर दी है। वसुंधरा राजे और पार्टी नेतृत्व सत्ता विरोधी लहर को अपने पक्ष में करने के प्रयासों में जुटी है। किसानों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए 12 फरवरी को पेश होने वाले अपने बजट में किसानों की कर्ज माफी की घोषणा करेंगी। मुख्यमंत्री के करीबी एक दिग्गज नेता ने बताया कि केरल की तर्ज पर किसानों की कर्ज माफी का निर्णय लगभग हो चुका है, बजट में इसकी अधिकारिक घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य के किसानों पर सहकारी बैंकों और भूमि विकास बैंकों के 13 हजार करोड़ रूपए का कर्ज है। अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों का भी करीब एक हजार करोड़ रूपए का कर्ज किसानों पर है। किसानों को कर्ज से राहत देने के लिए कर्ज माफी आयोग बनाया जाएगा। इस आयोग में किसानों को प्रार्थना-पत्र देना होगा और फिर आयोग विचार के बाद किसानों का कर्ज माफ करेगा। उल्लेखनीय है कि किसानों की कर्ज माफी राज्य में बड़ा चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है। हाल ही में सम्पन्न हुए तीनों उप चुनाव में भी कर्ज माफी को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा था,अब 22 फरवरी को राज्य के विभिन्न किसान संगठनों ने विधानसभा पर महापड़ाव डालने की घोषणा की है। हालांकि इससे पहले ही बजट में कर्ज माफी की घोषणा कर दी जाएगी। बजट को अंतिम रूप देने में जुटी मुख्यमंत्री ने तीनों उप चुनाव में हार के बाद पार्टी नेताओं एवं विधायकों से जो चर्चा की,उसमें साफ राय यह आई कि किसान और अब तक पार्टी का वोट बैंक सवर्ण जातियां भाजपा से नाराज है। किसानों और सवर्ण जातियों को खुश किए बिना आगामी विधानसभा चुनाव जीतना मुश्किल होगा। सूत्रों के मुताबिक बजट में कोटपुतली और ब्यावर को नया जिला बनाने के साथ ही मध्यम आय वर्ग को सस्ती ब्याज दर पर आवासीय कर्ज उपलब्ध कराने को लेकर भी घोषणा की जाएगी। आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को राहत देने को लेकर मुख्यमंत्री अधिकारियों एवं विधि विशेषज्ञों से सलाह करने में जुटी है। इस वर्ग को लेकर कोई बड़ी घोषणा हो सकती है।
उधर गुजरात में मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने किसानों की फसल व नर्मदा पर मंत्रियों से चर्चा की है। मोदी सरकार के गांव व किसानलक्षी बजट के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने राज्य में किसानों से फसल खरीद, नर्मदा के सूखने तथा सिंचाई जैसी समस्याओं के समाधान को लेकर मंत्रियों से चर्चा की है। राज्य में जल संकट व किसानों की समस्याओं को लेकर हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने सौराष्ट्र के सांसदों व विधायकों से भी इस समस्या में मदद करने की अपील की। बैठक में राज्य के आगामी बजट पर भी चर्चा हुई। गुजरात में सरदार सरोवर बांध व नर्मदा हमेशा से राजनीतिक मुद्दा रहे हैं। नर्मदा नदी के सूखने और बांध में गिरते जलस्तर ने सरकार के साथ किसान व जनता को चिंतित कर दिया है। सरकार का दावा है कि अगले दो माह तक प्रदेश को पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, लेकिन किसानों व उद्यमियों को नर्मदा से एक बूंद पानी नहीं मिलेगा। कांग्रेस इस जल संकट के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार बता रही है। पार्टी के नेता आरोप लगा रहे हैं कि साबरमती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सी प्लेन उड़ाने के लिए सरकार ने नर्मदा का करोड़ों लीटर पानी बहा दिया। सरकार के मत्स्य पालन राज्यमंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी ने कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. नीमाबेन आचार्य के कार्यालय पहुंचकर विधानसभा सदस्यता की शपथ ली। सोलंकी ने बताया मुख्यमंत्री ने आगामी दो माह में उनकी नाराजगी दूर करने का वादा किया है। इस बात की संभावना है कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार व फेरबदल हो सकता है। सोलंकी के शपथ लेने से सरकार ने राहत की सांस ली है।

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