नरेन्द्र मोदी के जवाब से कांग्रेस खामोश

नरेन्द्र मोदी के जवाब से कांग्रेस खामोश

नई दिल्ली : लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस के उन सभी आरोपों को हवा में उड़ा दिया जिनको लेकर मल्लिकार्जुन खगड़े ने सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समय और परिस्थितियों के अनुसार चेहरे बदलते हैं और राजनीतिक विरोधियों के सामने वह जब भी आक्रामक रूप में आये तो उनके तीरों का सामना विपक्ष नहीं कर पाता है। इसका एक कारण यह रहता है कि मोदी ठोस आधारों पर जवाब देते हैं और विपक्ष के आरोपों की गहन पड़ताल करके उसकी कमजेर नस को पकड़ लेते हैं। मोदी की सरकार किसानों के हित में और गरीबों के लिए भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रम लेकर आयी है। गरीबों के लिए पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा और किसानों को क्रेडिट कार्ड से ऋण के साथ 2022 तक उनकी आमदनी दो गुनी करने की बात कही गयी है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मोदी की सरकार पर आरोप लगाया था कि इस सरकार ने बड़े लोगों को कर्ज दिया है जबकि किसानों को कर्ज नहीं मिल पाया। इसके अलावा श्री खड़गे ने जीएसटी के साथ पाकिस्तान से संबंधों को लेकर भी सरकार की आलोचना की थी।
कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि भाजपा सरकार अपने वादे पूरे करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी का भी कांग्रेस ने इसीलिए विरोध किया था कि इसका क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो रहा है। भाजपा सरकार ने तब बात नहीं मानी और गुजरात में जब विधानसभा के चुनाव हो रहे थे तब भाजपा सरकार को 200 वस्तुओं पर जीएसटी दर कम करनी पड़ी। खड़गे ने बेरोजगारी बढ़ने की बात भी उठाई और सबसे ज्यादा जोर किसानों को कर्ज कम मिलने पर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय किसानों को 72 हजार करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था जबकि भाजपा की सरकार ने एक लाख दस हजार करोड़ का ऋण बड़े लोगों को दिया है। खड़गे ने बजट में घोषित स्वास्थ्य बीमा योजना को चुनावी स्टंट बताया। इसका कारण बताते हुए भी खड़गे ने कहा कि बजट में 2000 करोड़ का प्रावधान किया गया है जो पर्याप्त नहीं है। इसी तरह मनरेगा के तहत सरकार ने 60 हजार करोड़ का प्रावधान किया है जबकि गरीबी की रेखा के नीचे रहने वाले चार करोड़ परिवारों के लिए कम से कम 90 हजार करोड़ रुपये की जरूरत होगी। इसी तरह पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सैनिकों की हत्या का मामला उठाते हुए खड़गे ने कहा था कि वह 56 इंच का सीना कहां है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के तीर वापस कांग्रेस की तरफ ही फेंक दिये और इस तरह फेंके ताकि कांग्रेस को उनकी चुभन भी महसूस हो यूपीए सरकार के अंतिम दिनों में अर्थव्यवस्था बहुत कमजोर थी और महंगाई के बारे में तत्कालीन प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री तक यह कहने लगे थे कि इस पर पूरी तरह नियंत्रण पाना अभी संभव नहीं है। मनमोहन सिंह सरकार की यह मायूसी जनता तक पहुंच भी गयी थी। मोदी ने कांग्रेस की इसी नस कोे सबसे पहले पकड़ा और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने देश की बैंकों को खोखला कर दिया था। देश में जब भाजपा की सरकार बनी तो उसे यह खतरनाक सच्चाई भी पता चल गयी थी। श्री मोदी ने कहा कि पहले ही दिन इस सच्चाई को देश के सामने रख देता तो इस देश का अर्थतंत्र ही तवाह हो जाता, इसलिए कांग्रेस सरकार के पापों को देखकर भी मैं मौन रहा। उन्होंने बैंकों के गैर निष्पादित अस्तियों (एनपीए) अर्थात बैंक से दिया गया कर्ज वापस न मिलने के मामले को कांग्रेस सरकार का बहुत बड़ा पाप बताया। कांग्रेस का पाप यह था कि उसकी सरकार ने एनपीए पर 36 प्रतिशत ऋण होने की बात कही थी जबकि हकीकत कुछ और थी। भाजपा सरकार ने जब इस पर जानकारी जुटायी तो पता चला कि लोन एडवांस पर 82 प्रतिशत एनपीए है। बैंकों का एडवांस 18 लाख करोड़ से बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसलिए बैंक से जो पैसा गया वह वापस ही नहीं आया। श्री मोदी ने कहा कि आज वही कांग्रेस आरोप लगा रही है कि बड़े लोगों को हम कर्ज बांट रहे हैं जबकि किसानों को नहीं देते। कांग्रेस उस पाप को क्यों नहीं याद करती जो बैंकों को खोखला करके उसने किया था। हमारी सरकार ने बैंकों को इसीलिए पैसा दिया है।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनानी शुरू कर दीं और कहा कि कांग्रेस के नेता ने जो आरोप लगाया था कि भाजपा सरकार चुनाव के समय किये वादे पूरे करने में असफल रही है उन्हें कई बातें दिखाई क्यों नहीं पड़ रही हैं। मोदी ने कहा कि मैं गर्व से कह सकता हूं कि देश में सबसे लम्बी सुरंग हमने पूरी की है। हमारी सरकार ही सबसे लम्बी गैस पाइप लाइन लेकर आयी है। हमारी सरकार ने ही समुद्र में सबसे लम्बा पुल बनवाया है और सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन लाने का काम किया। देश में सड़कांे का निर्माण इतना कभी नहीं हुआ जितना तीन साल में भाजपा की सरकार ने करा दिया है।
कांग्रेस के नेता गुलाम नवी आजाद ने राज्यसभा में कहा था कि देशवासी न्यू इंडिया (नया भारत) से आजिज आ गये हैं और पुराने दिन लौटाने की मांग कर रहे हैं तो इस पर मोदी ने जवाब दिया कि कौन से पुराने दिन चाहिए एक तो वे पुराने दिन हैं जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को आजादी मिलने के बाद कहा था कि कांग्रेस को भंग कर दो, तो कांग्रेस को भंग कर दिया जाए। दूसरे कांग्रेस के पुराने दिन भ्रष्टाचार वाली सरकार के हैं जब देश गड्ढे में चला गया था। कांग्रेस उन गड्ढों में लौटना चाहे तो लौट जाए लेकिन देश वहां नहीं जाना चाहता है। श्री मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और कालेधन के मामले में कोई बचने वाला नहीं है। चार-चार पूर्व मुख्यमंत्रियों को न्याय पालिका ने दोषी करार दिया है। मोदी का इशारा पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र, पूर्व मुख्यमंत्री मधुकोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तरफ था। इनमें तीन पूर्व मुख्यमंत्री तो कांग्रेस के ही हैं और लालू प्रसाद यादव का कांग्रेस समर्थन करती है।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जवानों की हत्या का मामला भी उठाया था। इस पर मोदी ने कहा कि आजादी के समय विभाजन और कश्मीर समस्या के लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है। अगर सरकार वल्लभ भाई पटेल देश के प्रधानमंत्री बने होते तो पाकिस्तान की समस्या ही पैदा नहीं होती। कश्मीर समस्या को पूरी तरह जवाहरलाल नेहरू पर थोपते हुए श्री मोदी ने कहा कि उस समय जब कांग्रेस के नेतृत्व के लिए चुनाव हो रहा था तब 15 राज्य कमेटियों में से 12 राज्य कमेटियों ने सरदार पटेल का पक्ष लिया था। देश की जनता भी पटेल को ही प्रधानमंत्री बनाना चाहती थी। श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की दुहाई देती रहती है तो उस समय उसका लोकतंत्र कहां चला गया था। देश की तीन-चौथाई राज्य कमेटियां पटेल को नेता बना रही थीं लेकिन नेता बना दिया गया जवाहर लाल नेहरू को। अगर पटेल प्रधानमंत्री होते तो कश्मीर हमसे अलग नहीं होता।
इस प्रकार मोदी ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाये गये आरोपों का चुटीले अंदाज में जवाब दिया और कहा कि हम नेम चेंजर नहीं एम चेंजर हैं अर्थात लक्ष्य का पीछा करते हैं। हमारा लक्ष्य है देश को बहुत आगे ले जाने का और हम उसी का पीछा कर रहे हैं।

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