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आकांक्षा समिति में बडी संख्या में रक्तदान कराकर रचा नया इतिहास : जिलाधिकारी

आकांक्षा समिति में बडी संख्या में रक्तदान कराकर रचा नया इतिहास : जिलाधिकारी

मुजफ्फरनगर : जिला आकांक्षा समिति एवं जिला प्रशासन द्वारा आज ग्रैंड प्लाजा मुजफ्फरनगर में रक्त दान शिविर का आयेाजन किया गया। इस अवसर पर आकांक्षा समिति की अध्यक्ष/ जिलाधिकारी की धर्मपत्नी सुधा शर्मा एवं जिलाधिकारी राजीव शर्मा तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्तदेव तिवारी ने दीप प्रज्जवलित कर एवं फीता काटकर रक्तदान शिविर का शुभारम्भ किया। इसके बाद जिलाधिकारी राजीव शर्मा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्तदेव तिवारी तथा मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने अपना रक्तदान करने हेतु पंजीकरण कराते हुए स्वैच्छिक रक्तदान किया। इसके अतिरिक्त सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा, एसडीएम सदर कुमार धर्मेन्द्र तथा तहसीलदार सदर रंजीत सिंह ने भी अपना पंजीकरण कराकर स्वैच्छिक रक्तदान किया।
जिला आंकाक्षा समिति की अध्यक्ष सुधा शर्मा ने कहा कि आकांक्षा समिति द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं उनकें उत्थान के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किये जा रहे है। उन्होने कहा कि आकांक्षा समिति द्वारा समाज के उत्थान के कार्यो सहित रक्त दान शिविर लगाया जाना, दिव्यागजनों के सहायतार्थ कार्य, बच्चों के कुपोषण को दूर करने के साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति की झोपडी से अंधकार मिटाकर रोशनी लाने, निराश्रित एवं पीडित महिलाओं की मदद करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे है। आकांक्षा समिति द्वारा महिलाओं की स्थिति को सुदृढ बनाने की दिशा में भी अनेकों कार्य किये जा रहे है। इसके साथ ही सामान्य जन के कल्याण हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओ से समाज को जागरूक करने, कुरीतियों को हटाने का कार्य भी आंकाक्षा समिति द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही आंकाक्षा समिति द्वारा भू्रण हत्या रोकने, बेटी बचाओं बेटी पढाओं के क्षेत्र में अपना बहूमूल्य योगदान दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि सामाजिक सरोकार से जुडे कार्यो में आकांक्षा समिति अपनी भागीदारी निभा रही है। स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन कराकर जरूरत लोगो तक ब्लड उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही है। उन्होने कहा कि अपके रक्त से दूसरें लोगो के प्राण बचाने का कार्य किया जा रहा है।
जिला आंकाक्षा समिति की अध्यक्ष सुधा शर्मा ने कहा कि यू तो सभी प्रकार के दान की महत्ता है किन्तु रक्तदान महा दान है और इसके द्वारा एक्सीडेंट होने पर तथा घायल होने पर डेंगू में प्लेटसलेट कम होने पर जीवन बचाने के लिए रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होने कहा कि रक्तदान करने से व्यक्ति को एक नयी ऊर्जा का संचार होता है। उन्होने कहा कि जिन लोगो का वजन 45 कि0ग्रा0 और होम्योग्लोबिन 12.5 तथा आयु 18 वर्ष से 65 वर्ष है वह व्यक्ति वर्ष में 3-4 बार रक्तदान कर सकता है। उन्होने कहा कि व्यक्ति को विभिन्न शुभ अवसरो जैसे शादी की सालगिरह एवं बच्चे का जन्मदिन तथा अन्य अवसरों को यादगार बनाने के लिए भी रक्तदान करना चाहिए। उन्होने कहा कि मुजफ्फरनगर हर क्षेत्र में अग्रणी जनपद है। उन्होने कहा कि रक्तदान के क्षेत्र में भी इसे अग्रणी रखे और अधिक से अधिक संख्या में अपना पंजीकरण कराकर स्वैच्छिक रक्तदान करे। उन्होने कहा कि रक्तदान करने से अनेक बीमारियों का स्वतः निदान हो जाता है। उन्हेाने कहा कि रक्तदान करने से हृदयघात की सम्भावना 33 प्रतिशत कम हो जाती है। रक्तचाप सामान्य रहता है और कोलोस्ट्रोल की समस्या से भी निजात मिलती है।
जिला आंकाक्षा समिति की अध्यक्ष ने कहा कि रक्तदान करने से हमेे मानसिक रूप से शांति और आत्मिक खुशी भी मिलती है कि हमारे द्वारा किये गये रक्तदान से जहां किसी का जीवन बचेगा बल्कि उसके परिवार की खुशियां भी लौटेगी। उन्होने कहा कि जनपद में खून की कमी के कारण एक भी मौत नही होनी चाहिए। उन्होने कहा कि हमे केवल अपने बारे में ही नही बल्कि दूसरों की भलाई के बारे में भी सोचना चाहिए। आप के खून से जिस परिवार का बेटा अथवा मुखिया की जान बचेगी उसकी खुशी को शब्दों में बयाॅ नही किया जा सकता। उन्होने कहा कि रक्त का कोई सब्सिटीटयूट नही है। रक्त केवल मानव के शरीर में ही बनता है और मानव शरीर का ही रक्त मानव को आवश्यकता पडने पर दिया जा सकता है। रक्त बनने की प्रक्रिया रक्तदान करने से तेजी के साथ बढ जाती है। उन्होने कहा कि रक्तदान करते समय हमें अपने शरीर में किसी बीमारी अथवा किसी कमी के बारे में भी जानकारी मिल जाती है क्योकि इससे पहले हमें अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराना होता है। उन्होने कहा कि ब्लड से विभिन्न प्रकार के कम्पोनेंट लिये जाते है। उन्होने कहा कि रक्तदान एक महायज्ञ है इसमें रक्तदान की आहूति देकर इस महायज्ञ को सफल बनाये।
इस अवसर पर जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने कहा कि व्यक्तित्व के निखार के लिए व्यक्ति को कुछ न कुछ दान करते रहना चाहिए। दान करने से समाज में सम्मान मिलता है वही स्वय को आत्मिक खुशी भी मिलती है। उन्होने कहा कि खून की डिमाण्ड एवं सप्लाई में बडा अन्तर है। उन्होने कहा कि मुजफ्फरनगर जनपदवासी मातृभूमि की सुरक्षा हेतु अपना खून देने में कभी पीछे नही रहे तो दूसरों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान करने में कैसे पीछे रह सकते है। उन्होने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नही है और अभी तक कृत्रिम खून नही बनाया गया है। उन्होने कहा कि यदि हम वर्ष में 3-4 बार रक्तदान करेगे तो हमारे शरीर में कम से कम विकार आयेगे और रक्तदान करके अधिसंख्य बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होने कहा कि जो लोग स्वस्थ है और किसी बीमारी से ग्रसित नही है वे खुद रक्तदान करे और अपने सहयोगियों, परिचितों तथा आस पडोस में रहने वाले व्यक्तियों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करे।
जिलाधिकारी ने कहा कि ब्लडडोनर्स का डाटाबेस तैयार किया जाये और साॅफ्टवेयर विकसित कर उसके माध्यम से डोनर्स को अगले रक्तदान के लिए सूचना दी जाये कि अब वे रक्तदान कर सकते है। उन्होने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का बडा दायित्व है। उन्होने कहा कि जनपद में जगह जगह रक्तदान शिविर आयोजित कराये जाये और रक्त को ब्लडबैंक में सुरक्षित कर यह सुनिश्चित किया जाये कि जनपद में ब्लड के अभाव में कोई मौत न होने पाये। उन्होने कहा कि ब्लडबैंक को अभी और एक्टिव करने की जरूरत हैं। उन्होने कहा कि ब्लड से बहुत सारी चीजे ली जाती है। उन्होने यह भी कहा कि मुजफ्फरनगर का नाम पूरे हिन्दुस्तान में स्वैच्छिक रक्तदान के लिए सम्मान के साथ लिया जाये। उन्हेाने कहा कि दूसरी योजनाओं का भी जनमानस को लाभ दिया जाये। उन्होने कहा कि अन्धता निवारण के लिए तथा अन्य दूसरी योजनाओं के लिए भी कैम्पों को आयोजन कराया जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि रक्तदान सबसे बडा दान है क्योंकि दानदाताओं द्वारा किये गये रक्त दान से जरूरतमंद लोगो/मरीजों को नया जीवन मिलता है। उन्होने कहा कि रक्तदान करने अनेक रोगो को दरकिनार किया जा सकता है। रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार की कोई कमजोरी नही आती। रक्तदातओं द्वारा दिये रक्त से प्रत्येक वर्ष लाखो मरीजों के जीवन को बचाया जा रहा है। उन्होने कहा कि हर व्यस्क पुरूष व स्त्री रक्त दान कर सकता है। उन्होने कहा कि रक्तदान करने से कोई कमजोरी नही आती। उन्होने बताया कि रक्तदान खाली पेट न किया जाये। रक्तदान के बाद किसी विशिष्ठ भोजन की आवश्यकता नही है। प्रतिदिन की तरह ही भोजन ले। उन्होने बताया कि एक बार रक्तदान किया हुआ व्यक्ति पुनः तीसरे महीने रक्त दान कर सकता है। रक्तदान के आधे घण्टे बाद सामान्य कार्य कर सकते है। उन्होने बताया कि 18 से 65 वर्ष के व्यक्ति रक्तदान कर सकते है।
इस अवसर पर 200 से अधिक रक्तदातओं ने रक्त दान के लिए पंजीकरण कराया और स्वैच्छिक रक्तदान किया। रक्तदाओं को पुरूस्कार स्वरूप आकांक्षा समिति की अध्यक्ष सुधा शर्मा, जिलाधिकारी राजीव शर्मा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्तदेव तिवारी ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इसके पूर्व जिलाधिकारी राजीव शर्मा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य विकास अधिकारी को स्वैच्छिक रक्तदान करने पर आकांक्षा समिति की अध्यक्ष द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्तदेव तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, ज्वांइट मजिस्ट्रेट गजल भारद्वाज, मुख्य चिकित्साधिकारी पी0एस0मिश्रा, डाॅ0 एस0के0 अग्रवाल, डाॅ0 एस0के0 ओझा, बीएसए, ब्लड बैंक प्रभारी डा0 पी0के0 त्यागी, समाजसेविका बीना शर्मा व भारी संख्या में रक्तदाता उपस्थित थे।

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