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शब्द जाल में फंस गयीं कांग्रेस मीडिया सेल प्रभारी दिव्य रम्या

शब्द जाल में फंस गयीं कांग्रेस मीडिया सेल प्रभारी दिव्य रम्या

बंगलोर :दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भी इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं और भाजपा इस राज्य से कांग्रेस की सत्ता को छीनना चाहती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शब्द जाल में बड़े-बड़े नेता उलझ जाते हैं कर्नाटक की कांग्रेस मीडिया सेल की प्रभारी दिव्य स्पंदना रम्या भी उसी तरह फंस गयीं जैसे गुजरात में मणिशंकर अय्यर हिन्दी के अल्पज्ञान के चलते आपत्तिजनक शब्द बोल गये और बाद में उन्हें पार्टी से हटना पड़ा। कांग्रेस मीडिया सेल प्रभारी दिव्य रम्या के सामने अभी ऐसी स्थिति नहीं आयी है लेकिन भाजपा नेताओं ने उनके बयान को आपत्तिजनक मानकर कांग्रेस नेताओं से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर्नाटक में दिये गये एक भाषण से शुरू हुआ। मोदी ने कर्नाटक में हरित क्रांति की वकालत करते हुए एक शब्द टीओपी का प्रयोग किया। मोदी इस प्रकार के शब्दों का अक्सर प्रयोग करते रहते हैं और ऐसे शब्द प्रयोग करने वाला दूसरा कोई नेता विपक्ष की बात तो दूर रही, भाजपा में भी नहीं है। मोदी ने टीओपी का मतलब बताया कि टी से टोमैटो अर्थात् टमाटर, ओ से ओनियन अर्थात प्याज और पी से पोटैटो अर्थात् आलू कर्नाटक में रैली के दौरान मोदी ने किसानों की बात करते हुए कहा कि फलों और सब्जियों की खेती करने वाले किसान हमारी टाॅप (टीओपी) प्राथमिकता हैं। इसी के बाद उन्होंने टाॅप अर्थात् टीओपी को मतलब भी बताया था।
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख दिव्य स्पंदना रम्या ने मोदी के टीओपी को पीओटी में बदलते हुए कहा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी पीओटी अर्थात् नशे में हैं। दिव्या ने ट्यूटर पर लिखा कि ऐसा तब होता है जब इंसान पीओटी (नशे) में होता है। उनके इस बयान पर कर्नाटक में सियासी पारा चढ़ गया है।
भाजपा प्रवक्ता जीवी एल नरसिंहाराव ने कहा कि देश के अधिकतर लोग और हमारी पार्टी के सदस्य भी यह नहीं जानते कि आप (दिव्या) किस संदर्भ में उल्लेख कर रही हैं लेकिन आपने अपनी घटिया टिप्पणी से भारत के लोगों का अपमान किया है। भाजपा के एक अन्य नेता अमित मालवीय ने कहा कि कर्नाटक में 3500 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है। उनके बारे में बोलना क्या पीओटी अर्थात् नशे में होना है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वे रम्या के खिलाफ भी मणिशंकर अय्यर की तरह कार्रवाई करेंगे।

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