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मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड खूंखार आंतकी हाफिज सईद को सताने लगा डर

मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड खूंखार आंतकी हाफिज सईद को सताने लगा डर

इस्लामाबाद: मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड खूंखार आंतकी हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र के दौरे से अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है।हाफिज सईद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध निगरानी समिति के इस्लामाबाद दौरे से पहले गिरफ्तारी से बचने के लिए लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है।हाफिज सईद का कहना है कि सरकार अमरीका और भारत के कहने पर उसे गिरफ्तार करना चाहती है। मालूम हो कि यूएनओ की प्रतिबंध समिति इस सप्ताह इस्लामाबाद का दौरा करेगी। समिति वैश्विक संस्था की तरफ से लगाए जाने वाले प्रतिबंधों के संबंध में इस्लामाबाद द्वारा नियमों के पालन की समीक्षा करने आ रही है। समिति का दो दिन का दौरा 25 जनवरी से शुरू होगा। एक मीडिया रिपोर्ट में यह कहा गया था कि पाकिस्तान समिति को किसी भी तरह से जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद या उसके संस्थाओं तक सीधे संपर्क नहीं करने देगा।
प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने बतायी पाक की हकीकत :
पाकिस्तान अपने मुल्क में लोकतंत्र का ढिंढोरा दुनिया भर में पीटता रहता है लेकिन उसके यहां लोकतंत्र कैसा है, यह उसके प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने बता दिया है। उनकी इस बात से यह भी पता चल गया कि हाफिज सईद को उन्होंने साहेब क्यों कहा था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा है कि देश में मीडिया और न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं हैं। एक टेलीविजन चैनल ने यह जानकारी दी है। अब्बासी ने पत्रकारों से कहा कि आम चुनावों के आयोजन की गांरटी लेना सशस्त्र सेनाओं का काम नहीं है और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने पहले ही इस मामले में निर्णय लिया है कि चुनाव समय पर करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा, ''मैं कह रहा हूं कि आम चुनाव इस वर्ष जुलाई में ही होंगे और इसमें कोई देरी नहीं होगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जज बनाए जाने से पहले उसके पहले के काम तथा उसकी छवि को देखा जाएगा। उन्होंने कहा, ''जब किसी को जज नियुक्त किया जाता है तो वह जज के रूप में ही सेवानिवृत्त होता है और पहले ऐसे कई मामले सामने आए हैं कि जो व्यक्ति जज बनने लायक नहीं थे वे भी इस पद तक पहुंच गए।''
शरीफ के खिलाफ और गवाहों के बयान दर्ज:
पाकिस्तान की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने पनामा पेपर से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ और गवाहों के बयान दर्ज किए। इससे पहले राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने लंदन में संपत्तियों को लेकर शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ एक पूरक मामला दायर किया था। पाकिस्तान के 68 साल के पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ 14वीं बार इस्लामाबाद की एनएबी अदालत में पेश हुए जहां उनके और उनके परिवार के खिलाफ तीन मामलों में सुनवाई चल रही है। पूर्व प्रधानमंत्री के साथ उनकी बेटी और दामाद मोहम्मद सफदर भी आए। दोनों तीन में से एक मामले में सह आरोपी हैं। सुनवाई के दौरान एनएबी द्वारा पेश किए गए कम से कम दो और गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। बाद में अदालत ने सुनवाई 30 जनवरी तक के लिए टाल दी और एनएबी को और गवाह पेश करने को कहा। पनामा पेपर मामले में देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रधानमंत्री पद के अयोग्य ठहराने के बाद शरीफ को पद छोड़ना पड़ा था।

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