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ममता बनर्जी का जादू चला उद्यमियों पर

ममता बनर्जी का जादू चला उद्यमियों पर

कोलकाता : उद्यमियों को जमा पूंजी लगाकर मुनाफा कमाना होता है इसलिए वे बहुत सोच विचार कर पूूंजी निवेश करते हैं पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का राजनीतिक सूरज ही टाटा कंपनी की छोटी कार नैनो के राज्य में संयंत्र के विरोध में चमका था। किसानों की जमीन लेने का विरोध करते हुए ममता बनर्जी ने धरना- अनशन किया और अंततः टाटा को वहां से भागना पड़ा। इसी के बाद ममता बनर्जी ने वहां सरकार बनायी और तब उन्हें महसूस हुआ कि राज्य के विकास के लिए उद्योग भी जरूरी हैं लेकिन उस समय उद्यमियों में ममता सरकार के प्रति अविश्वास पैदा हो गया था। अब लगभग सात वर्षों के बाद ममता बनर्जी ने फिर से उद्यमियों का भरोसा प्राप्त कर लिया है। कोलकाता से सटे राजाहाट न्यूटाउन में बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन का चोथा संस्करण इस बात का सबूत है कि अब उद्यमी पश्चिम बंगाल में पूंजी निवेश करने को तैयार हैं। ममता बनर्जी ने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि जिस तरह कृषि आवश्यक है उसी तरह उद्योग भी आवश्यक है। बंगाल का मतलब ही है बिजनेस और आने वाले दिनों में कारोबार के मामले में पश्चिम बंगाल नम्बर वन बन जाएगा। उद्यमियों पर ममता बनर्जी का जादू चल गया है। कई उद्यमी पूंजी लगा रहे हैं। बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में भाग लेने के लिए पहुंचे रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया है कि उनकी कंपनी बंगाल में 5,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी। यह निवेश पेट्रोलियम और खुदरा कारोबार में किया जाएगा। दो दिवसीय समिट के उद्घाटन सत्र में अंबानी ने कहा कि यह निवेश अगले तीन सालों में होगा। राज्य में मोबाइल फोन और सेट टॉप बॉक्स के विनिर्माण के जरिये इलेक्ट्रॉनिक उद्योग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल 'बेस्ट बंगाल' बन रहा है। राज्य भारत की चोथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। राज्य में कारोबारी माहौल काफी अनुकूल है। मुकेश अंबानी ने कहा कि बंगाल की 100 फीसद आबादी इस साल दिसंबर तक जियो नेटवर्क के दायरे में आ जाएगी। इसी प्रकार जेएसडब्ल्यू समूह के प्रमुख सज्जन जिंदल ने बंगाल में 10 हजार करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जेएसडब्ल्यू समूह के ऊर्जा, सीमेंट और इस्पात आदि क्षेत्र में विस्तार के लिए यह निवेश किया जाएगा। उन्होंने ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि यहां 20 वर्षों से मैं बंगाल को देख रहा हूं पिछले कुछ समय में कई अहम सुधार हुए हैं।
इस तरह बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के पहले दिन घंटो में ही राज्य को 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। एडवेंट्स समूह ने मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क में 1,000 करोड़ रुपये के निवेश और उद्योगपति संजीव गोयनका ने एक हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। उद्योगपति सरोज पोद्दार ने भी एक हजार करोड़ व हीरानंदानी समूह ने 1,400 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है। समिट शुरू होने से पहले रात को ही गुजरात के अडानी समूह ने 10 हजार करोड़ व सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको की ओर से 4,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समिट में उद्योगपतियों को आश्वस्त करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि निवेश में बाधा डालने पर वह किसी को नहीं बख्शेंगी, अपनी पार्टी के लोगों को भी नहीं। दुनिया की प्रमुख स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के प्रमुख लक्ष्मी निवास मित्तल ने भी राज्य में निवेश का भरोसा दिया लेकिन उन्होंने निवेश का कोई आंकड़ा पेश नहीं किया। बंगाल में उद्योग व व्यापार की संभावनाएं बढ़ी हैं। बंगाल में उद्योग के लिए ढांचागत सुविधाएं मौजूद है। एक दिन पहले ही पश्चिम मेदिनीपुर जिला स्थित शालबोनी में जेएसडब्ल्यू के 800 करोड़ रुपये के सीमेंट संयंत्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया था।प्राइवेट एयरलाइन स्पाइसजेट पश्चिम बंगाल में सी प्लेन के निर्माण की संभावनाएं तलाश रही है। स्पाइसजेट के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी दुर्गापुर के पास अंडाल स्थित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से विमानों का परिचालन भी शुरू करेगी। इसके साथ ही कोलकाता से चटगांव के बीच हवाई सेवा शुरू करने की भी योजना है। सिंह ने कहा कि बंगाल में सी-प्लेन के निर्माण का केंद्र बनने की संभावनाएं हैं। यहां से गंगासागर, सुंदरवन एवं राज्य के अन्य जगहों के लिए विमान सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। इससे राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सिंह ने कहा कि कोलकाता से कई आसियान देशों के लिए भी उड़ानें शुरू की जाएंगी। राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के सचिव राजीव सिन्हा ने कहा है कि राज्य में सबसे ज्यादा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम हैं। यहां इन उद्यमों की संख्या 52,69,814 हैं। राज्य में यह निवेश को बढ़ावा देने में मदद करेगा। देश के कुल एमएसएमई उद्यमों में बंगाल की हिस्सेदारी 11.62 प्रतिशत है जो कि देश के दस शीर्ष राज्यों में सबसे ज्यादा है।

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