अफसर, सांसद, विधायक आदि के खिलाफ शिकायत दर्ज करना आसान नहीं रहेगा : सचिन पायलट

अफसर, सांसद, विधायक आदि के खिलाफ शिकायत दर्ज करना आसान नहीं रहेगा : सचिन पायलट

राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने आज विधान सभा में विवादास्पद अध्यादेश ( क्रिमिनल लॉ राजस्थान संशोधन ) को पेश कर दिया जिसके तहत अध्यादेश के माध्यम से अफसर, सांसद, विधायक जजों, मजिस्ट्रेटों और अन्य सरकारी अधिकारियों आदि के खिलाफ शिकायत दर्ज करना आसान नहीं रहेगा एवं प्रेस या सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया नहीं जायेगा।

इस विवादास्पद अध्यादेश के विरोध में कांग्रेस ने राजभवन तक रैली निकाली कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने रैली को सम्बोधित करते हुए कहा राज्य में अंधा काला कानून लाने वाली भाजपा सरकार ने आज शांति से प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ नेतागण एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया। विवादास्पद अध्यादेश के माध्यम से अफसर, सांसद, विधायक आदि के खिलाफ शिकायत दर्ज करना आसान नहीं रहेगा एवं प्रेस या सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया नहीं जायेगा। यही नहीं, उल्लंघन करने पर सज़ा का प्रावधान भी कर दिया गया है। सरकार राज्य में फैल रहे भ्रष्टाचार को संरक्षण प्रदान करना चाहती है। यह मौलिक अधिकारो का हनन भी है। भाजपा आँकड़ो के माध्यम से इस अध्यादेश का औचित्य साबित करने पर तुली हुई है परंतु इस प्रकार की दलीलें फीकी पड़ जाती है। आज मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे रातोंरात क्यूँ इसको पारित कराने पर तुली हुई है। सत्ता के घमंड में चूर और सत्ता में बरकरार रहने के लिए भाजपा इस प्रकार की शिकायतों एवं मामलों को दबाने का कार्य रही है। कांग्रेस पार्टी इसका पूरे ज़ोर के साथ विरोध करती है और जब तक सरकार झुकेगी नहीं तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा।

कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने कहा कि वसुंधरा राजे सरकार अपनी खुद के भ्रष्टाचार को छुपाना चाहते है हम राष्ट्रपति को क्रिमिनल लॉ (राजस्थान संशोधन) अधिसूचना के बारे में मेमोरेंडम पेश करेंगे।

कांग्रेसी नेता सचिन पायलट को पुलिस ने बाद में हिरासत में लेने के बाद निजी मुचलके में छोड़ दिया।

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