आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना बेहद कामयाब : डॉ. जितेन्द्र सिंह

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना बेहद कामयाब : डॉ. जितेन्द्र सिंहThe Minister of State for Development of North Eastern Region (I/C), Prime Minister’s Office, Personnel, Public Grievances & Pensions, Atomic Energy and Space, Dr. Jitendra Singh addressing the Asia Health-2019 conference, in New Delhi on October 17, 2019. The Principal Scientific Adviser to the Government of India, Prof. K. Vijay Raghavan and other dignitaries are also seen.

नई दिल्ली । पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह एक अनोखी और बेहद सफल स्वास्थ्य योजना है, जिसकी शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में की थी।






नई दिल्ली में एशिया हैल्थ-2019 सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इस योजना से अब तक 50 लाख से अधिक लोगों ने लाभ उठाया है और सरकार स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि 50 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को ध्यान में रखते हुए यह विश्व का सबसे बड़ा सरकार द्वारा वित्त पोषित स्वास्थ्य कार्यक्रम है।

भारत में स्वास्थ्य सुविधा पर उपलब्ध डाटा का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि हमें इस दिशा में बहुत कुछ करना है, क्योंकि पिछले 30-40 वर्षों के दौरान बीमारियों के रूप में परिवर्तन आ गया है। जिन रोगों के बारे में पहले नहीं सुना जाता था, वे भी अब भारत में पैदा हो गए हैं, जैसे हृदय रोग या मधुमेह आदि। उन्होंने कहा कि पहले कुछ रोग सीमित क्षेत्रों या राज्यों तक ही सिमटे रहते थे, अब वे अन्य स्थानों पर भी फैल रहे हैं। इसलिए डाटा संकलन बहुत जरूरी है।


डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत एक युवा देश है, जहां 70 प्रतिशत आबादी 40 वर्ष से कम आयु की है। यही आबादी वर्ष 2024 में भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि हमें भारत में रोगों की रोकथाम के विषय में काम करना होगा, ताकि महामारियों से छुटकारा मिल सके। यदि ऐसा न किया गया तो इस तरह के रोग बढ़ते जायेंगे।


इस अवसर पर भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजय राघवन भी उपस्थित थे।

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